गिरिडीह: देवरी में विश्वकर्मा पूजा की धूम, चतरो में 50 साल पुरानी परंपरा और बैरिया में क्या है खास?

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भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा | Prabhat Khabar Network

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गिरिडीह के देवरी प्रखंड में विश्वकर्मा पूजा की धूम है. चतरो में 50 साल पुरानी परंपरा और बैरिया में मंदिर के पुनरुद्धार के साथ इस वर्ष पूजा का विशेष महत्व है. जानिए क्या है खास.

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गिरिडीह. विश्वकर्मा पूजा को लेकर देवरी प्रखंड क्षेत्र में तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं. गुरुवार को प्रखंड के विभिन्न स्थानों पर उद्योग, निर्माण और तकनीकी कार्यों से जुड़े लोगों की ओर से भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जायेगी. बुधवार को चतरो, हजरुआ और बैरिया स्थित विश्वकर्मा मंदिरों में विशेष साज-सज्जा की गयी. मंदिरों के अलावा वाहन गैराज, क्रशर प्लांट, पावर सब स्टेशन और अन्य प्रतिष्ठानों में भी पूजा को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं.

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प्रखंड क्षेत्र में दर्जनों स्थानों पर पूजा पंडाल बनाकर भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित की गयी है. पूजा को लेकर बुधवार को चतरो, मंडरो और देवरी बाजार में खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ भी देखी गयी. पूजा समितियों की ओर से पंडालों और आसपास के क्षेत्रों को सजाया गया है.

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गैराज और औद्योगिक प्रतिष्ठानों में भी तैयारी

विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर मशीनरी, वाहन और तकनीकी उपकरणों की पूजा की परंपरा है. इसे देखते हुए देवरी और रानीडीह स्थित पावर सब स्टेशन के अलावा वाहन गैराज, क्रशर प्लांट तथा अन्य प्रतिष्ठानों में भी पूजा की तैयारी की गयी है. विभिन्न स्थानों पर पंडाल बनाकर प्रतिमा स्थापित की गयी है.

स्थानीय लोगों के अनुसार, पूजा के दौरान प्रतिष्ठानों में मशीनों और उपकरणों की पूजा-अर्चना के साथ कर्मचारियों और कामगारों की भागीदारी भी रहती है. कई स्थानों पर पूजा के बाद प्रसाद वितरण की भी तैयारी की गयी है.

चतरो में करीब पांच दशक से हो रही पूजा

स्थानीय लोगों के अनुसार चतरो में भगवान विश्वकर्मा की पूजा का इतिहास करीब पांच दशक पुराना है. लोगों का कहना है कि मंदिर निर्माण से पहले से ही यहां विश्वकर्मा पूजा आयोजित होती रही है. करीब 50 वर्ष पहले विश्वकर्मा मंदिर का निर्माण कराया गया. इसके बाद से यहां लगातार पूजा-अर्चना का आयोजन होता आ रहा है.

पुरानी परंपरा के कारण चतरो का विश्वकर्मा पूजा आयोजन स्थानीय लोगों के लिए विशेष महत्व रखता है. हर वर्ष आसपास के लोग पूजा में शामिल होने पहुंचते हैं.

बैरिया में मंदिर का पुनरुद्धार, नयी प्रतिमा का अनावरण

बैरिया के मिश्रा टोला में विश्वकर्मा समाज की ओर से करीब 50 वर्षों से पूजा का आयोजन किया जा रहा है. इस वर्ष विश्वकर्मा मंदिर का पुनरुद्धार कराया गया है. गुरुवार को नवस्थापित प्रतिमा की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ उसका अनावरण किया जायेगा.

इसके लिए सात दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान का आयोजन भी किया गया है. पूजा और अनावरण कार्यक्रम को लेकर स्थानीय लोगों में उत्साह है. आयोजन को सफल बनाने में रामेश्वर विश्वकर्मा, राजकिशोर विश्वकर्मा, छत्रधारी विश्वकर्मा, सुनील विश्वकर्मा, अजीत विश्वकर्मा, अनिल विश्वकर्मा, सुधीर विश्वकर्मा, अशोक विश्वकर्मा, राजेश विश्वकर्मा, प्रदीप विश्वकर्मा, संदीप विश्वकर्मा, गणेश विश्वकर्मा, पूरन विश्वकर्मा, सुखदेव विश्वकर्मा, लक्ष्मण विश्वकर्मा, रामधनी विश्वकर्मा समेत अन्य लोग सहयोग कर रहे हैं.

विश्वकर्मा पूजा को लेकर देवरी क्षेत्र में बुधवार तक अधिकांश तैयारियां पूरी कर ली गयीं. गुरुवार को विभिन्न पूजा स्थलों पर विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की जायेगी.

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