Ghatshila News : घाटशिला में झारखंड गठन के बाद हर विस चुनाव में प्रत्याशी बदलती रही भाजपा
Updated at : 27 Nov 2024 11:58 PM (IST)
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हर बार नया उम्मीदवार बनने से स्थायी रूप से कोई नेता नहीं उभरा, विस स्तर पर मजबूत नेता नहीं उभरना भी हार का मुख्य कारण, घाटशिला विधान सभा सीट पर 2014 के बाद भाजपा की स्थिति में हुई सुधार, 1952 के बाद पहली बार 2014 में घाटशिला से लहराया था भगवा
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मो.परवेज, घाटशिला
झारखंड गठन के बाद घाटशिला विधानसभा सीट पर छह बार विधानसभा चुनाव हुए हैं. हर चुनाव में भाजपा ने नये उम्मीदवार दिया है. हर चुनाव में नये प्रयोग के कारण विधानसभा क्षेत्र में स्थायी रूप से कोई नेता नहीं उभर पाया. क्षेत्र में लगातार मिली हार का एक मुख्य कारण यह भी रहा है. दरअसल, घाटशिला एसटी आरक्षित सीट है. यह विस क्षेत्र आदिवासी बहुल है. आजादी के बाद 1952 से 2024 तक हुए विस चुनाव में सिर्फ एक बार मोदी लहर में 2014 में घाटशिला सीट पर भगवा झंडा लहराया था. लक्ष्मण टुडू को भाजपा ने यहां से प्रत्याशी बनाया था. उन्होंने जीत हासिल की थी. इसके अलावा कभी भाजपा को सफलता नहीं मिली.वर्ष 2000 में दूसरे व 2005 व 2009 में तीसरे नंबर पर रही भाजपा
झारखंड गठन के बाद पहले विस चुनाव वर्ष 2000 में घाटशिला से भाजपा ने बैजू मुर्मू को मैदान में उतारा था. वे 18,769 मत लाकर दूसरे नंबर पर थे. उसके बाद वर्ष 2005 के विस चुनाव में भाजपा ने रामदास हांसदा को मैदान में उतारा था. वे 21,352 मत लाकर तीसरे नंबर थे. वर्ष 2009 के विस चुनाव में सूर्य सिंह बेसरा पर भाजपा ने दांव खेला. वे भी 28,561 मत लाकर तीसरे नंबर पर रहे.2014 में जीती भाजपा, 2019 में सीटिंग एमएलए का टिकट काटा
वर्ष 2014 के विस चुनाव में मोदी लहर में पहली बार भाजपा ने इस सीट से लक्ष्मण टुडू को मैदान में उतारा. वे 52,506 मत लाकर चुनाव जीते और घाटशिला से भगवा झंडा लहराने में कामयाब रहे. पांच साल बाद 2019 के विस चुनाव में भाजपा ने सिटिंग एमएलए लक्ष्मण टुडू का टिकट काट कर घाटशिला के युवा छात्र नेता लखन चंद्र मार्डी पर भरोसा जताया. उन्हें मैदान में उतारा. लखन मार्डी 56,725 मत लाकर दूसरे नंबर रहे. एक बार झामुमो प्रत्याशी रामदास सोरेन ने यह सीट भाजपा से छिन ली.2024 में फिर नया प्रयोग, लेकिन हार मिली
इस बार के चुनाव में फिर भाजपा ने नया प्रयोग किया. टिकट की दौड़ में शामिल आधा दर्जन नेताओं (2019 के प्रत्यासी लखन मार्डी, पूर्व विधायक लक्ष्मण टुडू, आठ साल से पसीना बहा रहीं भाजपा नेत्री डॉ सुनीता देवदूत सोरेन, पूर्व जिप सदस्य गीता मुर्मू, जिप सदस्य देवयानी मुर्मू, सुभाष सिंह, मुसाबनी के प्रमुख रामदेव हेंब्रम, बुद्धेश्वर मार्डी, अर्जुन मुंडा के भांजा गणेश सोलंकी आदि) को दरकिनार कर पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन को झामुमो से लाकर मैदान में उतार दिया. बाबूलाल सोरेन 75,910 मत लाकर दूसरे स्थान पर रहे. झामुमो के रामदास सोरेन करीब 22 हजार मतों से चुनाव जीतकर लगातार दूसरी बार विधायक बन गये. भाजपा को फिर हार का मुंह देखना पड़ा.घाटशिला : 2000 से 2024 तक भाजपा प्रत्याशी और मत
वर्ष भाजपा प्रत्याशी कितने मत लाये2000 बैजू मुर्मू (हारे) 187692005 रामदास हांसदा (हारे) 21352
2009 सूर्य सिंह बेसरा (हारे) 285612014 लक्ष्मण टुडू (जीते) 525062019 लखन चंद्र मार्डी (हारे) 567252024 बाबूलाल सोरेन (हारे) 75910
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