46.95 लाख भक्तों ने किया जलार्पण, जीरो कैजुअल्टी के साथ संपन्न हुआ बासुकिनाथ श्रावणी मेला
बासुकिनाथ में एसडीओ कौशल कुमार को सम्मानित करते डीसी अभिजीत सिन्हा.
बासुकिनाथ श्रावणी मेला 2026 रिकॉर्ड 'जीरो कैजुअल्टी' के साथ संपन्न, 46.95 लाख श्रद्धालुओं ने किया जलार्पण, 21,763 बिछड़े मिले परिजनों से.
प्रतिनिधि, बासुकिनाथ. राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव 2026 का समापन शुक्रवार को बासुकिनाथ नंदी चौक के समीप मयुराक्षी कलामंच में हुआ. एक माह तक बाबा बासुकिनाथ की नगरी में आस्था, सेवा और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला. देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच मेला शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ.
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समापन समारोह को संबोधित करते हुए उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने कहा कि इस वर्ष राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव जीरो कैजुअल्टी के साथ संपन्न हुआ है. उन्होंने कहा कि यह पहला वर्ष है, जब इतना बड़ा धार्मिक आयोजन बिना किसी कैजुअल्टी के बेहतर ढंग से पूरा हुआ. श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम जलार्पण के लिए की गयी व्यापक तैयारियों तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय का यह परिणाम है.
46.95 लाख श्रद्धालुओं ने किया जलार्पण
मेला अवधि में कुल 46,95,605 श्रद्धालुओं ने बाबा बासुकीनाथ का जलार्पण किया. वहीं 1,07,318 श्रद्धालुओं ने शीघ्र दर्शनम के माध्यम से बाबा का दर्शन किया, जबकि 18,036 डाक बम श्रद्धालुओं ने बाबा पर जल अर्पित किया. इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए मेला क्षेत्र में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यापक व्यवस्था की गयी थी.
उपायुक्त ने कहा कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस आयोजन को सुरक्षित और सुगम बनाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रहा. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वास्थ्य, विद्युत, स्वच्छता, पेयजल, आवासन, यातायात और सूचना सहायता समेत विभिन्न व्यवस्थाओं को पूरे मेला अवधि में सक्रिय रखा गया.
21,763 बिछड़े श्रद्धालु परिजनों से मिले
मेला अवधि में सूचना सहायता व्यवस्था ने भी अहम भूमिका निभायी. श्रद्धालुओं के परिजनों से बिछड़ने की स्थिति में सूचना सहायता कर्मियों ने त्वरित पहल की. इसके परिणामस्वरूप 21,763 बिछड़े श्रद्धालुओं को उनके परिजनों से मिलाया गया. श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए आवासन की व्यवस्था के साथ मेला क्षेत्र में आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न सूचना माध्यमों का उपयोग किया गया.
तकनीक से संभली लाखों की भीड़
इस वर्ष श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मेला प्रबंधन में कई नई और तकनीक आधारित व्यवस्थाओं को शामिल किया गया. इनका उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा देने के साथ भीड़ प्रबंधन और सूचना तंत्र को अधिक प्रभावी बनाना था. शिवगंगा में एनडीआरएफ की तैनाती, विद्युत आपूर्ति की निगरानी, स्वच्छता, पेयजल, आवासन और यातायात प्रबंधन पर लगातार नजर रखी गयी.
सामूहिक प्रयास से सफल हुआ आयोजन
उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने कहा कि जिला प्रशासन के वरीय पदाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों व जवानों, स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग, एनडीआरएफ सहित सभी संबंधित विभागों ने पूरी प्रतिबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया. सभी के सामूहिक प्रयास से पूरे माह चलने वाले इस विशाल धार्मिक आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न किया जा सका.
उन्होंने मेला आयोजन में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े सभी पदाधिकारियों, कर्मियों, स्थानीय लोगों और सहयोगियों के प्रति आभार जताया. कहा कि आने वाले वर्षों में मेला व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए इस वर्ष के अनुभवों और सुझावों को ध्यान में रखा जाएगा.
प्रशासनिक व्यवस्था की हुई सराहना
पूर्व राज्यसभा सांसद अभयकांत प्रसाद ने कहा कि बाबा बासुकिनाथ के दर्शन और जलार्पण के लिए देश के कोने-कोने से श्रद्धालु पहुंचते हैं. जिला प्रशासन की व्यवस्था के कारण इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सुगमतापूर्वक जलार्पण किया. उन्होंने कहा कि इतने बड़े आयोजन में जो कमियां रह गयी हैं, उन्हें चिन्हित कर दूर करने की जरूरत है, ताकि आने वाले वर्षों में श्रद्धालुओं को और बेहतर सुविधाएं मिल सकें.
जिला परिषद उपाध्यक्ष सुधीर मंडल ने कहा कि बेहतरीन व्यवस्था के कारण श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ा. उपायुक्त अभिजीत सिन्हा के नेतृत्व और मार्गदर्शन में जिला प्रशासन ने जिस प्रकार मेला व्यवस्था संचालित की, उससे श्रद्धालु बाबा बासुकिनाथ का आशीर्वाद लेकर अच्छा संदेश अपने साथ लौटे.
नगर पंचायत बासुकिनाथ की अध्यक्ष वीणा देवी ने कहा कि सभी के सहयोग और सामूहिक प्रयास से इतने बड़े धार्मिक मेले का सफल आयोजन और समापन संभव हो सका. उन्होंने जिला प्रशासन समेत मेला आयोजन से जुड़े सभी विभागों, कर्मियों और सहयोगियों के प्रति आभार जताया.
स्वागत संबोधन में अनुमंडल पदाधिकारी कौशल कुमार ने कहा कि 30 जुलाई से राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव का शुभारंभ हुआ था. पूरे मेला अवधि में सभी विभागों ने आपसी समन्वय के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया. सामूहिक प्रयास से मेला सफलतापूर्वक संपन्न हुआ.
उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मी सम्मानित
समापन समारोह के दौरान पूरे मेला अवधि में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पदाधिकारियों और कर्मियों को सम्मानित किया गया. अधिकारियों ने कहा कि सभी विभागों और कर्मियों के सामूहिक प्रयास से इतना विशाल धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सका.
मौके पर सभी अधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहें.
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