पशु तस्करों ने दी एक लाख की लालच, लेकिन ग्रामीणों ने मवेशियों से भरा ट्रक पुलिस को सौंपा

ट्रक में ठूंस कर लादे गए मवेशी. फोटो: प्रभात खबर
Gumla News: गुमला में ग्रामीणों ने एक लाख के लालच को ठुकराकर मवेशियों से भरे ट्रक को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया. ट्रक से 35 गाय बरामद हुईं. कई घायल थीं. पुलिस ने वाहन जब्त कर जांच शुरू की है और तस्करी नेटवर्क की पड़ताल जारी है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.
गुमला से दुर्जय पासवान की रिपोर्ट
Gumla News: झारखंड के गुमला में पशु तस्करों ने एक लाख की लालच दी. लेकिन ग्रामीणों ने तस्करों की लालच को ठुकराते हुए ट्रक में ठूंस के लादे गये मवेशियों से भरी ट्रक को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया. यह कार्रवाई गुमला के बाइपास रोड अरमई के समीप की गई. सोमवार की सुबह गुमला के बाइपास सड़क पर उस वक्त हलचल मच गई, जब अरमई गांव के पास ग्रामीणों ने मवेशियों से ठसा-ठस भरे एक संदिग्ध ट्रक को घेर लिया. ट्रक पर छत्तीसगढ़ राज्य का नंबर प्लेट लगा था.
रांची ले जाए जा रहे थे मवेशी
मिली जानकारी के अनुसार, ट्रक में मवेशियों को ठूंस कर लादकर वध के लिए सिसई होते हुए रांची ले जाया जा रहा था. इसमें बंगाल भी मवेशियों को ले जाने की योजना थी. ग्रामीणों ने ट्रक को रोका. उसकी जांच की, तो उसमें गाय मिली. इसके बाद इसकी सूचना पुलिस को दी गई. पुलिस मौके पर पहुंची और मवेशियों से भरी ट्रक को जब्त कर उर्मी के पुलिस टीओपी ले आई. जहां जिम्मेनामा के आधार पर सभी गायों को किसानों के बीच बांट दिया गया.
ऐसे पकड़ाया मवेशी से भरा ट्रक
बताया जा रहा है कि ग्रामीणों को पहले ही इस ट्रक की भनक लग चुकी थी. जैसे ही ट्रक बाइपास से गुजरा, लोगों ने पीछा शुरू कर दिया और अरमई के पास बैरिकेडिंग कर उसे रोक लिया. मौके पर पहुंचते ही स्थिति तनावपूर्ण हो गयी. लेकिन ग्रामीण पीछे नहीं हटे. घटना की सूचना मिलते ही गुमला थाना की टीम एसआइ हेमा देवी के नेतृत्व में मौके पर पहुंची और ट्रक को कब्जे में ले लिया. इसी दौरान एक चौंकाने वाला आरोप भी सामने आया.
रांची की ओर जा रहा था ट्रक
ग्रामीणों का कहना है कि तस्करों ने ट्रक और चालक को छोड़ने के लिए एक लाख तक की पेशकश की. लेकिन लोगों ने इसे सिरे से खारिज कर दिया. बताया जा रहा है कि ट्रक छत्तीसगढ़ के लोदाम टांगरटोली से निकला था और रांची की ओर बढ़ रहा था. वहीं, ट्रक की रेकी कर रही एक कार मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया. ग्रामीणों के विरोध के चलते मवेशियों को किसी अन्य थाना ले जाने के बजाय अरमई पिकेट में ही उतारा गया. ट्रक के अंदर 35 मवेशियों को बेहद अमानवीय तरीके से ठूंसा गया था. जिनमें कई घायल हालत में मिले.
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रायडीह थाना से होकर गुजरता है ट्रक
झारखंड में गायों की तस्करी पर रोक है. इसके बाद भी रायडीह थाना के समीप से होकर इनकी तस्करी होती है. बताया जा रहा है कि हर सप्ताह छत्तीसगढ़ से गायों से भरा ट्रक निकलती है, जो झारखंड के सीमावर्ती रायडीह से होकर गुमला, रांची सहित बंगाल तक जाती है. गायों की अवैध तस्करी के इस खेल में गुमला के एक नेताजी की भूमिका संदेह में है. हालांकि, समय समय पर पुलिस गायों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते रही है. लेकिन कार्रवाई करने वाले थानेदारों को रायडीह से हटवाने का भी खेल ऊपर से होता रहा है.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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