धनबाद : 1913 से हो रही हीरापुर दुर्गा मंदिर में पूजा

Updated at : 07 Oct 2018 10:03 AM (IST)
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धनबाद : 1913 से हो रही हीरापुर दुर्गा मंदिर में पूजा

धनबाद : दुर्गा मंदिर रिलीजियस एंड चैरेटेबल ट्रस्ट दुर्गा मंदिर रोड हीरापुर में 1913 में दुर्गोत्सव की शुरुआत की गयी थी. आज भी यहां पारंपरिक दुर्गोत्सव मनाया जाता है. इस साल पूजा का 105वां साल है. सादगी और पारंपरिक पूजा के लिए कोयलांचल में अपनी अलग पहचान रखता है. षष्टी संध्या को नवपत्रिका एवं बेलवरन […]

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धनबाद : दुर्गा मंदिर रिलीजियस एंड चैरेटेबल ट्रस्ट दुर्गा मंदिर रोड हीरापुर में 1913 में दुर्गोत्सव की शुरुआत की गयी थी. आज भी यहां पारंपरिक दुर्गोत्सव मनाया जाता है. इस साल पूजा का 105वां साल है. सादगी और पारंपरिक पूजा के लिए कोयलांचल में अपनी अलग पहचान रखता है. षष्टी संध्या को नवपत्रिका एवं बेलवरन से पूजा की शुरुआत होती है.
विधि विधान से लायी जाती हैं कोलाबोऊ : सप्तमी को अहले सुबह सुहागिन महिलाएं, पुरुष पुरोहित व ढाकी के साथ निकटवर्ती तालाब जाते हैं. मंगल घट भरने के साथ पालकी में बिठाकर कोलाबोउ को लाते हैं. उलूक ध्वनि, शंख ध्वनि, घंटा ध्वनि से पंडाल में कोलाबोउ का स्वागत कर पूजा स्थल में आसन दिया जाता है. उसके बाद मां दुर्गा को पूजा स्थल में बिराजने का आह्वान किया जाता है.
साधारण होगा सांस्कृतिक कार्यक्रम : ट्रस्ट के अध्यक्ष कंसारी मंडल ने बताया कि इस बार का सांस्कृतिक कार्यक्रम साधारण होगा. हमारे सांस्कृतिक सचिव सतीनाथ घोष उर्फ रुणा दा की आकस्मिक निधन के कारण कार्यक्रम साधारण तरीके से किया जायेगा. षष्ठी पूजा से ही यहां सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रारंभ हो जाता है. महाअष्टमी के दिन दूर दराज से भक्त पुष्पांजलि देने आते हैं. सच्चे मन से मांगी गयी मुराद मां पूरी करती हैं.
महाअष्टमी की पूजा खास
महाअष्टमी को विशेष पूजा होती है सप्तमी से नवमी तक मां का भोग भक्तों के बीच वितरित किया जाता है. महाअष्टमी की पूजा खास होती है. बोलपुर के पुरोहित द्वारा बंगाली रीति से पूजन कराया जाता है. विसर्जन से पहले सुहागिन महिलाएं सिंदूर खेला करती हैं. यहां का सिंदूर खेला खास होता है. मां की गोद भरने के बाद सुहागिनें एक दूसरे को सिंदूर लगाकर नाचती गाती हैं. अगले साल मां को आने का आमंत्रण देने के बाद विदाई दी जाती है. लोको टैंक में प्रतिमा विसर्जित की जाती है.
ये हैं ट्रस्ट के सदस्यगण
कंसारी मंडल अध्यक्ष, डॉ प्रियदर्शी गुप्ता सचिव, परितोष दास, प्यारे मोहन चौबे, दिनेश पांडे उपाध्यक्ष, निर्मल कोनार, अनिरुद्ध सिंह कोषाध्यक्ष, नित्यव्रत दे(कालू), स्वप्न दे संगठन सचिव, अनुपम घोष, श्यामल राय, संयुक्त सचिव, पिनाकी चौधरी, तपन दे, आशीष सरकार सहायक सचिव आदि.
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