चाय की दुकान संभाल रहा था पिता, तभी आई एक खबर और 4 घंटे तक टकटकी बांधे देखता रहा नदी की लहरें
मृतक आदित्य कुमार के पिता विक्की बरनवाल की बंद पड़ी चाय की दुकान | Prabhat Khabar Network
गिरिडीह के मेढ़ो स्थित जयंती नदी में नहाने गए पांच किशोरों में से तीन की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई. आदित्य बरनवाल का शव सबसे आखिर में मिला, जिसे देखकर पिता बदहवास हो गए.
गिरिडीह. मंगलवार की शाम करीब चार बजे 14 वर्षीय आदित्य बरनवाल ने अपने पिता विक्की बरनवाल से दोस्तों के साथ नदी में नहाने जाने की बात कही और घर से निकल गया. उस समय विक्की अपनी चाय की दुकानदारी में व्यस्त था. बेटे की बात पर उन्होंने तत्काल ध्यान नहीं दिया. कुछ देर बाद मेढ़ो स्थित जयंती नदी में पांच किशोरों के पहुंचने और उनमें से तीन के डूबने की खबर मिली, तो विक्की बदहवास होकर घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े. इसके बाद करीब चार घंटे तक वह नदी किनारे बेटे के सुरक्षित मिलने की उम्मीद में बैठे रहे.
तीन किशोरों की डूबने से हुई मौत
बताया गया कि गांडेय के पांच किशोर मंगलवार शाम घर से घूमने की बात कहकर मेढ़ो स्थित जयंती नदी पहुंचे थे. वहां सभी नदी में नहाने लगे. इसी दौरान तीन किशोर गहरे पानी में चले गये और डूबने लगे. साथ मौजूद दो किशोरों ने घटना की जानकारी देने के बजाय वहां से निकलकर लोगों को सूचना दी. हादसे में 12 से 14 वर्ष की उम्र के तीन किशोरों की मौत हो गयी.
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घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों के साथ पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची. अंधेरा होने और नदी में पानी की गहराई के कारण शवों की तलाश में परेशानी हुई. बाद में गोताखोरों की मदद से खोज अभियान चलाया गया.
सबसे आखिर में निकला आदित्य का शव
शवों की तलाश के दौरान नदी किनारे आदित्य के पिता विक्की बरनवाल की नजरें लगातार पानी की ओर लगी थीं. ग्रामीणों के अनुसार, वह बेटे की एक झलक पाने के लिए बेचैन थे. आसपास मौजूद लोग उन्हें ढांढस बंधाते रहे. करीब चार घंटे तक चले अभियान में गोताखोरों ने एक-एक कर तीनों किशोरों के शव बाहर निकाले. आदित्य का शव सबसे आखिर में बरामद हुआ.
बेटे का शव सामने आने के बाद विक्की बदहवास हो गये. घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीण भी भावुक हो उठे. परिजनों के रोने-बिलखने से माहौल गमगीन हो गया.
चाय की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं विक्की
विक्की बरनवाल मूल रूप से चास, बोकारो के रहने वाले हैं. करीब सात-आठ वर्ष पहले वह सरकारी शराब दुकान में सेल्समैन के तौर पर काम करते थे. नौकरी छूटने के बाद वह परिवार के साथ गांडेय में आकर रहने लगे. वर्तमान में वह जमुना ठाकुर के किराये के मकान में रहकर चाय की दुकान चलाते थे. इसी दुकान की आमदनी से परिवार का भरण-पोषण होता था.
विक्की के दो बेटे हैं. बड़ा बेटा आदित्य बरनवाल संत मारिया विद्यालय, खोरी महुआ में पढ़ता था. हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. जिस चाय की दुकान से परिवार की रोजी-रोटी चलती थी, उसका शटर भी घटना के बाद बंद रहा. घर और दुकान दोनों जगह मातम पसरा है.
नदी में नहाने गये थे पांच किशोर
मंगलवार की शाम पांच किशोरों के नदी तक पहुंचने और तीन के डूबने की घटना ने इलाके के लोगों को झकझोर दिया है. स्थानीय लोगों के अनुसार, नदी में नहाने के दौरान पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाने के कारण हादसा हुआ. प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से देर शाम तक चले अभियान के बाद तीनों शव बरामद किये गये. घटना के बाद ग्रामीणों ने बच्चों को गहरे पानी वाले स्थानों पर जाने से रोकने और ऐसे स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत पर जोर दिया.
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