दिनभर पेड़ के नीचे रहते हैं, रात को सेंटर में सोते हैं
प्रवासी मजदूर दिनभर पेड़ के नीचे रहते हैं और रात को सोने के लिए कोरेंटिन सेंटर में जाते हैं. यह मामला सिसई प्रखंड के स्वास्थ्य उपकेंद्र गढ़वाली में बनाये गये कोरेंटिन सेंटर का है.
गुमला : प्रवासी मजदूर दिनभर पेड़ के नीचे रहते हैं और रात को सोने के लिए कोरेंटिन सेंटर में जाते हैं. यह मामला सिसई प्रखंड के स्वास्थ्य उपकेंद्र गढ़वाली में बनाये गये कोरेंटिन सेंटर का है. इस सेंटर में 12 प्रवासी मजदूरों को रखा गया है, परंतु यहां किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं है. सिर्फ भवन है.
भवन में खाने, पीने, नहाने, धोने व गर्मी से बचने की कोई व्यवस्था नहीं है. जिस कारण सभी मजदूर गर्मी से बचने के लिए पेड़ के नीचे आश्रय लेते हैं. जब रात होने लगती है, तो सभी सेंटर में सोने जाते हैं.
सेंटर की मिनी उरांव, प्रतिमा उरांव, चंद्रमुनी उरांव, लक्ष्मी मुंडा, मंजु, कृष्णा उरांव, जोगेंद्र उरांव, विनोद, सुनील, रमेश व उनके बच्चे हैं. ये लोग त्रिपुरा से आये हैं.
गुरुवार को सेंटर मे रहते हुए 12 दिन हो गये, परंतु इन्हें सरकार व प्रशासन द्वारा किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं दी गयी है. मजदूरों ने प्रशासन से खाने, पीने व अन्य व्यवस्था बहाल करने की मांग की है.
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