एक ओर वन महोत्सव, दूसरी ओर हाथियों का तांडव; बगोदर में 17 दिनों से ग्रामीण बेहाल

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वन महोत्सव मनाने पहुंचे अधिकारियों का दल | Prabhat Khabar Network

बगोदर वन प्रक्षेत्र पिछले 17 दिनों से हाथियों के झुंड के उत्पात से बेहाल है. हाथियों ने गांवों में फसलों और घरों को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. मुआवजे में देरी और वन विभाग की निष्क्रियता ने नाराजगी को और बढ़ा दिया है.

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बगोदर वन प्रक्षेत्र में पिछले 17 दिनों से हाथियों के झुंड का उत्पात जारी है. हाथियों के झुंड ने अटका पूर्वी पंचायत के लक्षीबागी, अडवारा, मुंडरो, गम्हरिया, दोंदलो, वनपुरा, डोरियो और औरा पंचायत के औरा, पथलडीहा, पोखरिया, पोचरी, खेतको समेत कई गांवों में फसलों को नुकसान पहुंचाया है. ग्रामीणों के अनुसार अब तक 150 से अधिक किसानों की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं, जबकि कई घरों को भी नुकसान पहुंचा है. शनिवार रात दोंदलो पंचायत के खरीटोंगरी व पोखरियाडीह टोला में हाथियों के झुंड ने भोला महतो के खपरैल मकान को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया.

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वन महोत्सव मानाने पहुंचे अधिकारियों का दल  टूटे हुए घर के पास खड़ी महिला  हाथियों की झुंड की तस्वीर  | Prabhat Khabar Network
टूटे हुए घर के पास खड़ी महिला | Prabhat Khabar Network

लगातार हाथियों के गांवों में पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. लोगों का आरोप है कि वन विभाग हाथियों को भगाने और प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अब तक कोई ठोस पहल नहीं कर सका है. वहीं हाथियों से फसल और घरों को हुए नुकसान का मुआवजा भी कई प्रभावित किसानों को अब तक नहीं मिला है.

बच्चों को लेकर भागकर बचायी जान

गृह स्वामिनी पनवा देवी ने बताया कि शनिवार रात करीब 10 बजे परिवार के लोग खाना बना रहे थे. इसी दौरान करीब 10 हाथियों का झुंड गांव में पहुंच गया. हाथियों को देखकर परिवार के लोग तीन-चार बच्चों को लेकर घर से बाहर भागे. उन्होंने कहा कि समय रहते घर से निकल जाने के कारण उनकी जान बच सकी. इसके बाद हाथियों ने खपरैल मकान को क्षतिग्रस्त कर दिया.

ग्रामीणों के अनुसार हाथियों के लगातार गांवों में पहुंचने से शाम होते ही लोग घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं. शनिवार शाम करीब छह बजे हाथियों का झुंड दोंदलो पंचायत के पड़रिया स्थित तालाब में पहुंच गया और वहां नहाने लगा. इसके बाद ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गयी.

वन महोत्सव मानाने पहुंचे अधिकारियों का दल  टूटे हुए घर के पास खड़ी महिला  हाथियों की झुंड की तस्वीर | Prabhat Khabar Network
तालाब में नहाते हुए हाथियों का झुंड | Prabhat Khabar Network

जान जोखिम में डाल हाथियों को भगाने की कोशिश

हाथियों को गांव और खेतों से दूर रखने के लिए स्थानीय ग्रामीण खुद ही प्रयास कर रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि फसल और घरों को बचाने के लिए उन्हें अपनी जान जोखिम में डालकर हाथियों को भगाना पड़ रहा है. लगातार हाथियों की मौजूदगी के कारण किसी बड़ी घटना की आशंका भी बनी हुई है.

मुआवजा नहीं मिलने से किसानों में नाराजगी

ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के मौजूदा उत्पात से हुए नुकसान का मुआवजा तो दूर, पूर्व में हाथियों द्वारा किये गये नुकसान की क्षतिपूर्ति भी कई किसानों को अब तक नहीं मिली है. अटका, डोरियो और मुंडरो के कई किसान मुआवजे की प्रतीक्षा कर रहे हैं. किसानों ने वन विभाग से नुकसान का तत्काल आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है.

घिरे हुए घर की तस्वीर  देखने के लिए पहुंचे गांव के लोगों की तस्वीर | Prabhat Khabar Network
क्षतिग्रस्त फसल के पास जुटे ग्रामीणों की भीड़ | Prabhat Khabar Network

वन विभाग पर लापरवाही का आरोप

बगोदर उप प्रमुख हरेंद्र कुमार सिंह ने वन विभाग पर उदासीनता और लापरवाही का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि अधिकारियों को वन महोत्सव आयोजित करने का समय मिल रहा है, लेकिन 16-17 दिनों से हाथियों के कारण जारी तबाही का जायजा लेने और प्रभावित परिवारों की स्थिति देखने का समय नहीं है. उन्होंने कहा कि शनिवार को घर क्षतिग्रस्त होने की घटना के बाद भी वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा नहीं ले सके.

ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ने, प्रभावित गांवों में निगरानी बढ़ाने, क्षतिग्रस्त घरों और फसलों का आकलन कराने तथा लंबित मुआवजे का भुगतान जल्द करने की मांग की है.


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