अब भी क्षेत्र में घूम रहे हैं उग्रवादी
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :20 Mar 2016 8:50 AM (IST)
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बसिया के गुड़ाम मसरीबेड़ा नरसंहार के बाद दहशत है. अभी भी उग्रवादी इलाके में भ्रमणशील है. हालांकि गुमला पुलिस दो दिन से उग्रवादियों को खोजने के लिए जंगलों में भटक रही है. लेकिन उग्रवादी नहीं मिल रहे हैं. वहीं डाचूटोली के तीन मजदूरों की मौत से गांव में खौफ है. दुर्जय पासवान गुमला : बसिया […]
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बसिया के गुड़ाम मसरीबेड़ा नरसंहार के बाद दहशत है. अभी भी उग्रवादी इलाके में भ्रमणशील है. हालांकि गुमला पुलिस दो दिन से उग्रवादियों को खोजने के लिए जंगलों में भटक रही है. लेकिन उग्रवादी नहीं मिल रहे हैं. वहीं डाचूटोली के तीन मजदूरों की मौत से गांव में खौफ है.
दुर्जय पासवान
गुमला : बसिया प्रखंड के गुड़ाम मसरीबेड़ा में गुरुवार को हुए नरसंहार की घटना की योजना पीएलएफआइ ने दस मार्च को बनायी थी. पूरी तैयारी के साथ उग्रवादियों ने घटना को अंजाम दिया. इसमें किस किस व्यक्ति को मारना है. इसकी भी सूची पहले से उग्रवादियों ने बनायी थी.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उग्रवादियों की मंशा लेवी वसूलने के अलावा क्षेत्र में दहशत पैदा करना था. जिसमें उग्रवादी काफी हद तक सफल रहे हैं. बताया जा रहा है कि सुकरूड़ा में उग्रवादियों ने बैठक की थी. उस बैठक में गुड़ाम गांव के भी कुछ लोग थे. सड़क निर्माण को बंद कराने व कुछ लोगों को मारकर दहशत पैदा करने की योजना बनी. इसके बाद गुरुवार को एरिया कमांडर बादल लोहरा के नेतृत्व में दस्ता मसरीबेड़ा पहुंचा और सड़क निर्माण में लगे मजदूरों पर गोलियां बरसायी.
डर से सोनू नायक ने गांव छोड़ा :
पीएलएफआइ ने मुरगा गांव के सोनू नायक को मानव तस्कर बताते हुए उसे मारने की धमकी दी है. उग्रवादियों की इस धमकी के बाद सोनू नायक अपने पूरे परिवार के साथ गांव छोड़ दिया है. वह अपनी पत्नी, दो बच्चे व अन्य सदस्यों को लेकर कहीं छिप गया है. सोनू ने प्रभात खबर को फोन कर बताया कि वह बेकसूर है. लेकिन उग्रवादी उसे मारने के लिए खोज रहे हैं.
इसलिए उसने गांव छोड़कर गुप्त स्थान पर शरण ले लिया है. उसने बताया कि चार साल पहले भागीडेरा निवासी मोहन सिंह के दिल्ली में प्लेसमेंट एजेंसी में काम करते थे. वहां फाइल इधर उधर करने का काम मिला था. मैंने कभी किसी लड़की को दिल्ली में नहीं बेचा है.
लड़कियों को बेचने में अंजलुस उर्फ लंगड़ा का हाथ है. जिसका पीएलएफआइ के सबजोनल कमांडर गुज्जू गोप से संपर्क है. सोनू ने कहा कि एक सप्ताह पहले लोयंगा बाजार में मेरे ऊपर हमला हुआ था. उस समय मैं बच गया था. सोनू ने बताया कि मुझे साजिश के तहत फंसा कर उग्रवादियों के हाथों मरवाने का प्रयास किया जा रहा है.
उन्होंने पीएलएफआइ से जांच कर आगे की कार्रवाई करने की गुहार लगायी है. एतवा को भी निशाना बनाया गया है जो तीन वर्ष से रांची में रहकर ट्रैक्टर चला कर जीविका चला रहा है.
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