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डॉ शंभु प्रसाद से PLFI के नाम पर 20 लाख की लेवी मांगने वाले 4 शातिर अपराधी गिरफ्तार

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सचिव डॉ शंभु प्रसाद सिंह से नक्सली संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआइ) के नाम पर 20 लाख रुपये की लेवी मांगने के मामले में रांची पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सुरेंद्र कुमार झा के निर्देश पर रांची एवं गुमला से 4 लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है. एसएसपी ने शनिवार (21 नवंबर, 2020) को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके यह जानकारी दी.

रांची : इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सचिव डॉ शंभु प्रसाद सिंह से नक्सली संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआइ) के नाम पर 20 लाख रुपये की लेवी मांगने के मामले में रांची पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सुरेंद्र कुमार झा के निर्देश पर रांची एवं गुमला से 4 लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है. एसएसपी ने शनिवार (21 नवंबर, 2020) को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके यह जानकारी दी.

श्री झा ने बताया कि गिरफ्तार किये गये 4 आरोपियों में 3 मूल रूप से छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं. इनके नाम इश्तियाक आलम उर्फ इश्तियाक अंसारी उर्फ नागेश्वर, जुनैद आलम, मुश्ताक अंसारी और शेख अफजल हैं. छत्तीसगढ़ के रहने वाले 3 आरोपियों में 2 एक ही गांव के हैं, जबकि एक आरोपी झारखंड की राजधानी रांची का रहने वाला है. इन लोगों के पास से 7 मोबाइल फोन (सिम सहित), 2 सिम कार्ड अलग से, बोलेरो कार, 2 एटीएम कार्ड, 1 छोटी डायरी और पीएलएफआइ जनहित क्रांतिकारी दस्ता भगत जी लिखी सादा पर्ची बरामद किया गया है.

एसएसपी ने बताया कि कांके जेनरल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के मालिक और आइएमए के सचिव डॉ शंभु प्रसाद को फोन नंबर 7019148258 से एक व्हाट्सएप्प मैसेज भेजकर 20 लाख रुपये की रंगदारी की मांग की गयी थी. इस संबंध में 18 नवंबर को कांके थाना में एक केस दर्ज किया गया था. उन्होंने बताया कि इसी नंबर से कपड़ा व्यवसायी एनातउल्लाह उर्फ बबलू से भी 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गयी थी. इस संबंध में भी कांके थाना में केस दर्ज हुआ था.

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एसपी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एक टीम का गठन किया गया, जिसमें डीएसपी समेत 10 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे. इन लोगों ने रांची और गुमला से अपराधियों को धर दबोचा. उन्होंने बताया कि ये लोग गुमला और छत्तीसगढ़ के जशपुर में लूट, हत्या, अपहरण एवं रंगदारी मांगने जैसे संगीन आरोपों में जेल जा चुके हैं.

यहां बताना प्रासंगिक होगा कि रांची के एसएसपी के निर्देश पर स्पेशल टीम ने गुरुवार को गुमला जिले के झारखंड-छत्तीसगढ़ सीमा क्षेत्र में अपराध का पर्याय बन चुके इश्तियाक ऊर्फ नागेश्वर गुट के कई गुर्गों को दबोचा था. सभी को लेकर टीम रांची चली गयी. स्पेशल टीम का नेतृत्व प्रवीण तिवारी कर रहे थे. टीम ने नागेश्वर के साथ-साथ मुश्ताक उर्फ लंगड़ा उर्फ प्रदीप पासवान सहित आधा दर्जन अपराधियों को पकड़ा था.

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इश्तियाक उर्फ नागेश्वर एक दशक से गुमला जिले में छोटे-बड़े कई कारोबारियों व व्यापारियों से लेवी वसूल रहा था. आये दिन छोटे-बड़े ठेकेदारों, व्यापारियों व अन्य लोगों से लेवी की मांग करता था. इतना ही नहीं, इश्तियाक उर्फ नागेश्वर गुट व्यवसायियों का अपहरण करके उनसे भी मोटी रकम वसूलता था. गुरुवार को रांची पुलिस की टीम ने गुमला जिले में कई जगहों पर छापेमारी की. चैनपुर के लंगड़ा मोड़ सहित रांची में विभिन्न जगहों पर अपराधियों के ठिकानों पर छापामारी करके इश्तियाक के आधा दर्जन गुर्गों को धर दबोचा.

Posted By : Mithilesh Jha

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