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पुरानी बाजार में पार्किंग की व्यवस्था नहीं, जाम से जूझते हैं व्यापारी व ग्राहक

Updated at : 16 Nov 2025 7:33 PM (IST)
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पुरानी बाजार में पार्किंग की व्यवस्था नहीं, जाम से जूझते हैं व्यापारी व ग्राहक

बाजार में नमक से लेकर सोने-चांदी तक का है बड़ा कारोबार

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बाजार में नमक से लेकर सोने-चांदी तक का है बड़ा कारोबार जितेंद्र सिंह, गढ़वा गढ़वा जिला मुख्यालय स्थित पुरानी बाजार जिले की सबसे बड़ी और सबसे व्यस्त व्यापारिक मंडी मानी जाती है. यहां लोहा, सोना-चांदी, कपड़ा, बर्तन, गुड़-गला और अनाज समेत विभिन्न वस्तुओं का व्यापार होता है. न केवल गढ़वा जिले से, बल्कि छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के अन्य हिस्सों से भी बड़ी संख्या में व्यापारी और ग्राहक प्रतिदिन यहां खरीदारी के लिए पहुंचते हैं, लेकिन इतनी बड़ी मंडी होने के बावजूद पार्किंग की समस्या यहां की सबसे बड़ी परेशानी बनी हुई है. संकरी गलियों और अव्यवस्थित यातायात व्यवस्था के कारण बाजार में रोजाना जाम की स्थिति बनी रहती है. फोर व्हीलर वाहनों का प्रवेश लगभग असंभव हो गया है, वहीं टू व्हीलर चालकों को भी पार्किंग स्थल के अभाव में भारी परेशानी झेलनी पड़ती है. स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि व्यवस्थित पार्किंग न होने से व्यापार पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है. कई ग्राहक वाहन खड़ा करने में असुविधा के कारण अन्य स्थानों का रुख करने लगे हैं. व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द पार्किंग की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाये, ताकि व्यापारिक माहौल बेहतर हो सके. पार्किंग स्थल विकसित करने की मांग पुरानी बाजार गढ़वा की आर्थिक धड़कन कही जाती है, लेकिन पार्किंग की समस्या अब विकराल रूप ले चुकी है. स्थानीय व्यापारी वर्ग ने जिला प्रशासन से व्यवस्थित पार्किंग स्थल विकसित करने की मांग की है, ताकि जाम की समस्या से राहत मिल सके और बाजार की रौनक कायम रहे. पार्किंग नहीं होने से पड़ रहा असर : कैलाश कश्यप पूजा सामग्री की दुकान चलाने वाले कैलाश कश्यप ने बताया कि उनकी दुकान कई दशक पुरानी है. उन्होंने कहा कि बाजार क्षेत्र में दोपहिया वाहनों के लिए भी कोई पार्किंग स्थल नहीं है. ग्राहक मजबूरन गाड़ियां जहां-तहां खड़ी कर देते हैं, जिससे आये दिन जाम और झगड़े की स्थिति बनती है. इससे व्यवसाय पर भी असर पड़ता है. 18 वर्ष बाद भी पार्किंग नहीं होना दुखद : ज्योति केसरी बर्तन व्यवसायी ज्योति प्रकाश केसरी ने कहा कि नगर परिषद बने 18 वर्ष बीत गये, लेकिन अब तक पार्किंग की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की जा सकी है. उन्होंने कहा कि प्रतिदिन सैकड़ों लोग खरीदारी करने आते हैं, परंतु वाहन दूर छोड़ना पड़ता है. यह स्थिति प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है. मरीजों को भी होती है दिक्कत : डॉ. पातंजलि केसरी पुरानी बाजार स्थित क्लिनिक के संचालक डॉ पातंजलि केसरी ने बताया कि पिछले पांच दशकों से उनका क्लिनिक इसी क्षेत्र में संचालित है. उन्होंने कहा कि इलाज कराने आनेवाले मरीजों को वाहन खड़ा करने की समस्या होती है. दोपहिया वाहन किसी तरह बाजार में घुस जाते हैं, लेकिन चारपहिया वाहन आते ही जाम लग जाता है. कई मरीज वाहन बाहर छोड़कर पैदल क्लिनिक तक पहुंचते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Akarsh Aniket

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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