साइना नेहवाल पहुंचीं देवघर, बाबा बैद्यनाथ धाम में पूजा कर खेल के महत्व पर दिया संदेश
Deoghar News: साइना नेहवाल के देवघर आगमन से शहर में खेल प्रेमियों के बीच खासा उत्साह देखने को मिला. इस दौरान उन्होंने अपने पिता के साथ बाबा बैद्यनाथ धाम में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया और बच्चों के जीवन में खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया. इससे सबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.
देवघर से अजय यादव की रिपोर्ट
Deoghar News: भारत की स्टार बैडमिंटन साइना नेहवाल रविवार को सीमावर्ती बिहार के बांका जिले में एक स्कूल के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने के क्रम में देवघर पहुंचीं. उनके साथ उनके पिता हरवीर सिंह नेहवाल भी मौजूद थे. शहर में उनके आगमन की सूचना मिलते ही सैकड़ों की संख्या में युवा खिलाड़ी और प्रशंसक उनकी एक झलक पाने के लिए उत्साहित दिखे. प्रभात खबर से बातचीत में साइना ने कहा कि देवघर आना उनके लिए एक विशेष अनुभव है. उन्होंने बताया कि देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल बाबा बैद्यनाथ और माता पार्वती के दर्शन कर जलार्पण करने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है. उन्होंने कहा कि पिता के साथ पूजा-अर्चना करना उनके जीवन की यादगार क्षणों में से एक रहेगा.
खेलों से बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास – साइना नेहवाल
उन्होंने खेलों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि वर्तमान समय में देश के कई स्कूल खेल गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं, जो सकारात्मक संकेत है. बच्चे जितना अधिक खेलों से जुड़ेंगे, उतना ही उनका शारीरिक और मानसिक विकास होगा. इससे न केवल उनका भविष्य बेहतर होगा, बल्कि देश की प्रतिष्ठा भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ेगी.
देवघर आगमन से खेल प्रेमियों में उत्साह
साइना नेहवाल के देवघर में होने से शहर में खेल प्रेमियों के बीच उत्साह का माहौल रहा. इस अवसर पर स्थानीय बैडमिंटन और अन्य खेल संघों के पदाधिकारी भी उपस्थित थे. ध्यान देने वाली बात है कि हरियाणा के हिसार में जन्मी साइना नेहवाल ने घुटने की समस्या के कारण जनवरी 2026 में अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन से संन्यास ले लिया है.
साइना नेहवाल: एक प्रेरक सफर
साइना ने 2008 में जूनियर वर्ल्ड चैंपियन बनकर अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई. 2009 में इंडोनेशिया ओपन जीतकर वह बीडब्ल्यूएफ सुपर सीरीज खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बनीं. एक साल बाद, वह कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन बनीं. 2012 लंदन ओलंपिक में उन्होंने कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा. 2015 में वह विश्व नंबर-1 रैंकिंग हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला बनीं.
पिता हरवीर सिंह नेहवाल हुए भावुक
साइना के पिता हरवीर सिंह नेहवाल ने भावुक होकर कहा कि बाबा बैद्यनाथ के दर्शन से उनका जीवन धन्य हो गया. उन्होंने कहा, साइना ने मुझे नाम और सम्मान दिलाया, वो जीवनभर मन-मस्तिष्क में रहेगा. वह मेरी बेटी ही नहीं, मेरा बेटा है. उसकी सफलता ही मेरे जीवन की सबसे बड़ी खुशी है.
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लेखक के बारे में
By प्रिया गुप्ता
प्रिया गुप्ता पिछले एक साल से प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. फिलहाल वह झारखंड से जुड़ी खबरों पर काम करती हैं, जिनमें सरकारी योजनाएं, प्रमुख घटनाएं, सामाजिक मुद्दे और अन्य महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं. इससे पहले वह लाइफस्टाइल डेस्क पर फैशन, हेल्थ, रिलेशनशिप, पैरेंटिंग और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर लेख लिख चुकी हैं. प्रिया ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से स्नातक और अमिटी यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री हासिल की है.
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