H1N1 Threat: धनबाद SNMMCH को मिला 5 जिलों की जांच का जिम्मा, पर क्यों अटका काम?
शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल
धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज (SNMMCH) को पांच जिलों के H1N1 संदिग्ध मरीजों के सैंपल की RT-PCR जांच का केंद्र बनाया गया है. हालांकि, मशीन में तकनीकी खराबी के कारण जांच सेवा शुरू नहीं हो पा रही है. इससे मरीजों के इलाज और संक्रमण की रोकथाम में देरी की आशंका है.
धनबाद. राज्य में H1N1 के मामले सामने आने के बाद संदिग्ध मरीजों की जल्द पहचान और समय पर इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग ने शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SNMMCH), धनबाद को पांच जिलों के सैंपल की आरटी-पीसीआर जांच का केंद्र बनाया है. धनबाद के अलावा बोकारो, गिरिडीह, देवघर और जामताड़ा के संदिग्ध मरीजों के सैंपल की जांच भी यहीं की जानी है. विभाग ने 9 सितंबर से जांच शुरू करने का निर्देश दिया था, लेकिन आरटी-पीसीआर मशीन में तकनीकी खराबी के कारण अब तक जांच सेवा शुरू नहीं हो सकी है.
एक ही केंद्र पर पांच जिलों के संदिग्ध मरीजों के सैंपल की जांच की व्यवस्था होने के कारण मशीन का जल्द चालू होना महत्वपूर्ण है. जांच में देरी होने पर संदिग्ध मरीजों की बीमारी की पुष्टि और उपचार शुरू करने में समय लग सकता है. साथ ही संक्रमण की रोकथाम के लिए जरूरी निगरानी और अन्य कदम भी प्रभावित हो सकते हैं.
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करीब दो लाख रुपये की किट-रिएजेंट खरीद पूरी
H1N1 की आरटी-पीसीआर जांच के लिए SNMMCH में करीब दो लाख रुपये की किट और रिएजेंट की खरीदारी पूरी कर ली गयी है. यानी जांच शुरू करने के लिए आवश्यक सामग्री अस्पताल में उपलब्ध है. फिलहाल जांच सेवा शुरू करने में मुख्य अड़चन आरटी-पीसीआर मशीन की तकनीकी खराबी है.
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य आरके महतो ने बताया कि H1N1 जांच के लिए किट और रिएजेंट की खरीदारी पूरी हो चुकी है. उन्होंने कहा कि आरटी-पीसीआर मशीन में तकनीकी खराबी है और इसे जल्द दुरुस्त कराने के बाद जांच सेवा शुरू की जायेगी.
समय पर जांच नहीं होने से बढ़ सकती है परेशानी
संदिग्ध मरीजों के सैंपल की समय पर जांच नहीं होने का असर बीमारी की पहचान और उपचार की शुरुआत पर पड़ सकता है. रिपोर्ट मिलने में देरी होने पर चिकित्सकों को उपचार संबंधी निर्णय लेने में अतिरिक्त समय लग सकता है.
इसके अलावा किसी संक्रमित मरीज के संपर्क में आये लोगों की पहचान और निगरानी में भी देरी की आशंका रहती है. खासकर पांच जिलों से सैंपल एक ही जांच केंद्र पर आने की स्थिति में जांच व्यवस्था समयबद्ध रखना जरूरी होगा.
दूसरे केंद्र पर भेजे गये तो बढ़ेगा सैंपल परिवहन का समय
यदि SNMMCH में जांच सुविधा तत्काल शुरू नहीं हो पाती है, तो संदिग्ध मरीजों के सैंपल को दूसरे सक्षम जांच केंद्र पर भेजने की आवश्यकता पड़ सकती है. ऐसी स्थिति में सैंपल संग्रहण से लेकर उसके परिवहन और रिपोर्ट मिलने तक का समय बढ़ सकता है.
पांच जिलों से सैंपल भेजे जाने की व्यवस्था में परिवहन का अतिरिक्त समय जांच के दबाव को भी बढ़ा सकता है. स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल कॉलेज को जांच सुविधा के लिए पर्याप्त किट, रिएजेंट, तकनीकी कर्मी और जरूरी संसाधन उपलब्ध रखने का निर्देश दिया है.
सैंपल संग्रहण और परिवहन पर भी जोर
स्वास्थ्य विभाग ने सैंपल संग्रहण और परिवहन में अनावश्यक विलंब नहीं करने तथा निर्धारित समय में जांच पूरी करने पर जोर दिया है. संबंधित जिलों से सैंपल को निर्धारित जांच केंद्र तक समय पर पहुंचाने की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
SNMMCH में मशीन की तकनीकी खराबी दूर होने के बाद पांच जिलों के संदिग्ध मरीजों के सैंपल की जांच शुरू की जा सकेगी. फिलहाल अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मशीन को जल्द दुरुस्त कराने की प्रक्रिया चल रही है. जांच सुविधा शुरू होने के बाद संदिग्ध मरीजों की पहचान और उपचार संबंधी प्रक्रिया को समयबद्ध करने में मदद मिलेगी.
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