Deoghar news : साइबर ठगी के दोषी को तीन वर्ष की सश्रम सजा, 35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया

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Deoghar news : साइबर ठगी के दोषी को तीन वर्ष की सश्रम सजा, 35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया

एडीजे द्वितीय सह साइबर क्राइम स्पेशल जज अनिल कुमार की अदालत से साइबर ठगी मामले के दोषी मुकेश कुमार मंडल को तीन साल की सजा सुनायी गयी.

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विधि संवाददाता, देवघर . एडीजे द्वितीय सह साइबर क्राइम स्पेशल जज अनिल कुमार की अदालत से साइबर ठगी मामले के आरोपित मुकेश कुमार मंडल को दोषी पाकर तीन साल की सश्रम सजा सुनायी गयी, साथ ही 35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया. जुर्माने की राशि नहीं देने पर अलग से तीन माह की साधारण कैद की सजा काटनी होगी. सजायाफ्ता दुमका जिले के सलजोरा बंदारी गांव का रहने वाला है, जो सरैयाहाट थाना में पड़ता है. यह मुकदमा साइबर थाना देवघर के तत्कालीन एएसआइ कुंदन कुमार सिंह के प्रतिवेदन पर 17 फरवरी 2019 को दर्ज हुआ था, जिसमें साइबर ठगी करने और आइटी एक्ट की धाराएं लगायी गयी थीं. मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से छह लोगों ने घटना के समर्थन में गवाही दी व दोष सिद्ध कराने में सफल रहा. विशेष अदालत ने सिर्फ आइटी एक्ट की धारा 66 डी में ही दोषी पाया व उपरोक्त सजा सुनायी. अभियुक्त के विरुद्ध लगायी गयी अन्य धाराएं 419, 420, 468, 471 में रिहा कर दिया गया. अभियोजन पक्ष से प्रभारी लोक अभियोजक अजय कुमार साह और बचाव पक्ष के अधिवक्ता राजा राम मोहन राय ने पक्ष रखा. जिसे मिली सजा मुकेश कुमार मंडल, सलजोरा बंदारी, सरैयाहाट, दुमका.

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फाल्गुनी मारिक

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By फाल्गुनी मारिक

विगत 32 वर्षों से प्रभात खबर में पत्रकारिता करते आ रहा हूं. विशेष तौर पर कोर्ट से संबंधित खबरों के अलावा श्रावणी विशेषांक -बिल्व पत्र में धार्मिक आलेख लेखन, दुर्गापूजा के अवसर पर निकाली गयी दुर्वाक्षत में धार्मिक लेख लिखने, सामयिक कॉलम कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन का अनुभव है. साथ ही लोक भाषा खोरठा में कविता, कहानी लेखन का अनुभव है. झारखंड अधिविध परिषद रांची के वर्ग अष्टम के पाठ्यक्रम में तथा आचार्य विनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए की कक्षा के पाठ्यक्रम में कविता शामिल हो चुकी है. विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में कविताएं, कहानियां व आलेखों का भी प्रकाशन हो चुका है.

प्रभात खबर में विगत 32 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव. विशेष तौर पर अदालत की खबरों पर पकड़ है. इसके अलावा विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं पर आलेख छपते रहा है. बिल्व पत्र श्रावणी विशेषांक में धार्मिक आलेख, सामयिक कॉलम- कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन करते रहे हैं. लोक भाषा खोरठा की जानकारी है एवं इनकी कविता झारखंड अधिविध परिषद में वर्ग अष्टम तथा बिनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए पाठ्यक्रम में शामिल है.

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