पुलिस सूत्रों ने बताया कि बुधवार सुबह सूचना मिली कि ओवरब्रिज के पास कुछ युवक बैठकर ऑनलाइन ठगी की योजना बना रहे हैं. साइबर थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और इलाके की घेराबंदी की. जैसे ही अपराधियों को पुलिस की भनक लगी, वे जंगल की ओर भागने लगे. जवानों और अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए सभी को खदेड़कर पकड़ लिया.
कॉल कर व ऑनलाइन लिंक भेज हासिल करते थे बैंक डिटेल्स
पुलिस ने मौके से 10 से अधिक मोबाइल, कई सिम कार्ड, एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक और ठगी में इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किये हैं. ये अपराधी कॉल कर और ऑनलाइन लिंक भेज लोगों से बैंक डिटेल्स हासिल कर खातों से रुपये उड़ा लेते थे. बुधवार को साइबर थाना प्रभारी रामेश्वर भगत के नेतृत्व में गठित टीम ने प्रतिबिंब पोर्टल और गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर इन अपराधियों को दबोचा. सभी आरोपियों से पूछताछ चल रही है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ये किस गिरोह से जुड़े हैं, अब तक किन-किन राज्यों में ठगी की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं और ये लोगों को कैसे ठगते थे.प्रारंभिक पूछताछ में मिलीं कई अहम जानकारियां
प्रारंभिक पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं. पूछताछ में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार अपराधी एक संगठित नेटवर्क के तहत काम करते थे और गिरिडीह, देवघर व जामताड़ा के अलग-अलग इलाकों से ठगी की घटनाओं को अंजाम देते थे. पुलिस इन गिरफ्तार आरोपियों से मिले इनपुट के आधार पर अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की तैयारी कर रही है.
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