जलस्तर घटते ही बेंगाबाद में धड़ल्ले से बालू का अवैध उठाव, रोज दौड़ रहे 100 से अधिक ट्रैक्टर

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उसरी नदी घाट से बालू उठाव करते लोग

बेंगाबाद में नदियों का जलस्तर घटते ही बालू माफिया सक्रिय हो गए हैं। रोजाना 100 से अधिक ट्रैक्टरों से अवैध बालू का उठाव कर गिरिडीह और बिहार भेजा जा रहा है।

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बारिश थमने और नदियों का जलस्तर घटते ही बेंगाबाद में बालू के अवैध कारोबार ने फिर रफ्तार पकड़ ली है. नदी घाटों में पानी कम होने का फायदा उठाकर बालू कारोबारी ट्रैक्टरों के जरिये धड़ल्ले से बालू का उठाव कर रहे हैं.

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स्थानीय स्तर पर रोजाना सौ से अधिक ट्रैक्टरों से विभिन्न घाटों से बालू उठाये जाने की चर्चा है. यहां से इसे गिरिडीह, गांडेय समेत आसपास के क्षेत्रों में ऊंची कीमतों पर खपाया जा रहा है.

चित्र n 6,7 उसरी नदी घाट से बालू उठाव करती ट्रैक्टर और वन विभाग की जमीन पर बना रास्ता | Prabhat Khabar Network
चित्र n 6,7 उसरी नदी घाट से बालू उठाव करती ट्रैक्टर और वन विभाग की जमीन पर बना रास्ता | Prabhat Khabar Network

साहब एसआइआर में बिजी, इधर बालू तस्करों की चांदी

बताया जाता है कि प्रशासन के एसआइआर कार्य में व्यस्त रहने का फायदा उठाकर धंधेबाज सक्रिय हो गये हैं. एक ही ट्रैक्टर से दिन में कई फेरे लगाकर बालू ढोया जा रहा है. इससे न सिर्फ सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि नदी घाटों के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण पर भी असर पड़ रहा है.

उसरी घाट पर बालू घटा तो मोतीलेदा में बढ़ी सक्रियता

पचंबा थाना क्षेत्र के बनखंजो स्थित उसरी नदी घाट पर बालू की कमी के बाद धंधेबाजों की नजर बेंगाबाद के मोतीलेदा स्थित उसरी नदी घाट पर है. यहां उसरी और चोरगाता नदी का संगम होने के कारण बालू की गुणवत्ता बेहतर बतायी जाती है.

निर्माण कार्यों में मांग अधिक होने के कारण गिरिडीह शहर से भी ट्रैक्टर लेकर कारोबारी यहां पहुंच रहे हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार, मोतीलेदा से रोज दर्जनों ट्रैक्टर बालू गिरिडीह शहर और गांडेय जा रहा है. दूरी के हिसाब से एक ट्रैक्टर बालू की आपूर्ति करीब 2500 से 3000 रु में की जा रही है.

पतरो नदी से बिहार तक पहुंच रहा बालू

झारखंड-बिहार सीमा से होकर गुजरने वाली पतरो नदी के गेनरो और लुप्पी घाटों पर भी अवैध उठाव तेज होने की बात सामने आ रही है. यहां ट्रैक्टर के साथ हाइवा से भी बालू बिहार भेजे जाने की चर्चा है. स्थानीय धंधेबाजों के बिहार के बालू कारोबारियों से संपर्क के जरिये यह धंधा चलने की बात कही जा रही है.

वनभूमि पर ट्रेंच भरकर बना दिया रास्ता

मोतीलेदा घाट से बालू उठाने के बाद वन विभाग की जमीन से होकर मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए ट्रेंच भरकर कच्चा रास्ता बना दिया गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इसके बावजूद अब तक वन विभाग की ओर से कार्रवाई नहीं हुई है.

हालांकि, सीओ सफी आलम समय-समय पर अवैध बालू परिवहन के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं. चार ट्रैक्टर पकड़े जा चुके हैं और जुर्माने के लिए विभाग को रिपोर्ट भेजी गयी है. बावजूद इसके अवैध उठाव पर पूरी तरह रोक नहीं लगायी जा सकी है.

जल्द ही होगी कार्रवाई

सीओ अंचल अधिकारी सफी आलम ने बताया कि अवैध बालू उठाव की सूचना मिली है. जल्द ही छापेमारी कर ट्रैक्टरों से हो रहे अवैध परिवहन के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. वन विभाग की ओर से भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.


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