कुशबिल्ला पंचायत में 20 चापाकल खराब, पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीण
दो माह पूर्व दी गई थी मरम्मत की सूची, जल्द मरम्मत कराने का विभाग ने दिया आश्वासन
बोआरीजोर प्रखंड क्षेत्र की कुशबिल्ला पंचायत में लगभग 20 चापाकल खराब पड़े होने के कारण ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है. पंचायत के कई गांवों में जलापूर्ति की समुचित व्यवस्था नहीं होने से लोगों को दूर-दराज के स्रोतों से पानी लाकर अपनी जरूरतें पूरी करनी पड़ रही हैं. जानकारी के अनुसार, कुशबिल्ला पंचायत अंतर्गत केड़ो बाजार, कुशबिल्ला, लीलातरी, कुसुमघाटी, तेलोजवदी तथा अंबाडीह सहित विभिन्न गांवों में करीब 20 चापाकल लंबे समय से खराब हैं. पंचायत के मुखिया महेंद्र किस्कू ने बताया कि पंचायत की आबादी लगभग छह हजार है और यह क्षेत्र अत्यंत सुदूर होने के साथ-साथ बरहेट विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है. उन्होंने कहा कि पंचायत के लगभग प्रत्येक गांव में तीन से चार चापाकल खराब पड़े हुए हैं. मुखिया ने बताया कि करीब दो माह पूर्व चापाकलों की मरम्मत के लिए खराब चापाकलों की सूची प्रखंड कार्यालय को उपलब्ध करा दी गयी थी, लेकिन अब तक पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गयी है. इसके कारण ग्रामीणों को पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है. उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के कारण पानी की खपत बढ़ गयी है, जबकि जलस्रोतों की कमी से लोगों की परेशानी और बढ़ गयी है. कई ग्रामीणों को दूर से पानी लाकर अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करनी पड़ रही है. इस संबंध में पीएचइडी के कनीय अभियंता अभिषेक कुमार ने बताया कि विभाग द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में मिस्त्रियों की टीम भेजकर खराब चापाकलों की मरम्मत कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही कुशबिल्ला पंचायत के विभिन्न गांवों में पहुंचकर खराब चापाकलों की मरम्मत का कार्य कराया जाएगा.
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