धनबाद में 83 भारी वाहनों पर 3.11 करोड़ से अधिक टैक्स बकाया, परिवहन विभाग ने भेजा नोटिस
यह फोटो एआई से बनाई गयी है
धनबाद परिवहन विभाग ने 83 भारी वाहनों पर 3.11 करोड़ रुपये से अधिक टैक्स बकाया होने पर नोटिस जारी किया है. वाहन मालिकों को जल्द कागजात अपडेट करने का निर्देश दिया गया है.
धनबाद. जिला परिवहन पदाधिकारी कार्यालय ने वाहन पोर्टल की जांच के बाद टैक्स बकाया रखने वाले 83 भारी मालवाहक वाहनों के मालिकों को नोटिस जारी किया है. इन वाहनों पर लंबे समय से मोटर वाहन टैक्स बकाया है. विभाग ने संबंधित वाहन मालिकों को बकाया टैक्स जमा करने के साथ वाहनों के सभी आवश्यक कागजात अद्यतन कराने का निर्देश दिया है. ऐसा नहीं करने पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी दी गयी है.

परिवहन विभाग ने टैक्स बकाया को मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन और सरकारी राजस्व की क्षति से जुड़ा गंभीर मामला बताया है.
2011 से टैक्स नहीं जमा करने वाले वाहन भी शामिल
विभाग की ओर से जारी सूची में शामिल कई वाहनों का टैक्स वर्ष 2011, 2012, 2013 और 2016 से बकाया है. कुछ वाहनों पर छह से सात लाख रुपये से अधिक का टैक्स बकाया है, जबकि कई वाहनों का बकाया करीब आठ से दस लाख रुपये तक पहुंच गया है.
सूची में धनबाद के अलावा पश्चिम बंगाल, बिहार, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र में पंजीकृत भारी मालवाहक वाहन भी शामिल हैं.
कंपनियों और बीसीसीएल के वाहन भी सूची में
नोटिस पाने वाले वाहन मालिकों में निजी वाहन मालिकों के अलावा ट्रांसपोर्ट एजेंसियां, कारोबारी प्रतिष्ठान और विभिन्न कंपनियां भी शामिल हैं. सूची में बीसीसीएल के कुछ वाहन भी दर्ज हैं.
ये भी पढ़ें: SNMMCH की व्यवस्था में मिलीं कई खामियां, बिना ठंडे स्टोरेज के रखे थे टेटनस इंजेक्शन; दो रेडियोलॉजिस्ट गायब
विभाग ने सभी संबंधित वाहन मालिकों को बकाया टैक्स का भुगतान करने और वाहनों से जुड़े आवश्यक दस्तावेजों को अद्यतन कराने का निर्देश दिया है.
83 वाहनों पर 3.11 करोड़ से अधिक बकाया
नोटिस में दर्ज आंकड़ों के अनुसार 83 वाहनों पर कुल 3.11 करोड़ रुपये से अधिक का टैक्स बकाया है. हालांकि, कुछ प्रविष्टियों में बकाया राशि के स्थान पर 'NA' दर्ज है. ऐसे में नोटिस में शामिल सभी 83 वाहनों का वास्तविक कुल बकाया इससे अधिक होने की संभावना है.
विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत बकाया टैक्स और आवश्यक दस्तावेजों को अद्यतन नहीं कराने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ आगे कार्रवाई की जा सकती है.
आपके शहर में
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए