तिसरी में कंस्ट्रक्शन कंपनी के मुंशी के अपहरण-हत्या का खुलासा, चार गिरफ्तार; प्रोजेक्ट मैनेजर पर साजिश का आरोप
प्रेस वार्ता कर जानकारी देते एसपी डॉ बिमल कुमार
गिरिडीह में एचएनसी कंपनी के मुंशी मंजेश कुमार की हत्या का खुलासा हुआ है. पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि प्रोजेक्ट मैनेजर अभी फरार है.
गिरिडीह. तिसरी थाना क्षेत्र के खटपोंख स्थित बाघमारी मोड़ के पास से एचएनसी कंस्ट्रक्शन कंपनी के मुंशी मंजेश कुमार के अपहरण और हत्या के मामले में गिरिडीह पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर बिहार के चिहरा थाना क्षेत्र स्थित पिपरातरी जंगल से मंजेश कुमार का शव बरामद किया है.
गिरफ्तार आरोपियों में देवघर जिले के खिजुरिया निवासी इम्तियाज अंसारी, बिहार के मुजफ्फर निवासी शिव कुमार, तिसरी निवासी पिंटू कुमार यादव और धनवार थाना क्षेत्र के नावागढ़चट्टी निवासी राजेश कुमार सिंह शामिल हैं.
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बुधवार को गिरिडीह एसपी डॉ बिमल कुमार ने अपने कार्यालय में प्रेसवार्ता कर मामले की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि छह सितंबर को बाघमारी मोड़ के पास से मंजेश कुमार के अपहरण की सूचना पुलिस को मिली थी. मंजेश के भाई गौतम कुमार के आवेदन पर तिसरी थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी.
एसआईटी ने तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने अपहृत मुंशी की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए खोरीमहुआ एसडीपीओ अमरेन्द्र कुमार के नेतृत्व में एसआईटी गठित की. टीम ने तकनीकी और अन्य माध्यमों से जांच शुरू की.
जांच के दौरान मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया. पूछताछ और उनकी निशानदेही के आधार पर पुलिस ने बिहार के चिहरा थाना क्षेत्र के पिपरातरी जंगल से मंजेश कुमार का शव बरामद किया.
डीजल और काम में हस्तक्षेप को लेकर विवाद का दावा
एसपी के अनुसार, पुलिस पूछताछ में सामने आया कि एचएनसी कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर उपेंद्र चौधरी और मुंशी मंजेश कुमार के बीच काम में हस्तक्षेप और डीजल समेत अन्य खर्चों को लेकर विवाद चल रहा था. पुलिस के अनुसार, इसी विवाद को लेकर मंजेश के अपहरण और हत्या की साजिश रची गयी.
एसपी ने बताया कि पूछताछ में प्रोजेक्ट मैनेजर उपेंद्र चौधरी, गिरफ्तार आरोपी पिंटू कुमार यादव और उनके अन्य सहयोगियों की भूमिका सामने आयी है. पुलिस के अनुसार, मामले में प्रोजेक्ट मैनेजर भी आरोपी है और फिलहाल फरार है. उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है.
बाइक, खून लगा पत्थर, डंडा और तीन मोबाइल बरामद
पुलिस ने जांच के दौरान घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल, खून लगा पत्थर, सखुआ का डंडा और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं. पुलिस ने बरामद सामान को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है. इन सामग्रियों के आधार पर पुलिस घटनाक्रम और आरोपियों की भूमिका से जुड़ी कड़ियों को जोड़ रही है.
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छापेमारी दल का नेतृत्व खोरीमहुआ एसडीपीओ अमरेन्द्र कुमार ने किया. टीम में गावां अंचल कैंप-तिसरी के पुलिस निरीक्षक रोहित कुमार महतो, तिसरी थाना प्रभारी शम्भू नंद ईश्वर, घोड़थंभा ओपी प्रभारी धर्मेन्द्र कुमार, राजधनवार थाना प्रभारी ब्रजेश कुमार, गावां थाना के एसआई सतीश कुमार, देवरी थाना के एसआई रिशु कुमार सिन्हा, आरक्षी-51 शशिकांत कुशवाहा, तकनीकी शाखा के आरक्षी-1268 जोधन कुमार समेत तिसरी थाना के सशस्त्र बल शामिल थे.
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