बिजली और पानी संकट से अस्पताल नर्सिंग होम चलाना मुश्किल : आइएमए
Updated at : 06 Sep 2018 6:15 AM (IST)
विज्ञापन

बिजली-पानी संकट पर अब चिकित्सकों ने भी खोला मोर्चा जनप्रतिनिधि काम करते तो यह नौबत नहीं आती चेंबर के हर कार्यक्रम को आइएमए का समर्थन धनबाद : कोयलांचल में व्याप्त बिजली-पानी संकट से अब निजी अस्पताल व नर्सिंग होम चलाना मुश्किल हो गया है. एक ओर लगातार पावर कट तो दूसरी ओर डीजल की बढ़ती […]
विज्ञापन
बिजली-पानी संकट पर अब चिकित्सकों ने भी खोला मोर्चा
जनप्रतिनिधि काम करते तो यह नौबत नहीं आती
चेंबर के हर कार्यक्रम को आइएमए का समर्थन
धनबाद : कोयलांचल में व्याप्त बिजली-पानी संकट से अब निजी अस्पताल व नर्सिंग होम चलाना मुश्किल हो गया है. एक ओर लगातार पावर कट तो दूसरी ओर डीजल की बढ़ती कीमत से आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है. ऐसे में सरकार से आइएमए आग्रह करता है कि धनबाद को निर्बाध बिजली प्रदान करे. इसे लेकर सरकार को त्राहिमाम संदेश आइएमए भेज रहा है. उक्त बातें आइएमए के सचिव डॉ सुशील कुमार ने बुधवार को रेड क्रॉस भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही. उन्होंने कहा कि चेंबर के सदस्यों के आंदोलन को आइएमए पूर्ण रुप से समर्थन करता है. आइएमए इस आंदोलन में चेंबर के साथ है. आइएमए के अध्यक्ष डॉ बीके सिंह ने कहा कि डीजल का रेट काफी बढ़ा हुआ है, लगातार जेनेरेटर चलने से आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है. वहीं इससे प्रदूषण भी हो रहा है.
डाॅ सुशील ने बताया कि 80 प्रतिशत स्वास्थ्य सेवाएं निजी अस्पताल व नर्सिंग होम से मिलती हैं. ऐसे में बिजली-पानी संकट से यह क्षेत्र जूझ रहा है. मौके पर डॉ सैयद मासूम आलम, डॉ विकास हाजरा, डॉ राकेश आदि मौजूद थे.
जनप्रतिनिधियों की उदासीनता का परिणाम बिजली संकट : डॉ सुशील ने बताया कि जनप्रतिनिधियों की उदासीनता का परिणाम है कि चिकित्सक समुदाय को अब आगे आना पड़ रहा है. शहर में व्याप्त बिजली-पानी संकट से हर तबका परेशान है. हमारा उद्देश्य सरकार की आलोचना करना नहीं है, जो समस्याएं हैं, उसका निराकरण जरूरी है.
बिजली जीएम का बयान अशोभनीय, कतरास को कमजोर नहीं समझें : डॉ सुशील ने कहा कि चेंबर के सदस्य के साथ बिजली जीएम ने अशोभनीय बातें की. हालांकि उन्होंने खेद जताया, लेकिन यह काफी दुखद है. धनबाद को भी कतरास बना देने के बयान कहीं से भी स्वीकार नहीं है. ऐसे में कतरास के प्रति सोच व्यक्त करती है. कतरास को कमजोर नहीं समझें. जरूरत पड़ी तो कतरास के नागरिकों के साथ सड़कों पर उतरेंगे.
हम बिल देते हैं, हमें बिजली चाहिए बस : चिकित्सकों ने कहा कि बिजली विभाग को हम सभी बिल देते हैं, ऐसे में हमें बिजली चाहिए. अब कोयला नहीं है, डीवीसी का शट डाउन है, इससे आम लोगों को कुछ मतलब नहीं है. विभाग बिल लेता है, तो उसका कर्तव्य है कि अपने उपभोक्ताओं को बिजली प्रदान करे. हर बार मेंटेनेंस का बहाना बनाकर बिजली विभाग बिजली काट देता है. अब यह बहाना नहीं चलेगा. हमें मूलभूत सेवाएं चाहिए.
बैंक मोड़ चेंबर बिजली विभाग के खिलाफ कंज्यूमर कोर्ट जायेगा
अब तक चेंबर का आंदोलन
काला बिल्ला लगाकर विरोध प्रदर्शन, डीवीसी व बिजली विभाग का पुतला दहन, जीएम को लालटेन सौंपा, सांसद को लालटेन देने गये चेंबर पदाधिकारी बैरंग लौटे, सड़क पर उतर कर ट्रैफिक व्यवस्था संभाली.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




