केवी-2 के स्थायी भवन का इंतजार लंबा, 4.30 एकड़ जमीन मिलने के नौ माह बाद भी निर्माण शुरू नहीं
यह फोटो एआई से बनाई गयी है
केंद्रीय विद्यालय नंबर-2, धनबाद के स्थायी भवन का निर्माण नौ महीने बीतने के बाद भी शुरू नहीं हुआ है. 4.30 एकड़ नई जमीन मिलने के बावजूद यह स्कूल अभी भी किराए के भवन में चल रहा है. जमीन की सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं.
धनबाद. केंद्रीय विद्यालय नंबर-2 के स्थायी भवन का इंतजार लंबा होता जा रहा है. भवन निर्माण के लिए नयी जमीन उपलब्ध कराये जाने के करीब नौ माह बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है. विद्यालय फिलहाल किराये के भवन में संचालित हो रहा है. दूसरी ओर, स्थायी भवन के लिए चिह्नित 4.30 एकड़ जमीन परती पड़ी है. इससे जमीन की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं.
पुरानी जमीन के विवाद का मामला सामने आने के बाद यदि नये भूखंड पर समय रहते निर्माण शुरू नहीं हुआ, तो इस पर भी कब्जे का खतरा पैदा हो सकता है. हालांकि स्कूल प्रबंधन के अनुसार बाउंड्री वॉल के लिए करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये का आवंटन मिला है और सीपीडब्ल्यूडी टेंडर के माध्यम से एजेंसी का चयन कर जल्द काम शुरू करेगा.
2012 में मिली थी पांच एकड़ जमीन
केंद्रीय विद्यालय संगठन ने स्थायी भवन के लिए वर्ष 2010 में जिला प्रशासन से जमीन मांगी थी. इसके बाद सावलपुर मौजा, मौजा संख्या-11, खाता संख्या-45, खेसरा संख्या-120 में पांच एकड़ गैरआबाद सरकारी भूमि चिह्नित की गयी.
ये भी पढ़ें: धनसार थाना से चंद कदम दूर चोरी की वारदात, फर्नीचर दुकान की अल्बेस्टर शीट तोड़कर घुसे चोर
23 अक्तूबर 2010 की मंत्रिपरिषद की बैठक के निर्णय के आधार पर जमीन के नि:शुल्क हस्तांतरण की स्वीकृति मिली. 17 मई 2012 को सीओ को हस्तांतरण की कार्रवाई का निर्देश दिया गया. 23 सितंबर 2013 को केंद्रीय विद्यालय-2 के प्राचार्य के माध्यम से केंद्रीय विद्यालय संगठन को जमीन पर दखल दिलाया गया. वर्ष 2018 में अंचल कार्यालय ने जमाबंदी संख्या-1738 में जमीन संगठन के नाम दर्ज होने की पुष्टि भी की थी.
डीपीआर के दौरान सामने आया जमीन का विवाद
भूमि हस्तांतरण के बावजूद स्थायी भवन का निर्माण शुरू नहीं हो सका. वर्ष 2022 में डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया के दौरान केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) ने बताया कि प्रस्तावित पांच एकड़ जमीन में करीब 2.5 एकड़ किसी अन्य को आवंटित है.
अंचल जांच में यह भी सामने आया कि पूर्व में प्रस्तावित जमीन का एक हिस्सा हाल सर्वे में रैयती खाते में दर्ज हो गया है. जिला प्रशासन के 14 जुलाई 2025 के पत्र में हाल सर्वे के दौरान सरकार की ओर से प्रभावी पक्ष नहीं रखने को गंभीर मामला बताया गया है. पत्र में विभागीय कर्मियों और बाहरी तत्वों की संलिप्तता की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है.
नयी 4.30 एकड़ जमीन पर भी निर्माण का इंतजार
पुराने भूखंड के विवाद के बाद मौजा सावलपुर में नयी जमीन चिह्नित की गयी. अंचल अधिकारी की 14 नवंबर 2022 की रिपोर्ट के अनुसार हाल खाता संख्या-139 के प्लॉट संख्या-548 में 0.87 एकड़ और प्लॉट संख्या-552 में 3.43 एकड़, कुल 4.30 एकड़ अनाबाद बिहार सरकार की जमीन उपलब्ध है.
दोनों भूखंड परती हैं और उनका सीमांकन किया जा चुका है. सर्वे, मृदा जांच और डीपीआर के लिए केंद्रीय विद्यालय संगठन की ओर से सीपीडब्ल्यूडी को 19.60 लाख रुपये का चेक भी दिया गया था. इसके बावजूद अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है.
पुराने भूखंड पर कानूनी कार्रवाई का निर्देश
उपायुक्त आदित्य रंजन ने 14 जुलाई 2025 के पत्र में पुराने विवादित भूखंड पर सरकार का मालिकाना हक वापस लेने के लिए सक्षम न्यायालय में स्वत्ववाद दायर करने का निर्देश सीओ को दिया है.
साथ ही विवादित प्लॉट पर म्यूटेशन, एलपीसी समेत अन्य राजस्व कार्य रोकने, पूर्व में हुए दाखिल-खारिज को रद्द कराने और जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक के लिए सतर्कता बरतने को कहा गया है.
ये भी पढ़ें: प्रिंस खान को भाई बंटी खान ने दी चुनौती, कहा - हिम्मत है तो धनबाद लौटो
बाउंड्री वॉल के लिए मिले करीब साढ़े तीन करोड़
केवी-2 के प्राचार्य मुकेश कुमार ने बताया कि उपायुक्त आदित्य रंजन की तत्परता से केवी-2 को जमीन उपलब्ध हो सकी है. संगठन की ओर से स्कूल की बाउंड्री वॉल के लिए करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये का आवंटन मिला है. स्कूल प्रबंधन यह राशि सीपीडब्ल्यूडी को देगा. सीपीडब्ल्यूडी टेंडर के माध्यम से एजेंसी का चयन कर जल्द निर्माण कार्य शुरू करायेगा.
आपके शहर में
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए