रोजगार प्राप्त करनेवाले नहीं, रोजगार सृजन करनेवाले बनें विद्यार्थी-दिनेश प्रसाद सिंह

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संबोधित करते दिनेश प्रसाद सिंह | Prabhat Khabar Network

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गढ़वा के विवि में कुलाधिपति दिनेश प्रसाद सिंह ने विद्यार्थियों को केवल डिग्री लेने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजन करने वाला बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने विश्वविद्यालय की तीन वर्षों की प्रगति और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला।

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गढ़वा. बाबू दिनेश सिंह विश्वविद्यालय में आयोजित प्रथम दीक्षांत समारोह में बोलते हुए संस्थान के कुलाधिपति दिनेश प्रसाद सिंह ने कहा कि अपने स्थापना के महज तीन वर्षों में यह विश्वविद्यालय शिक्षा, शोध, नवाचार और कौशल विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है.

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उनका उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें ज्ञान, संस्कार, अनुशासन, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी से युक्त नागरिक बनाना है. उन्होंने कहा कि वे विश्वविद्यालय को बंद कर देंगे, लेकिन फर्जी डिग्री नहीं बाटेंगे. वे चाहते हैं कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी केवल रोजगार प्राप्त करने वाले नहीं, बल्कि रोजगार का सृजन करने वाले बनें.

शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब विद्यार्थी ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज और मानवता के कल्याण के लिए करें. उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय झारखंड के ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है.

लगभग 100 एकड़ के ग्रीन कैंपस में विभिन्न संकायों और महाविद्यालयों के माध्यम से चिकित्सा, नर्सिंग, शिक्षा, विज्ञान, कृषि, फार्मेसी, इंजीनियरिंग, सूचना प्रौद्योगिकी, प्रबंधन और कानून सहित अनेक क्षेत्रों में शिक्षा दी जा रही है. उन्होंने विद्यार्थियों को शुभकामना देते हुए कहा कि यह डिग्री उनकी मंजिल नहीं, बल्कि एक नई जिम्मेदारी की शुरुआत है. वे जहां भी जाएं, अपने ज्ञान, कर्म और चरित्र से विश्वविद्यालय, समाज और राष्ट्र का नाम रोशन करें.

सत्र 2027-28 से शुरू हो सकती है एमबीबीएस की पढ़ाई

कुलाधिपति दिनेश प्रसाद सिंह ने कहा कि इस विश्वविद्यालय के अंतर्गत अभी वनांचल डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, देवकी महावीर होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च हॉस्पिटल, फैकल्टी ऑफ एजुकेशन, योग, स्पोर्ट्स साइंस एंड फिजिकल एजुकेशन, वनांचल कॉलेज ऑफ साइंस, वनांचल कॉलेज एवं स्कूल ऑफ नर्सिंग, फैकल्टी ऑफ एग्रीकल्चर, डिपार्टमेंट ऑफ फार्मेसी, इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी, फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट, फैकल्टी ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी तथा डिपार्टमेंट ऑफ लॉ जैसे संस्थान चल रहे हैं.

इसके साथ ही कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय भारत सरकार की अनुमति के उपरांत वर्ष 2026 से आईटीआई के 10 ट्रेडों में भी प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है. जबकि शैक्षणिक सत्र 2027 या 2028 से एमबीबीएस की कक्षाएं प्रारंभ की जा सकती है. इसकु 70 प्रतिशत शैक्षणिक और संरचना निर्मित हो चुकी है. साथ ही चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में 700-बेड वाले एक अत्याधुनिक अस्पताल का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है.

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