IIT-ISM की रिसर्च स्कॉलर नीलांजना घोष को प्रधानमंत्री फेलोशिप, BPCL के साथ इंडस्ट्री रिसर्च का मिला मौका

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नीलांजना घोष

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आईआईटी-आईएसएम धनबाद की रिसर्च स्कॉलर नीलांजना घोष को प्रतिष्ठित सीआईआई-एएनआरएफ प्राइम मिनिस्टर फेलोशिप फॉर डॉक्टोरल रिसर्च के लिए चुना गया है. यह फेलोशिप उन्हें भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के साथ इंडस्ट्री कोलैबोरेशन के तहत मिली है, जो उद्योग और अकादमिक संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देगी.

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धनबाद. आइआइटी आइएसएम धनबाद के केमिस्ट्री एंड केमिकल बायोलॉजी विभाग की रिसर्च स्कॉलर नीलांजना घोष का प्रतिष्ठित सीआइआइ-एएनआरएफ प्राइम मिनिस्टर फेलोशिप फॉर डॉक्टोरल रिसर्च के लिए चयन हुआ है. उन्हें यह फेलोशिप भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल), ग्रेटर नोएडा के साथ इंडस्ट्री कोलैबोरेशन के तहत मिली है.

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फेलोशिप के माध्यम से नीलांजना को उद्योग से जुड़े रिसर्च प्रोजेक्ट पर काम करने का अवसर मिलेगा. इससे उन्हें अपने शोध अनुभव को व्यावहारिक स्तर पर विकसित करने के साथ इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप शोध करने का मौका मिलेगा.

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उद्योग और अकादमिक संस्थानों के बीच सहयोग पर जोर

प्रधानमंत्री फेलोशिप फॉर डॉक्टोरल रिसर्च का उद्देश्य उद्योग और अकादमिक संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करना है. इसके तहत पीएचडी स्कॉलर्स को अकादमिक शोध के साथ उद्योग की वास्तविक जरूरतों और कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिलता है.

नीलांजना का चयन इसी दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. फेलोशिप के दौरान उन्हें अकादमिक ज्ञान को औद्योगिक शोध से जोड़कर काम करने का अवसर मिलेगा, जिससे उनके शोध अनुभव को व्यावहारिक आयाम मिलने की उम्मीद है.

आइआइटी आइएसएम और बीपीसीएल के विशेषज्ञ करेंगे मार्गदर्शन

नीलांजना घोष आइआइटी आइएसएम के केमिस्ट्री एंड केमिकल बायोलॉजी विभाग में डॉक्टोरल रिसर्च कर रही हैं. उनके ज्वाइंट सुपरवाइजर आइआइटी आइएसएम के प्रोफेसर (हायर एकेडमिक ग्रेड) प्रो बिस्वजीत चौधरी और बीपीसीएल के सीनियर मैनेजर (रिसर्च एंड डेवलपमेंट) डॉ राज कुमार दास हैं.

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प्रो बिस्वजीत चौधरी ने कहा कि यह फेलोशिप नीलांजना को उद्योग और अकादमिक क्षेत्र के सहयोग से उपयोगी शोध करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगी. उन्होंने कहा कि नीलांजना का चयन आइआइटी आइएसएम में इंडस्ट्री आधारित रिसर्च और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है.

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