पुनर्जीवित होकर रहेगी गढ़वा की सरस्वतिया, एसडीएम संजय कुमार की पहल पर 17वें दिन उमड़ा जनसैलाब
नदी संरक्षण और उसके महत्व के बारे में लोगों को जानकारी देते एसडीएम संजय कुमार. फोटो: प्रभात खबर
गढ़वा से अविनाश सिंह की रिपोर्ट Garhwa News: जब इरादे नेक हों और लक्ष्य समाजहित का हो, तब दूरियां और सीमाएं खुद-ब-खुद मिट जाती हैं. गढ़वा की लाइफलाइन मानी जाने वाली सरस्वतिया नदी को पुनर्जीवित करने के लिए सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार की पहल पर शुरू किया गया “आपन सरस्वतिया” अभियान अब एक […]
गढ़वा से अविनाश सिंह की रिपोर्ट
Garhwa News: जब इरादे नेक हों और लक्ष्य समाजहित का हो, तब दूरियां और सीमाएं खुद-ब-खुद मिट जाती हैं. गढ़वा की लाइफलाइन मानी जाने वाली सरस्वतिया नदी को पुनर्जीवित करने के लिए सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार की पहल पर शुरू किया गया “आपन सरस्वतिया” अभियान अब एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है. लगातार 17वें दिन भी यह अभियान पूरे उत्साह और जनभागीदारी के साथ जारी रहा. प्रशासन और आम लोगों की साझी भागीदारी से चल रही इस मुहिम में हर दिन लोगों का कारवां बढ़ता जा रहा है.
जनभागीदारी ने अभियान को बनाया सामाजिक आंदोलन
पिछले 17 दिनों से बिना रुके चल रहे इस अभियान ने यह साबित कर दिया है कि सरस्वतिया नदी को बचाने का संकल्प अब केवल प्रशासनिक पहल नहीं रह गया है, बल्कि यह समाज के हर वर्ग की साझा जिम्मेदारी बन चुका है. लोगों की बढ़ती भागीदारी ने इस अभियान को एक बड़े सामाजिक आंदोलन का स्वरूप प्रदान कर दिया है.
सदर अनुमंडल से निकलकर दूसरे अनुमंडलों तक पहुंची मुहिम
इस अभियान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसकी गूंज अब केवल गढ़वा सदर अनुमंडल तक सीमित नहीं रही. जिले के दूसरे अनुमंडल श्री बंशीधर नगर तक भी इसकी पहुंच हो चुकी है. वहां से आए लोगों ने अभियान में शामिल होकर यह संदेश दिया कि नदी संरक्षण अब पूरे जिले की सामूहिक चिंता और संकल्प बन चुका है.
बिड़ला ओपन माइंड स्कूल के निदेशक बने 17वें दिन के मुख्य सहयोगी
अभियान के 17वें दिन श्री बंशीधर नगर-उंटारी स्थित बिड़ला ओपन माइंड स्कूल के निदेशक मनीष कुमार सिंह मुख्य सहयोगी और प्रायोजक के रूप में जुड़े. उन्होंने स्वयं मौके पर पहुंचकर अभियान में भाग लिया और अपने खर्च पर जेसीबी मशीन उपलब्ध कराकर नदी क्षेत्र में वर्षों से जमी गाद और कचरे की सफाई करवाई. उनके साथ स्कूल के प्राचार्य रविश कुमार, सह निदेशक युवराज सिंह (सन्नी), भारत करणी सेना युवा इकाई के जिलाध्यक्ष शुभम सिंह और प्रियांशु सिंह समेत कई लोगों ने श्रमदान और सफाई अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई.
पूरे राज्य के लिए मिसाल बन रहा अभियान
बिड़ला ओपन माइंड स्कूल के निदेशक मनीष कुमार सिंह ने कहा कि एसडीएम संजय कुमार के नेतृत्व में चल रहा यह अभियान केवल गढ़वा ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के लिए एक उदाहरण बन गया है. उन्होंने कहा कि समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है और “आपन सरस्वतिया” इसका जीवंत प्रमाण है.
मेराल में भी दिखा नदी संरक्षण का जज्बा
सदर अनुमंडल के मेराल क्षेत्र में भी इस अभियान का असर स्पष्ट रूप से देखने को मिला. यहां स्थानीय व्यवसायी और समाजसेवी रामप्रताप साह ने अपनी ओर से जेसीबी मशीन उपलब्ध कराकर नदी के संकीर्ण हो चुके हिस्सों की सफाई करवाई. सुबह से ही ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की टोली नदी तट पर पहुंचकर श्रमदान में जुटी रही और प्राकृतिक जल प्रवाह को बहाल करने का प्रयास किया.
एसडीएम संजय कुमार ने किया कार्यों का निरीक्षण
अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने विभिन्न कार्य स्थलों का निरीक्षण कर अभियान से जुड़े लोगों का उत्साहवर्धन किया. उन्होंने कहा कि “आपन सरस्वतिया” अभियान समाज और प्रशासन की साझी जिम्मेदारी का एक अनूठा और ऐतिहासिक मॉडल बन चुका है, जहां लोग स्वेच्छा से अपनी नदियों को बचाने के लिए आगे आ रहे हैं.
छोटे प्रयास से बना महाआंदोलन
एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि शुरुआत में छोटे स्तर पर शुरू हुआ यह अभियान आज 17वें दिन एक महाआंदोलन का स्वरूप ले चुका है. शिक्षाविद, व्यवसायी, युवा और ग्रामीण अब इसे अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी मानकर आगे बढ़ा रहे हैं. मानसून से पहले नदी को उसके मूल स्वरूप में लौटाने की यह कोशिश सकारात्मक परिणाम देती दिखाई दे रही है.
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नदी को स्वच्छ रखने की अपील
एसडीएम संजय कुमार ने श्री बंशीधर नगर से आए मनीष कुमार सिंह, मेराल के रामप्रताप साह तथा अभियान से जुड़े सभी नागरिकों का आभार व्यक्त किया. उन्होंने लोगों से अपील की कि इस ऐतिहासिक श्रमदान का वास्तविक सम्मान तभी होगा, जब सभी लोग नदी को स्वच्छ रखने का संकल्प लें और उसमें कचरा डालना पूरी तरह बंद करें. सरस्वतिया नदी को पुनर्जीवित करने का यह प्रयास अब गढ़वा की नई पहचान बनता जा रहा है.
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