JSSC CGL पर हाईकोर्ट की रोक के बाद भी गढ़वा में जॉइनिंग पर सस्पेंस, कार्मिक विभाग के पत्र का इंतजार, 1 हफ्ते से 40 पद खाली
गढ़वा समाहरणालय ( फाइल फोटो )
झारखंड हाईकोर्ट के स्टे के बाद भी गढ़वा में JSSC CGL अभ्यर्थी काम पर नहीं लौटे हैं। कार्मिक विभाग की चिट्ठी न मिलने से जिला प्रशासन असमंजस में है।
पीयूष तिवारी की रिपोर्ट
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गढ़वा. झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित संयुक्त स्नातक स्तरीय बहाली को राज्य सरकार द्वारा रद्द किए जाने के बाद, झारखंड हाईकोर्ट ने इस फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी है. माननीय न्यायालय के इस फैसले से सूबे के नवनियुक्त कर्मियों को बड़ी राहत तो मिली है, लेकिन लेकिन इस परीक्षा से गढ़वा जिले में बहाल कर्मी अभी तक फिर से अपने पदस्थापित स्थल पर योगदान नहीं दिये हैं.
कार्मिक विभाग के अगले पत्र का इंतजार
बताया जाता है कि हाईकोर्ट ने तो सरकार की ओर से रद्द की गई नियुक्ति पर रोक लगा दी है, लेकिन इस संबंध में कार्मिक विभाग की ओर से अभी तक कोई भी निर्देश निर्देशित पत्र जिला प्रशासन या संबंधित विभाग को प्राप्त नहीं हुआ है. इस वजह से असमंजस बरकरार है और अभ्यर्थी काम पर वापस नहीं लौटे हैं. बताया जाता है कि चुकी कार्मिक विभाग के पत्र के आलोक में ही सभी को नौकरी से हटाया गया था इसलिए कार्मिक विभाग के ही अगले पत्र का इंतजार जिला प्रशासन कर रही है. इस वजह से हटाये गये कर्मियों के ज्वाइनिंग का जमीनी स्तर पर तकनीकी पेंच फंसा हुआ है.
एक सप्ताह से कार्य हो रहा प्रभावित
उल्लेखनीय है कि नियुक्ति प्रक्रिया में धांधली को लेकर आंदोलनरत युवकों के विरोध प्रदर्शनों के बाद हेमंत सोरेन सरकार ने 18 अगस्त को बड़ा फैसला लेते हुए JSSC CGL सहित 22 भर्ती परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने का आदेश जारी किया था. तभी से इस परीक्षा के माध्यम से बहाल कर्मी हटा दिए गए हैं और वे जिन पदों पर थे सेवारत थे वह पद खाली पड़ा हुआ है. इस दौरान संबंधित पदों पर किसी दूसरे पदाधिकारी को प्रभार भी नहीं दिया गया है. इस वजह सभी पद खाली पड़े हुए हैं और हम लोग अपना काम करने के लिए भटक रहे हैं. बताया गया कि जब तक कार्मिक विभाग का इससे संबंधित स्पष्ट दिशा निर्देश प्राप्त नहीं होता है तब तक जिला प्रशासन कर्मियों को बहाल करने के पक्ष में नहीं है.
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असमंजस की वजह से बाधित है काम
इस संबंध में स्थापना उप समाहर्ता देवानंद राम ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश के बारे में उन्हें ज्ञात है, लेकिन चुकी कार्मिक विभाग ने पत्र के माध्यम से सभी को हटाने का निर्देश दिया था, इसलिए फिर से काम लेने से संबंधित दिशा निर्देश कार्मिक विभाग की ओर से प्राप्त नहीं होता है तब तक कुछ नहीं किया जा सकता है. 11 प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, 16 प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, छह श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, भू-अर्जन विभाग में पदस्थापित एक कानूनगो सह अंचल निरीक्षक, गढ़वा, डंडई, रंका, भंडरिया, चिनिया, भवनाथपुर और खरौंधी अंचल में अंचल निरीक्षक का पद शामिल है.
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तीन खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी को कराया गया ज्वाइन
इस संबंध में जिला खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी दीप श्री श्रीवास्तव ने बताया कि उन्हें विभाग का पत्र प्राप्त हुआ है कि रद्द प्रक्रिया के दौरान का सिर्फ दो दिन का सीएल काटकर सभी तीनों खाद सुरक्षा पदाधिकारी को फिर से ज्वाइन कर लिया जाए इसके आलोक में उन्होंने काम लेना शुरू कर दिया है.
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