औरा-पोखरिया में 13 दिन से हाथियों का कहर, खेत-खलिहान तबाह; ग्रामीण आक्रोशित
पोचरी जंगल में विचरण करता हाथी | Prabhat Khabar Network
बगोदर के औरा-पोखरिया इलाके में 25 हाथियों के झुंड ने 13 दिनों से किसानों की नींद उड़ा रखी है. फसलों की बर्बादी और लगातार हो रहे नुकसान से ग्रामीण आक्रोशित हैं. ग्रामीणों ने वन विभाग से स्थायी समाधान और तत्काल मुआवजे की मांग की है.
बगोदर वन क्षेत्र के औरा-पोखरिया इलाके में करीब 25 हाथियों के झुंड ने लगातार 13 दिनों से किसानों की परेशानी बढ़ा रखी है. झुंड के लगातार एक गांव से दूसरे गांव पहुंचने और खेतों में फसल रौंदने से किसानों को भारी नुकसान हो रहा है. लगातार हो रहे नुकसान के बावजूद स्थायी समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है.
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पथलडीहा और दामा में तोड़ी चाहरदीवारी, फसलें रौंदी
मंगलवार देर रात हाथियों का झुंड दोंदलो इलाके से होते हुए औरा पंचायत के पथलडीहा और दामा गांव पहुंचा. रात करीब 10 बजे हाथियों ने कई किसानों की चाहरदीवारी तोड़ दी. इसके बाद वन विभाग के कर्मियों और ग्रामीणों ने मशाल जलाकर झुंड को गांव से दूर भगाने का प्रयास किया. काफी मशक्कत के बाद हाथियों को वहां से खदेड़ा जा सका.
इस दौरान दामा गांव में हाथियों ने कई किसानों के मकई के खेतों को रौंदकर फसल बर्बाद कर दी. इसके बाद झुंड बगोदर वन क्षेत्र के पोखरिया और पोचरी इलाके में पहुंच गया.
केले के पेड़ उखाड़े, सब्जियों को भी नुकसान
पोखरिया और पोचरी में भी हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया. झुंड ने कई किसानों की फसलें बर्बाद करने के साथ केले के पेड़ उखाड़ दिये. पोचरी निवासी डेगो मंडल की बारी में लगी सब्जियों और केले की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है.

किसान बोले-स्थायी समाधान के साथ मिले मुआवजा
हाथियों के लगातार उत्पात से किसानों की मेहनत पर पानी फिर रहा है. ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों के झुंड को नियंत्रित करने के लिए स्थायी और प्रभावी कदम उठाने की मांग की है. साथ ही प्रभावित किसानों के नुकसान का आकलन कर जल्द मुआवजा देने की मांग की गयी है.
उत्पात से हुए नुकसान का जायजा लेने पंचायत समिति सदस्य गौतम कुमार और इस्तियाक अंसारी भी प्रभावित इलाकों में पहुंचे. उन्होंने किसानों से नुकसान की जानकारी ली और विभागीय अधिकारियों से पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की. ग्रामीणों ने हाथियों के आतंक से तत्काल राहत दिलाने की मांग की है.
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