धनबाद में 49 हजार घर अब भी नल के पानी से दूर, 522 करोड़ की योजना के बाद भी नहीं मिला कनेक्शन
धनबाद में जल जीवन मिशन की रफ्तार बेहद सुस्त है। कैग रिपोर्ट के अनुसार 79 गांव पोर्टल से बाहर हैं और केवल 48% ग्रामीण घरों तक ही नल का पानी पहुंच पाया है.
धनबादः जिले में जल जीवन मिशन (जेजेएम) के क्रियान्वयन की धीमी रफ्तार और आंकड़ों में विसंगति सामने आयी है. अगस्त में जारी कैग रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2025 तक धनबाद के ग्रामीण घरों में नल से जल पहुंचाने की उपलब्धि करीब 48 प्रतिशत ही थी. वहीं, स्थानीय निकाय निर्देशिका में दर्ज 1,214 गांवों की तुलना में जेजेएम के पोर्टल पर केवल 1,135 गांव दर्ज मिले. यानी 79 गांव पोर्टल के आंकड़ों से बाहर थे.
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गांवों के आंकड़ों में अंतर पर कैग ने उठाए सवाल
कैग ने रिपोर्ट में योजना से जुड़े आंकड़ों में इस अंतर को गंभीरता से दर्ज किया है. जिले में 1,214 गांवों में से 1,139 आबाद और 75 गैर-आबाद बताये गये हैं. मार्च 2023 में दोनों स्रोतों के आंकड़ों का मिलान करने का निर्णय लिया गया था, लेकिन नवंबर 2024 तक राज्य स्तर पर यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी.
522 करोड़ की योजना, तय समय के बाद भी काम आधा
गोविंदपुर और निरसा प्रखंड के लिए सतही जल आधारित ग्रामीण पाइप जलापूर्ति योजना अक्टूबर 2017 में स्वीकृत की गई थी. इसके तहत 439 गांवों के 1,27,363 ग्रामीण घरों को नल कनेक्शन देना था. योजना की अनुमानित लागत 522.40 करोड़ रुपये थी और इसे जुलाई 2020 तक पूरा किया जाना था. कैग के अनुसार, निर्धारित समय सीमा के 19 महीने बाद भी योजना की भौतिक प्रगति करीब 50 प्रतिशत ही थी.
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गोविंदपुर-निरसा दक्षिणी क्षेत्र में एक भी घर को कनेक्शन नहीं
धनबाद प्रथम प्रमंडल में गोविंदपुर-निरसा दक्षिणी क्षेत्र की शेष योजना की लागत 325.15 करोड़ रुपये दर्ज है. इसके तहत 49,488 घरों को नल कनेक्शन दिया जाना था, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार जांच के समय तक एक भी घर को कनेक्शन नहीं मिला था. वहीं, टुंडी और पूर्वी टुंडी की 76.38 करोड़ रुपये की योजना के तहत 10,248 घरों को कनेक्शन देने का लक्ष्य था. इसकी निर्माण प्रक्रिया जारी थी.
बाघमारा में दो साल से बंद है जलापूर्ति
कैग के भौतिक सत्यापन में बाघमारा के डोमचालकरो गांव की मिनी ग्रामीण जलापूर्ति योजना बंद मिली. गांव में 74 घर हैं. खराब बिजली स्विच और मोटर पंप के कारण जलापूर्ति बाधित थी. अक्तूबर 2024 में ग्रामीणों ने बताया था कि करीब दो वर्षों से उन्हें पानी नहीं मिल रहा है.
111 गांवों की कार्ययोजनाओं में ग्रामीण समिति की भागीदारी पर सवाल
जिले के 111 ग्राम कार्ययोजनाओं की जांच के दौरान कैग ने कई खामियां पाईं. कई दस्तावेजों में मुखिया या जल सहिया के हस्ताक्षर तो थे, लेकिन समिति के सदस्यों का विवरण, ग्रामसभा की तारीख, कुल घरों की संख्या और नल कनेक्शन की जरूरत जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज नहीं थीं. इससे ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति की योजना तैयार करने में वास्तविक भागीदारी पर सवाल उठे.
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जल जांच प्रयोगशाला में सिर्फ सात मानकों की सुविधा
धनबाद की जिला जल जांच प्रयोगशाला को केवल सात मानकों की जांच के लिए राष्ट्रीय प्रत्यायन मिला था. मार्च 2020 में मिली यह मान्यता अक्तूबर 2022 में नवीनीकरण के दौरान भी उन्हीं सात मानकों तक सीमित रही. कैग के अनुसार, निर्धारित आठ अन्य मूलभूत जल गुणवत्ता मानकों की जांच की सुविधा प्रयोगशाला में उपलब्ध नहीं थी.
444 शिकायतों में 415 का निबटारा
31 मार्च 2024 तक धनबाद के दोनों प्रमंडलों में जल जीवन मिशन से जुड़ी 444 शिकायतें दर्ज की गयी थीं. इनमें 415 शिकायतों का निबटारा किया गया, जबकि 18 लंबित रहीं. 10 शिकायतें खारिज की गयीं और एक शिकायत संबंधित प्राधिकार को भेजी गयी. कैग की रिपोर्ट के आंकड़े जिले में योजना की कवरेज, क्रियान्वयन और निगरानी की गति में सुधार की जरूरत की ओर संकेत करते हैं.
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