चिरकुंडा में अवैध लॉटरी के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़, डेढ़ से दो करोड़ रुपये की प्रतिबंधित लॉटरी जब्त

बीसीसीएल के जर्जर क्वार्टर में जांच करती पुलिस और अवैध तरीके से छापे गए लॉटरी के टिकट. फोटो: प्रभात खबर
धनबाद में पुलिस ने एक बड़े अवैध लॉटरी प्रिंटिंग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है. बाबूडंगाल मोड़ स्थित जर्जर क्वार्टर से पुलिस ने करीब डेढ़ से दो करोड़ रुपये मूल्य की प्रतिबंधित लॉटरी और अत्याधुनिक छपाई मशीनें जब्त की हैं. हालांकि, इस रैकेट का मुख्य सरगना अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है.
धनबाद से अरिंदम चक्रवर्ती की रिपोर्ट
Dhanbad News: झारखंड के धनबाद जिले के चिरकुंडा थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध लॉटरी कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है. बाबूडंगाल मोड़ स्थित बीसीसीएल के जर्जर दो मंजिला क्वार्टर में चल रहे अवैध लॉटरी प्रिंटिंग प्रेस पर शुक्रवार शाम छापेमारी कर पुलिस ने करीब डेढ़ से दो करोड़ रुपये मूल्य की प्रतिबंधित लॉटरी बरामद की. कार्रवाई के दौरान अत्याधुनिक प्रिंटिंग मशीनें, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, कटर मशीन, रंग, स्टीकर और भारी मात्रा में कागज भी जब्त किए गए. पुलिस पूरे सामान को दो ट्रैक्टरों में लादकर थाना ले गई. हालांकि इस अवैध कारोबार का मुख्य सरगना मौके से फरार हो गया.
गुप्त सूचना के आधार पर हुई छापेमारी
एसडीपीओ लीलेश्वर महतो के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की. सूचना मिली थी कि बाबूडंगाल मोड़ स्थित बीसीसीएल के परित्यक्त भवन में संगठित गिरोह प्रतिदिन करोड़ों रुपये की अवैध लॉटरी की छपाई कर उसका वितरण कर रहा है. पुलिस टीम जैसे ही मौके पर पहुंची, वहां अफरा-तफरी मच गई. कई लोग भागने में सफल रहे, जबकि लेदाहरिया निवासी एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. पुलिस मुख्य सरगना प्रकाश, भानु और उनके अन्य सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है.
हाईटेक मशीनों से छप रही थी प्रतिबंधित लॉटरी
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से दो बड़े हाईटेक प्रिंटर, आठ छोटे प्रिंटर, दो बड़े कटर मशीन, छपाई में इस्तेमाल होने वाले रंग, स्टीकर, दर्जनों बंडल कागज और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यहां आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित लॉटरी टिकट छापे जा रहे थे. बरामद सामग्री की मात्रा को देखते हुए पुलिस का अनुमान है कि यह केवल स्थानीय स्तर का नहीं, बल्कि बड़े नेटवर्क का हिस्सा था.
कई जिलों और पश्चिम बंगाल तक फैला था नेटवर्क
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस अवैध प्रिंटिंग प्रेस से प्रतिदिन कार, टेंपो और दोपहिया वाहनों के जरिए लॉटरी टिकट झारखंड के जामताड़ा, दुमका, पाकुड़, साहिबगंज, बोकारो और रांची सहित पश्चिम बंगाल के आसनसोल, दुर्गापुर और वर्धमान तक भेजे जाते थे. पुलिस का मानना है कि इस नेटवर्क के माध्यम से प्रतिदिन करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार संचालित किया जा रहा था. अब इस पूरे नेटवर्क की आर्थिक गतिविधियों और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है.
प्रतिबंधित कंपनियों की लॉटरी हुई बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने झारखंड में प्रतिबंधित कई कंपनियों की लॉटरी टिकट भी बरामद की. इनमें डीयर, यमुना, ड्रीम सहित अन्य कंपनियों के टिकट शामिल हैं. पुलिस के अनुसार जब्त लॉटरी का बाजार मूल्य करीब डेढ़ से दो करोड़ रुपये आंका गया है. मामले में संबंधित धाराओं के तहत नामजद प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
अवैध कारोबार को लेकर कई चर्चाएं
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि जिस इलाके में यह प्रिंटिंग प्रेस संचालित हो रहा था, वहां के दो संगठित गिरोह इस कारोबार के मुख्य संचालक हैं. क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि आपसी प्रतिस्पर्धा के चलते इसी अवैध धंधे से जुड़े कुछ लोगों ने पुलिस को इसकी सूचना दी, जिसके बाद यह बड़ी कार्रवाई संभव हो सकी. हालांकि पुलिस ने इस संबंध में आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं की है और पूरे मामले की जांच जारी है.
पूरे इलाके में फैला है अवैध लॉटरी का कारोबार
स्थानीय लोगों का कहना है कि निरसा क्षेत्र में अवैध लॉटरी का कारोबार लंबे समय से फल-फूल रहा है. निरसा बाजार, भलजोरिया रोड, पांडरा मोड़, चिरकुंडा, पंचेत, मैथन, सिंदरी मोड़, कालूबथान, बिरला ढाल और प्रखंड कार्यालय परिसर तक इस अवैध धंधे का नेटवर्क फैला हुआ है. दावा किया जाता है कि इस क्षेत्र से प्रतिदिन 10 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध लॉटरी झारखंड और पश्चिम बंगाल के विभिन्न इलाकों में पहुंचाई जाती है तथा हजारों एजेंट इसके वितरण में लगे हैं. इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच का विषय हैं.
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पुलिस ने क्या कहा
एसडीपीओ लीलेश्वर महतो ने बताया कि छापेमारी में बड़ी मात्रा में अवैध लॉटरी और छपाई में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए गए हैं. उन्होंने कहा कि मुख्य सरगना और उसके सहयोगियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी. पुलिस पूरे गिरोह का पता लगाने, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और इस अवैध नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे भी कई अहम खुलासे होने की संभावना है.
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By कुमार विश्वत सेन
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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