मरम्मत के बाद भी पीएमसीएच में नहीं सुधरी स्थिति

By Prabhat Khabar Digital Desk
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धनबाद : हाइकोर्ट के आदेश पर पीएमसीएच में कराये गये मरम्मत कार्य का निरीक्षण करने मंगलवार को एसडीओ राकेश कुमार पहुंचे. पीएमसीएच में मरम्मत के बावजूद पानी रिसने व जल जमाव को लेकर एक शख्स ने हाइकोर्ट में पीआइएल किया था. कोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने धनबाद उपायुक्त को जांच का निर्देश दिया. उपायुक्त के कहने पर एसडीओ ने पीएमसीएच का निरीक्षण किया. एसडीओ ने पाया कि जल जमाव व छत से पानी टपकना बंद नहीं हुआ है.

डीसी के निर्देश पर एसडीओ ने आज लगभग चार घंटे तक पीएमसीएच का निरीक्षण किया. इस दौरान जल जमाव व पानी रिसता देख उन्होंने अफसरों को फटकार लगायी. संवेदक पर कार्रवाई की भी बात कही. उनके साथ भवन प्रमंडल विभाग के इइ पंकज कुमार, पीएमसीएच अधीक्षक डॉ के विश्वास आदि थे.
ओपीडी से लेकर इंडोर तक का निरीक्षण : एसडीओ सुबह साढ़े नौ बजे पीएमसीएच पहुंचे. यहां वह ओपीडी के ब्लॉक में गये. मेडिसिन वार्ड, सर्जरी वार्ड, ओएसटी सेंटर, मनोचिकित्सा, दंत विभाग, चर्म रोग, नेत्र रोग, हड्डी रोग, स्त्री रोग व प्रसूति विभाग का निरीक्षण किया. यहां से गायनी व सर्जरी के वार्ड में गये. अधीक्षक डॉ के विश्वास से कामकाज के बारे में जानकारी ली. लगभग 1.30 बजे वह पीएमसीएच से निकले.
देखी जाम नालियां : पीएमसीएच के चारों ओर नालियां बनायी गयी है. लेकिन कई जगहों पर नालियां ठीक से नहीं बनाये जाने से नाली का पानी बाहर नहीं निकल रहा है. जल जमाव के बाबत एसडीओ ने इइ श्री कुमार से जानकारी ली. लेकिन पदाधिकारी जवाब नहीं दे पा रहे थे. एसडीओ ने पीएमसीएच के पीछे बने ड्रेन को भी देखा.
छत का लिया जायजा : एसडीओ ने स्त्री रोग व प्रसूति विभाग की छत का भी निरीक्षण किया. ऊपर से पिच व ढलाई के बावजूद पानी रिसने पर भवन प्रमंडल विभाग के अधिकारी को कोई जवाब नहीं सूझ रहा था. एसडीओ ने कहा कि काम किया है तो पानी क्यों टपक रहा है.
हाइकोर्ट के आदेश पर शुरू हुआ था काम
पिछले वर्ष (2016) पीएमसीएच के स्त्री रोग व प्रसूति विभाग की छत से पानी रिसने व बाहर जल जमाव को लेकर हाइकोर्ट ने संज्ञान लिया था. राज्य से सभी सरकारी अस्पताल व मेडिकल कॉलेजों में विशेष मरम्मत का आदेश दिया गया था. सरकार ने आनन-फानन में कोर्ट के आदेश पर पीएमसीएच में मरम्मत का काम लगा दिया. काम भवन प्रमंडल के अधीन करना था. इसके लिए लगभग 10 करोड़ की राशि प्रदान की गयी. स्त्री रोग व प्रसूति विभाग की छत के ऊपर ढलाई और पूरे अस्पताल भवन की मरम्मत की गयी. चारों ओर नालियां बनायी गयी. लेकिन परेशानी बरकरार है.
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