हरि नाम सबसे बड़ी पूंजी, मानव जीवन मोक्ष पाने का है अनमोल अवसर : कुलदीप कृष्ण जी महाराज

Author Shailesh
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चितरा: संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा से माहौल हुआ भक्तिमय

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चितरा. प्रखंड के सहरजोरी में चल रही सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन श्रद्धा और भक्ति का विशेष माहौल देखने को मिला. कथा वाचक कुलदीप कृष्ण जी महाराज ने अपने प्रवचन में श्रद्धालुओं को भक्ति, धर्म और मानव जीवन के महत्व के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने कहा कि संसार की धन-दौलत क्षणभंगुर है, जबकि हरि नाम ही मनुष्य की वास्तविक संपत्ति है. महाराज जी ने कहा कि मनुष्य के जीवन पर उसके सुनने, देखने और बोलने का गहरा प्रभाव पड़ता है. यही तीनों बातें उसके संस्कारों और भविष्य का निर्माण करती हैं. उन्होंने यह भी बताया कि जो व्यक्ति भगवान की कथा सुनकर उसका मनन करता है, उसका जीवन सफल हो जाता है. मृत्यु के विषय में उन्होंने कहा कि अंतिम समय में मनुष्य के जीवन भर के कर्म उसकी आंखों के सामने आ जाते हैं. धर्म और भक्ति में जीवन बिताने वाला व्यक्ति मृत्यु के समय भयभीत नहीं होता, बल्कि प्रसन्नचित होकर इस संसार से विदा लेता है. उन्होंने आगे कहा कि यदि अंतिम समय में मनुष्य के मन में नारायण का स्मरण बना रहे तो उसे मोक्ष और स्वर्ग की प्राप्ति होती है. महाराज जी ने श्रद्धालुओं से जीवन में अच्छे कर्म करने और धर्म के मार्ग पर चलने का आह्वान किया. उन्होंने यह भी कहा कि 84 लाख योनियों में केवल मानव जीवन ही ऐसा है जिसमें मोक्ष प्राप्त किया जा सकता है, इसलिए इसे व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए. आत्मबल को सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए उन्होंने कहा कि सकारात्मक और आध्यात्मिक जीवन व्यक्ति को हर कठिनाई से लड़ने की शक्ति देता है. कथा के समापन पर उन्होंने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान धर्म की रक्षा के लिए अवतार लेते हैं. श्रीमद्भागवत महापुराण में भगवान के 24 अवतारों का वर्णन किया गया है. मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे.

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