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दिव्यांग शिक्षक ने सरकार से चार साल केस लड़ बने डिप्टी कलेक्टर

Updated at : 07 Aug 2024 9:29 PM (IST)
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दिव्यांग शिक्षक ने सरकार से चार साल केस लड़ बने डिप्टी कलेक्टर

गिरिडीह में उपसमाहर्ता का प्रशिक्षण लेंगे सिसई प्रखंड के नागफेनी निवासी माड़वारी साहू

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गिरिडीह में उपसमाहर्ता का प्रशिक्षण लेंगे सिसई प्रखंड के नागफेनी निवासी माड़वारी साहू

गुमला

. यह एक शिक्षक के संघर्ष की कहानी है. उन्होंने दिव्यांग होते हुए हार नहीं मानी और चार साल तक सरकार से न्यायिक लड़ाई लड़ने के बाद डिप्टी कलेक्टर बन गये. हम बात कर रहे हैं सिसई प्रखंड के नागफेनी गांव निवासी शिक्षक माड़वारी साहू की. किसान परिवार से आने वाले माड़वारी साहू ने कभी अपनी दिव्यांगता को अभिशाप नहीं माना और बुलंदी को छूने के लिए मेहनत कर सरकारी शिक्षक बने. इसके बाद अब डिप्टी कलेक्टर बन गये हैं. वर्ष 2006 में प्रथम सीमित परीक्षा जेपीएससी द्वारा ली गयी थी. परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायत पर परीक्षा रद्द कर दी गयी. माड़वारी साहू इस परीक्षा में भाग लिये थे और उन्हें विश्वास था कि वे सफल होंगे. परंतु परीक्षा रद्द होने के लिए कुछ दिनों के लिए वे मायूस हुए. परंतु वे हार नहीं माने और पुन: परीक्षा की तैयारी में लगे रहे. इसके बाद 50 पद के लिए यह परीक्षा पुनः जनवरी 2020 में ली गयी. परीक्षा में माड़वारी साहू पूरी तैयारी के साथ शामिल हुए, परंतु अधिक नंबर लाने के बाद भी माड़वारी साहू का चयन नहीं हुआ. इसके बाद उनकी लड़ाई सरकार से शुरू हो गयी. उन्होंने जेपीएससी के खिलाफ झारखंड उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर की. चार साल तक न्यायिक लड़ाई चली. अंततः एक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद उच्च न्यायालय के आदेश पर माड़वारी साहू का रिजल्ट को देखते हुए उन्हें सफल घोषित किया गया. इसके बाद झारखंड सरकार के कार्मिक व प्रशासनिक विभाग के सचिव प्रवीण टोप्पो ने माड़वारी साहू को उप समाहर्ता पद के लिए नियुक्ति पत्र दिया. नियुक्ति पत्र प्राप्त करते समय उनके चेहरे में जो खुशी थी, वह किसी बड़ी जंग जीतने के बराबर थी.

30 वर्ष तक सरकारी शिक्षक रहे

: नागफेनी निवासी माड़वारी साहू ने बताया कि वे 1994 में बीपीएससी की परीक्षा लिख कर शिक्षक बने. इसके बाद वे 30 वर्षों तक राजकीयकृत उत्क्रमित उवि बरगांव (सिसई) में सहायक शिक्षक पद पर रहे. सरकारी शिक्षक की सेवा देते हुए कई बार जेपीएससी की परीक्षा लिखी. अंतिम क्षणों में उन्हें जीत मिली है. उन्होंने कहा कि मैं काफी खुश हूं. मेरे परिवार व गांव के लोगों में भी खुशी है. बता दें कि माड़वारी साहू झारखंड राज्य के जाने-माने प्रसिद्ध नागपुरी कलाकार महावीर साहू के छोटे भाई हैं. महावीर साहू कई राज्यों में अपनी नागपुरी गीत प्रस्तुत कर चुके हैं.

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