कांडी में बवाल: प्रिंसिपल के ट्रांसफर पर भड़के छात्र, मीडियाकर्मियों से भी उलझे; जेन अल्फा का आक्रोश देख हैरान हुए लोग
प्रिंसिपल के ट्रांसफर पर भड़के छात्र, जेन अल्फा का आक्रोश देख हैरान हुए लोग | Prabhat Khabar
कांडी के राजकीयकृत उच्च विद्यालय में प्रिंसिपल के ट्रांसफर के विरोध में छात्रों ने किया उग्र प्रदर्शन, मीडियाकर्मियों से भी हुई तीखी बहस.
कांडी से उपेंद्र नारायण द्विवेदी की रिपोर्ट गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड मुख्यालय स्थित राजकीयकृत जमा दो उच्च विद्यालय कांडी में शुरू हुआ विवाद अब हिंसक आक्रोश और तीखी राजनीति का रूप ले चुका है. प्रभारी प्रधानाध्यापक मलय कुमार सिंह का प्रतिनियोजन (डिप्यूटेशन) रद्द कर उन्हें मूल विद्यालय भेजे जाने के प्रशासनिक आदेश के बाद गुरुवार को छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा.कांडी में पहली बार 'जेन अल्फा' यानी स्कूली बच्चों का ऐसा आक्रामक रुख देखने को मिला. आक्रोशित छात्रों ने सड़क पर उतरकर जमकर जुलूस निकाला और प्रदर्शन किया. स्थिति इतनी बेकाबू हो गई कि मौके पर कवरेज करने पहुंचे मीडियाकर्मियों पर भी छात्रों ने अपना गुस्सा उतारा. गढ़वा जिले में स्कूली बच्चों द्वारा इस तरह के उग्र प्रदर्शन और मीडिया से उलझने का यह पहला मामला माना जा रहा है, जिसने आंदोलन के एक नए ट्रेंड को जन्म दिया है.
बालों की कटाई से शुरू हुआ था विवाद
इस पूरे घटनाक्रम की पटकथा कुछ दिन पहले लिखी गई थी. प्रभारी प्रधानाध्यापक मलय कुमार सिंह पर आरोप था कि उन्होंने अभिभावकों की अनुमति के बिना दर्जनों विद्यार्थियों के बाल असामान्य तरीके से काट दिए थे, जिसके बाद छात्रों को सिर का मुंडन तक कराना पड़ा था. इस घटना से नाराज अभिभावक और जनप्रतिनिधि जब विद्यालय पहुंचे, तो प्रधानाध्यापक के अड़ियल रवैये से विवाद और बढ़ गया. मामला जिला स्तर तक पहुंचा, जहां जांच में प्रधानाध्यापक पर मनमाने ढंग से काम करने और क्षेत्राधिकार से बाहर पत्राचार करने का दोषी पाया गया. इसके बाद जिला प्रशासन ने उनका ट्रांसफर रद्द करते हुए उन्हें मूल विद्यालय (उत्क्रमित उच्च विद्यालय लवाही कला, डंडई) लौटने का आदेश जारी कर दिया.
ट्रांसफर रुकवाने के लिए बच्चों को रात में बस से भेजने का आरोप
मंगलवार को प्रखंड प्रमुख सत्येंद्र कुमार पांडेय उर्फ पिंकू पांडेय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया था कि प्रधानाध्यापक मलय कुमार सिंह अपना ट्रांसफर रुकवाने के लिए राजनीति कर रहे हैं. प्रमुख के अनुसार, 10 अगस्त की शाम दो सरकारी बसों (JH 14K 7028 व JH 14A 1021) के जरिए दर्जनों छात्र-छात्राओं को झांसा देकर जिला मुख्यालय गढ़वा भेजा गया था, ताकि वे अधिकारियों से गुहार लगा सकें. रात करीब 10 बजे मूसलाधार बारिश के बीच जब बच्चे वापस कांडी पहुंचे, तो वे भीगते हुए स्कूल परिसर में छिपने को मजबूर थे. सूचना मिलते ही प्रखंड विकास पदाधिकारी राकेश सहाय और कांडी पुलिस मौके पर पहुंची और बीडीओ व प्रमुख ने अपनी गाड़ियों से बच्चों को सुरक्षित उनके घर भिजवाया.
राजनीतिक अखाड़ा बना कांडी हाई स्कूल
प्रखंड प्रमुख ने साफ शब्दों में कहा कि यदि रात के अंधेरे और मूसलाधार बारिश में बच्चों के साथ कोई अनहोनी हो जाती, तो इसका जिम्मेदार कौन होता? उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ अधिकारी के आदेश की अवहेलना की जा रही है, तो दूसरी तरफ बच्चों का इस्तेमाल ढाल के रूप में किया जा रहा है. दूसरी ओर, गुरुवार को मलय कुमार सिंह के समर्थन में उतरे छात्रों के उग्र प्रदर्शन ने पूरे इलाके में तनाव पैदा कर दिया है. प्रशासनिक फैसले और बच्चों के इस अप्रत्याशित आक्रोश के बीच कांडी हाई स्कूल अब पूरी तरह से राजनीतिक अखाड़ा बन चुका है.
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