बिना सहमति सैकड़ों नाम हटाने का आरोप, महेशटिकरी में वोटरों ने प्रशासन से लगायी गुहार

Updated:
विज्ञापन

बीडीओ कार्यालय में शिकायत लेकर पहुंचे ग्रामीण| Prabhat Khabar Network

बिना जानकारी सैकड़ों वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटाने का आरोप. ग्रामीण ने की जांच और कार्रवाई की मांग.

विज्ञापन

प्रतिनिधि, बसंतराय : प्रखंड क्षेत्र के महेशटिकरी गांव स्थित मध्य विद्यालय महेशटिकरी के बूथ संख्या-09 की मतदाता सूची से सैकड़ों मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है. ग्रामीणों ने इस मामले में सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी, बसंतराय को लिखित आवेदन देकर जांच कराने की मांग की है.

आपके शहर में

विज्ञापन

ग्रामीणों का आरोप है कि महेशटिकरी गांव के संजीव कुमार रौशन ने प्रपत्र-7 दिया और उनसे हस्ताक्षर कर वापस करने की बात कही. ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया की जानकारी नहीं थी और न ही उनकी सहमति ली गयी.

नाम हटाने की हमें जानकारी ही नहीं

ग्रामीणों ने आवेदन में कहा है कि वे सभी बूथ संख्या-09 के मतदाता हैं और लंबे समय से इसी मतदान केंद्र की मतदाता सूची में उनके नाम दर्ज हैं. इसके बावजूद 26 अगस्त 2026 को प्रपत्र-7 के माध्यम से उनके नाम, ईपीआईसी नंबर और पते का उल्लेख करते हुए नाम हटाने के लिए आवेदन दिया गया.

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने स्वयं अपने नाम हटाने के लिए कोई अनुरोध नहीं किया है. ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू होने से ग्रामीणों में चिंता बढ़ गयी है.

फर्जी तरीके से प्रपत्र-7 इस्तेमाल करने का आरोप

शिकायतकर्ताओं ने आशंका जतायी है कि मतदाताओं के नाम हटाने के लिए प्रपत्र-7 का गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया है. उन्होंने प्रशासन से यह पता लगाने की मांग की है कि आवेदन किसने दिया, किस आधार पर दिया गया और नाम हटाने के लिए संबंधित प्रक्रिया का पालन किया गया या नहीं.

ग्रामीणों ने संबंधित मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया तत्काल रोकने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.

नाम कटा तो मतदान के अधिकार पर पड़ेगा असर

ग्रामीणों ने कहा कि मतदाता सूची में नाम दर्ज होना मतदान के अधिकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. यदि बिना जानकारी और उचित सत्यापन के किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से हटा दिया जाता है, तो वह चुनाव में मतदान करने के अधिकार से वंचित हो सकता है.

ग्रामीणों ने निर्वाचन विभाग से मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रत्येक आवेदन और संबंधित मतदाता का सत्यापन कराने की मांग की है.

गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने बीडीओ से मांग की है कि प्रपत्र-7 के माध्यम से किये गये आवेदनों की जांच करायी जाये और पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से नहीं हटाये जायें. साथ ही जांच में यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी या गलत तरीके से आवेदन किये जाने की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाये.

शिकायत करने वालों में नौशाद, मो. असलम, गालिब, मो. खुर्शीद आलम, असगरी खातून, अब्दुल रसीद, मो. अतीक, हारुन रसीद, मो. समीम, मो. अब्बास और मन्नान खां समेत अन्य ग्रामीण शामिल हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर मतदाता सूची में उनके नाम सुरक्षित रखने की मांग की है.


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola