सबरों की बंदोबस्त भूमि पर दबंगों का कब्जा

गालूडीह : विलुप्त होती आदिम जनजाति के सबरों के नाम बंदोबस्त जमीन पर दबंगों का कब्जा है. अपने नाम पर बंदोबस्त जमीन पर सबर खेती नहीं कर पा रहे हैं. अधिकांश सबरों को यह भी पता नहीं है कि उनके नाम पर बंदोबस्त जमीन कहां और किसके कब्जे में है. घाटशिला प्रखंड के केशरपुर, हलुदबनी, […]
गालूडीह : विलुप्त होती आदिम जनजाति के सबरों के नाम बंदोबस्त जमीन पर दबंगों का कब्जा है. अपने नाम पर बंदोबस्त जमीन पर सबर खेती नहीं कर पा रहे हैं. अधिकांश सबरों को यह भी पता नहीं है कि उनके नाम पर बंदोबस्त जमीन कहां और किसके कब्जे में है. घाटशिला प्रखंड के केशरपुर, हलुदबनी, खडि़याडीह, बागालगोड़ा, दारीसाई, घुटिया समेत सभी सबर बस्ती में रहने वाले सबरों के साथ कमोवेश एक जैसी स्थिति है. खरीफ में धान की खेती से सबर वंचित हैं. अपनी जमीन रहते सबर दूसरों के खेतों में मजदूरी करने को विवश हैं.
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