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झारखंड के इस धार्मिक स्थल का रामायण से है गहरा नाता, यहां जन्मे थे राम भक्त हनुमान

Updated at : 19 Oct 2022 2:58 PM (IST)
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झारखंड के इस धार्मिक स्थल का रामायण से है गहरा नाता, यहां जन्मे थे राम भक्त हनुमान

Anjan Dham: गुमला से 20 किमी दूर आंजन धाम स्थित है, जो जंगल व पहाड़ों से घिरा है. आंजन धाम एक अति प्राचीन धार्मिक स्थल है. यहां प्रभु श्रीराम के भक्त हनुमान का जन्म हुआ था. आइये जानते हैं उससे जुड़ी बातें...

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Anjan Dham: झारखंड राज्य के सबसे उग्रवाद प्रभावित गुमला से 20 किमी दूर आंजनधाम स्थित है, जो जंगल व पहाड़ों से घिरा है. आंजन एक अति प्राचीन धार्मिक स्थल है. यहीं पहाड़ की चोटी स्थित गुफा में माता अंजनी के गर्भ से हनुमान का जन्म हुआ था. जहां आज अंजनी माता की प्रस्तर मूर्ति विद्यमान है. भगवान राम अपने भाई लक्ष्मण के साथ रुक कर स्नान किये थे. आज हम बात कर रहे हैं प्रभु श्रीराम के भक्त हनुमान जी का. जिनका जन्म व उससे जुड़े इतिहास की पूरी कहानी के बारें में…

1500 फीट से अधिक है गुफा की लंबाई

दरअसल, गुफा की लंबाई 1500 फीट से अधिक है. इसी गुफा से माता अंजनी खटवा नदी तक जाती थीं और स्नान कर लौट आती थीं. खटवा नदी में एक अंधेरी सुरंग है, जो आंजन गुफा तक जाती है. लेकिन किसी का साहस नहीं होता है, कि इस सुरंग से आगे बढ़ा जाये. क्योंकि गुफा के रास्ते खूंखार जानवर व विषैले जीव जंतु घर बनाये हुए हैं. एक जनश्रुति के अनुसार एक बार कुछ लोगों ने माता अंजनी को प्रसन्न करने के उद्देश्य से अंजनी की गुफा के समक्ष बकरे की बलि दे दी. जिससे माता अप्रसन्न होकर गुफा के द्वार को हमेशा के लिए चट्टान से बंद कर ली थी. लेकिन अब गुफा खुलने से श्रद्धालुओं के लिए यह मुख्य दर्शनीय स्थल बन गया है.

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आंजनधाम में शिव की पूजा की परंपरा

आंजन में शिव की पूजा की परंपरा प्राचीन है. अंजनी माता प्रत्येक दिन एक तालाब में स्नान कर शिवलिंग की पूजा करती थी. यहां 360 शिवलिंग व उतने ही तालाब होने की संभावना है. अंजनी माता गुफा से निकल कर हर दिन एक शिवलिंग की पूजा करतीं थी. अभी भी उस जमाने के 100 से अधिक शिवलिंग व दर्जनों तालाब साक्षात उपलब्ध है. किष्किंधा (उमड़ा गांव) से कुछ दूरी पर एक गुफा है. जब बालि ने सुग्रीव को भगा दिया, तो सुग्रीव उसी गुफा में आकर छिप गये. आज भी यह गुफा साक्षात है और इसे सुग्रीव गुफा कहा जाता है. सुग्रीव ने गुफा के अंदर अपने आवश्यक सभी वस्तुएं उपलब्ध करायी थी. गुफा के अंदर उस जमाने का बनाया गया जलकुंड भी है. वहां गुफा से दूसरे छोर पर एक सुरंग है.

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Nutan kumari

लेखक के बारे में

By Nutan kumari

Digital and Broadcast Journalist. Having more than 4 years of experience in the field of media industry. Specialist in Hindi Content Writing & Editing.

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