मरीज की मौत के बाद खुली SNMMCH की पोल, 6 वेंटिलेटर का इंटरनल बैट्री बैकअप सहित 4 के बटन मिले खराब; प्रबंधन पर उठे सवाल

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वेंटिलेटर की जांच करने पहुंची टीम

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एसएनएमएमसीएच में 6 वेंटिलेटर और एसआइसीयू के बेड खराब पाए गए. मरीज की मौत के बाद जांच कमेटी ने सभी वेंटिलेटर के इस्तेमाल पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है.

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धनबाद. शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) की इमरजेंसी में वेंटिलेटर व्यवस्था की बड़ी खामी सामने आयी है. मरीज की मौत के बाद गठित जांच कमेटी ने शुक्रवार को इमरजेंसी में लगे सभी छह वेंटिलेटरों और एसआइसीयू में उपलब्ध उपकरणों की जांच की. जांच के दौरान सभी छह वेंटिलेटरों का इंटरनल बैट्री बैकअप सिस्टम खराब मिला. वहीं चार वेंटिलेटरों के विभिन्न बटन काम नहीं कर रहे थे. एक वेंटिलेटर का फ्लोमीटर भी खराब पाया गया.

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तकनीकी खामियां सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने इमरजेंसी में लगे सभी छह वेंटिलेटरों के इस्तेमाल पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है. अब तकनीकी जांच और आवश्यक मरम्मत के बाद ही इनके इस्तेमाल पर निर्णय लिया जायेगा.

गौरतलब है कि इमरजेंसी में वेंटिलेटर बंद होने के बाद गिरिडीह के डुमरी निवासी एक मरीज की मौत हो गयी थी. इसके बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाये थे. मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल अधीक्षक डॉ डीके गिंदौरिया ने चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी.

बिजली जाने पर बैट्री बैकअप भी नहीं करेगा काम

वेंटिलेटर का इंटरनल बैट्री बैकअप बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में मरीज को वेंटिलेटर सपोर्ट जारी रखने के लिए महत्वपूर्ण होता है. जांच में सभी छह वेंटिलेटरों का बैकअप सिस्टम खराब मिलने से इमरजेंसी की तैयारियों पर सवाल खड़े हो गये हैं.

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इसके अलावा चार वेंटिलेटरों के अलग-अलग बटन खराब मिले. इससे मशीनों के संचालन में भी परेशानी सामने आयी. जांच के दौरान वेंटिलेटरों की तकनीकी स्थिति के साथ बिजली आपूर्ति, जनरेटर व्यवस्था और मरीजों को उपलब्ध करायी जा रही वेंटिलेटर सेवा से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की गयी.

जांच कमेटी अपनी रिपोर्ट अस्पताल प्रबंधन को सौंपेगी. रिपोर्ट के आधार पर वेंटिलेटरों की मरम्मत और आगे के इस्तेमाल को लेकर निर्णय लिया जायेगा.

एसआइसीयू के आधे हाइड्रोलिक बेड खराब

जांच कमेटी ने एसआइसीयू में उपलब्ध अन्य उपकरणों की भी स्थिति देखी. यहां कुल 12 हाइड्रोलिक बेड में से छह खराब मिले. यानी एसआइसीयू के आधे हाइड्रोलिक बेड फिलहाल उपयोग की स्थिति में नहीं हैं.

गंभीर मरीजों के इलाज के लिए बनाये गये एसआइसीयू में छह हाइड्रोलिक बेड के खराब मिलने से अस्पताल की तैयारियों पर भी सवाल उठ रहे हैं. जांच कमेटी ने अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों की स्थिति को लेकर भी जानकारी जुटायी है.

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चार सदस्यीय कमेटी ने की जांच

अस्पताल अधीक्षक डॉ डीके गिंदौरिया की ओर से गठित जांच कमेटी में एनेस्थीसिया विभाग के डॉ विनित और डॉ मृत्युंजय, मेडिसिन विभाग की डॉ पूर्णिमा केरकेट्टा तथा सर्जरी विभाग के डॉ जितेंद्र कुमार रंजन शामिल हैं. कमेटी ने इमरजेंसी और एसआइसीयू में उपलब्ध उपकरणों की तकनीकी स्थिति की जांच की.

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