धनबाद के 73 आंगनबाड़ी केंद्रों का होगा कायाकल्प, डीएमएफटी से खर्च होंगे 14 करोड़ से अधिक
मॉडल केंद्र बाबूडीह का कमरा | Prabhat Khabar Network
धनबाद में डीएमएफटी फंड से 73 नए आधुनिक आंगनबाड़ी केंद्र बनेंगे. 14 करोड़ की लागत से बच्चों की पढ़ाई और पोषण के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.
धनबादः धनबाद नगर निगम क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों की तस्वीर बदलने की तैयारी शुरू हो गई है. बाबूडीह मॉडल की तर्ज पर 73 नये आधुनिक आंगनबाड़ी भवन बनाये जायेंगे. इन भवनों का निर्माण जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) की सहायता से किया जायेगा. परियोजना पर 14 करोड़ रुपए से अधिक खर्च होने का अनुमान है. प्रत्येक भवन के निर्माण पर करीब 27.54 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे.
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आधुनिक जरूरतों के अनुरूप विकसित होंगे केंद्र
कार्यपालक अभियंता जितेंद्र कुमार के अनुसार, सभी आंगनबाड़ी भवनों को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जाएगा. इसका उद्देश्य केंद्रों को केवल बच्चों के बैठने और पढ़ाने की जगह तक सीमित न रखकर पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और मातृ-शिशु सेवाओं के बेहतर केंद्र के रूप में विकसित करना है.
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बच्चों के लिए सुरक्षित और सुविधायुक्त परिसर
नए भवनों में बच्चों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता दी जाएगी. भवनों में पर्याप्त जगह, बेहतर रोशनी और हवा की व्यवस्था के साथ बैठने की सुविधा उपलब्ध होगी. इसके अलावा स्वच्छ पेयजल, शौचालय, रसोई और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था की जाएगी. बच्चों के खेलकूद और विभिन्न गतिविधियों के लिए भी पर्याप्त स्थान उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा.

सेविकाओं को केंद्र संचालन में होगी सुविधा
नए और व्यवस्थित भवन मिलने से आंगनबाड़ी सेविकाओं को बच्चों के साथ खेल-खेल में प्रारंभिक शिक्षा देने और विभिन्न गतिविधियां संचालित करने में सुविधा होगी. बेहतर वातावरण से बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने और उनकी सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है.
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गर्भवती और धात्री महिलाओं को भी मिलेगा लाभ
आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के साथ गर्भवती और धात्री महिलाओं के लिए भी महत्वपूर्ण सेवा केंद्र हैं. नए भवनों में पोषण, टीकाकरण, स्वास्थ्य जागरूकता और मातृ-शिशु देखभाल से जुड़ी गतिविधियों के लिए बेहतर जगह उपलब्ध होगी. प्री-स्कूल शिक्षा और अन्य सेवाओं का संचालन भी अधिक व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा.
पुराने और छोटे केंद्रों की समस्या होगी दूर
नगर निगम क्षेत्र में कई आंगनबाड़ी केंद्र पुराने भवनों, छोटे कमरों या सीमित जगह में संचालित हो रहे हैं. जगह की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई, खेल गतिविधियों और पोषण संबंधी कार्यों में परेशानी होती है. नए भवनों के निर्माण के बाद इन समस्याओं को काफी हद तक दूर करने में मदद मिलेगी.
इन इलाकों में बनेंगे 73 नये केंद्र
नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डों और बस्तियों में 73 नये आंगनबाड़ी भवन प्रस्तावित हैं. इनमें कनकनी, लोयाबाद, पुटकी, सिजुआ, केंदुआडीह, गोधर, बसेरिया, कुस्तौर, भेलाटांड़, जोगता, गोपालीचक, बलिहारी और सुदामडीह समेत कई क्षेत्र शामिल हैं. परियोजना पूरी होने के बाद इन इलाकों के बच्चों और महिलाओं को स्थानीय स्तर पर बेहतर और सुविधायुक्त आंगनबाड़ी सेवाएं मिलने की उम्मीद है.
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