5 करोड़ की सड़क में अनियमितता का आरोप, ग्रामीणों का विरोध; संवेदक ने लगाया रंगदारी मांगने का आरोप

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कार्य का विरोध करते ग्रामीण | Prabhat Khabar Network

खरखरी मुख्य मार्ग से जुठहाआम मोड़ तक 5 करोड़ की लागत से बन रही सड़क पर अनियमितता के आरोप लगे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि कमजोर पत्थर और कम खुदाई से निर्माण हो रहा है, जबकि संवेदक ने काम रुकवाने और रंगदारी मांगने का आरोप लगाया है.

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बिरनी प्रखंड के खरखरी मुख्य मार्ग से जुठहाआम मोड़ तक करीब चार किलोमीटर सड़क का मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लगभग पांच करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कराया जा रहा है. निर्माण कार्य में कथित अनियमितता को लेकर खरखरी के ग्रामीण लगातार विरोध कर रहे हैं. वहीं, ग्रामीणों के विरोध के बाद संवेदक अनिल सिंह के मुंशी गजेंद्र कुमार सिंह ने बिरनी थाना में आवेदन देकर सात नामजद समेत 15 महिलाओं व अन्य लोगों पर रंगदारी मांगने का आरोप लगाया है. आवेदन मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुटी है.

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संवेदक ने लगाया काम रोकने और रंगदारी मांगने का आरोप

संवेदक अनिल सिंह का आरोप है कि खरखरी के ग्रामीण निर्माण कार्य में बाधा डाल रहे हैं और जबरन काम रुकवा रहे हैं. उन्होंने कहा कि ग्रामीण मजदूरों के साथ मारपीट करने की धमकी दे रहे हैं और रंगदारी के रूप में पैसे की मांग की जा रही है. इसी से परेशान होकर उनके मुंशी के माध्यम से थाना में आवेदन दिया गया है.

ग्रामीण बोले- कमजोर पत्थर से हो रहा निर्माण

दूसरी ओर, ग्रामीण फुलेंद्र राय, कैलाश पांडेय, हीरामणि रविदास, सुरेंद्र पांडेय, प्रकाश पंडित, रामकिशुन दास, वचनदेव बैठा, प्रकाश राणा, दामोदर बैठा समेत अन्य ने सड़क निर्माण में गुणवत्ता से समझौता करने का आरोप लगाया है. ग्रामीणों का कहना है कि बेहतर गुणवत्ता वाले पत्थरों की जगह कमजोर और सफेद बोल्डर का इस्तेमाल किया जा रहा है.

ग्रामीणों के अनुसार सड़क के दोनों किनारों पर तकनीकी मानक के अनुसार करीब दो फीट गहरी खुदाई की जानी चाहिए, लेकिन महज आठ इंच तक खुदाई कर काम पूरा करने की औपचारिकता की जा रही है. उनका कहना है कि पिछले तीन महीने से निर्माण में कथित गड़बड़ी की शिकायत की जा रही है, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ.

अधिकारी के जाने के बाद फिर शुरू हो जाती है अनियमितता : ग्रामीण

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी स्थल पर पहुंचकर संवेदक को सही तरीके से काम करने की हिदायत देते हैं, लेकिन अधिकारियों के लौटने के बाद फिर से कथित अनियमितता शुरू हो जाती है. इससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ रहा है.

ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने सड़क निर्माण के लिए अपनी जमीन दी है, ताकि गांव में बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध हो सके. उनका कहना है कि जब तक गुणवत्तापूर्ण निर्माण नहीं होता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा. साथ ही ग्रामीणों ने रंगदारी के आरोप की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है.

कनीय अभियंता ने संवेदक को लगायी फटकार

ग्रामीण विकास विभाग के कनीय अभियंता शमशाद ने बताया कि ग्रामीणों को सड़क निर्माण से संबंधित प्राक्कलन की जानकारी दी गयी है. उन्होंने कहा कि बीते शनिवार को साइट का निरीक्षण किया गया था. वहां अनियमितता मिलने पर संवेदक को फटकार लगायी गयी और सही तरीके से काम करने का निर्देश दिया गया.

कनीय अभियंता ने संवेदक की ओर से ग्रामीणों पर रंगदारी मांगने के आरोप को गलत बताया. उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को समझाने के बाद वे संतुष्ट दिखे थे, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों के लौटने के बाद फिर अनियमितता शुरू हो जाती है.

पुलिस को मिला आवेदन, जांच शुरू

बिरनी थाना प्रभारी आकाश भारद्वाज ने बताया कि सड़क निर्माण करा रहे संवेदक अनिल सिंह के स्टाफ गजेंद्र कुमार सिंह की ओर से आवेदन मिला है. इसमें सात नामजद समेत 15 महिलाओं व अन्य लोगों पर रंगदारी मांगने का आरोप लगाया गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.


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