दुम्मा से बाबाधाम तक रोशनी, सुरक्षा और सेवा का संकल्प, आज से शुरू होगा आस्था का महासमागम

Updated:
विज्ञापन
आकर्षक लाइटिंग से सजा झारखंड बिहार का बॉर्डर दुम्मा का प्रवेश द्वार उद्घाटन समारोह के लिए तैयार मंच | Prabhat Khabar Network

आकर्षक लाइटिंग से सजा झारखंड बिहार का बॉर्डर दुम्मा का प्रवेश द्वार उद्घाटन समारोह के लिए तैयार मंच | Prabhat Khabar Network

देवघर में राजकीय श्रावणी मेला 2026 का आज से आगाज। सुरक्षा, सुगम जलार्पण और अरघा व्यवस्था के साथ बाबाधाम में श्रद्धालुओं के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

विज्ञापन

प्रमुख संवाददाता, देवघर

कांवरियों के स्वागत के लिए बाबाधाम पूरी तरह सजकर तैयार है. झारखंड प्रवेश द्वार दुम्मा से लेकर देवघर शहर तक आकर्षक लाइटिंग से पूरे मार्ग को सजाया गया है. श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम जलार्पण के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किये हैं. चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गयी है, जबकि स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता, परिवहन, विद्युत और आपदा प्रबंधन सहित सभी विभाग सेवा के लिए अलर्ट मोड में हैं. बुधवार (29 जुलाई) को सुबह 10.30 बजे राजकीय श्रावणी मेला-2026 का विधिवत उद्घाटन होगा. वहीं बुधवार देर रात 12 बजे के बाद अरघा लगने के साथ ही एक माह के लिए स्पर्श पूजा बंद हो जायेगी.

तीन मंत्री करेंगे राजकीय श्रावणी मेला का शुभारंभ

प्रसिद्ध बाबा वैद्यनाथधाम में राजकीय श्रावणी मेला-2026 का उद्घाटन बुधवार सुबह 10.30 बजे दुम्मा स्थित झारखंड प्रवेश द्वार पर होगा. झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार, संजय प्रसाद यादव और दीपिका पाण्डेय सिंह संयुक्त रूप से मेले का उद्घाटन करेंगे. समारोह में मंत्री हफीजुल हसन, गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे, राजमहल सांसद नलिन सोरेन सहित कई विधायक, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग शामिल होंगे.

आज रात से लगेगा अरघा, एक माह तक नहीं होगी स्पर्श पूजा

सावन माह 30 जुलाई से प्रारंभ हो रहा है. इसके साथ ही बुधवार रात 12 बजे के बाद बाबा मंदिर में अरघा व्यवस्था लागू हो जायेगी. 30 जुलाई से 28 अगस्त की दोपहर तक श्रद्धालु स्पर्श पूजा नहीं कर सकेंगे. इस अवधि में सभी श्रद्धालु केवल अरघा के माध्यम से ही जलार्पण करेंगे.

भीड़ प्रबंधन के लिए पहली बार अलग होंगे प्रवेश और निकास मार्ग

श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ नियंत्रण के लिए इस बार बाबा मंदिर परिसर में पहली बार प्रवेश और निकास के रास्ते अलग-अलग निर्धारित किये गये हैं. प्रवेश केवल सिंह द्वार और वीआइपी गेट से होगा. निकासी पूरब द्वार और पश्चिम द्वार से होगी. इससे मंदिर परिसर में भीड़ का दबाव कम होगा और आवागमन सुगम रहेगा.

मुख्य अरघा के साथ बाह्य अरघा की भी प्रभावी व्यवस्था

मंदिर प्रशासन ने इस बार बाह्य अरघा व्यवस्था को और प्रभावी बनाया है. - मुख्य अरघा से आम कतार एवं शीघ्रदर्शनम श्रद्धालु जलार्पण करेंगे. - निकास द्वार के समीप बने बाह्य अरघा को पाइपलाइन से मुख्य अरघा से जोड़ा गया है. - यहां चढ़ाया गया जल सीधे बाबा बैद्यनाथ पर अर्पित होगा. - बाह्य अरघा से जल चढ़ाने वाले श्रद्धालु मंदिर की छत पर लगी एलइडी स्क्रीन पर जलार्पण का सीधा दृश्य भी देख सकेंगे.

कांवरियों के लिए अलग-अलग मार्ग तय

मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए अलग-अलग रूट निर्धारित किये हैं. - कांवर लेकर सीधे पुरोहित के पास जाने वाले श्रद्धालु शिवगंगा लेन होते हुए सिंह द्वार से प्रवेश करेंगे. - आम कतार के श्रद्धालु मानसरोवर, बीएन झा पथ, राम झरोखा और जलसार चिल्ड्रेन पार्क होते हुए टेल प्वाइंट तक पहुंचेंगे. - शीघ्रदर्शनम कूपनधारी श्रद्धालु सुविधा केंद्र से कतार में लगकर वीआइपी गेट से प्रवेश करेंगे.

पार्वती मंदिर की कतार व्यवस्था भी बदली

इस बार पार्वती मंदिर में दर्शन की व्यवस्था भी बदली गयी है. बाबा मंदिर में जलार्पण के बाद श्रद्धालु पूरब द्वार से बाहर निकलेंगे. वहां से बड़ा बाजार होते हुए नाथबाड़ी पहुंचकर पार्वती मंदिर की कतार में शामिल होंगे.

प्रशासन पूरी तरह तैयार, हर विभाग सेवा में तैनात

श्रावणी मेले को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किये हैं. - दुम्मा से बाबाधाम तक आकर्षक लाइटिंग. - पूरे मेला क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था. - स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली, स्वच्छता और परिवहन की विशेष व्यवस्था. - कंट्रोल रूम और विभिन्न विभाग 24 घंटे सक्रिय रहेंगे. - श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य करेंगे.

कांवरियों के लिए जरूरी जानकारी

30 जुलाई से 28 अगस्त दोपहर तक स्पर्श पूजा पूरी तरह बंद रहेगी. केवल अरघा के माध्यम से जलार्पण की अनुमति होगी. आम कतार के श्रद्धालु मुख्य अरघा से जल चढ़ायेंगे. शीघ्रदर्शनम शुल्क 600 रुपये प्रति श्रद्धालु निर्धारित है. - कूपनधारी श्रद्धालु सुविधा केंद्र से कतार में लगकर वीआइपी गेट से प्रवेश करेंगे. - बाह्य अरघा से चढ़ाया गया जल पाइपलाइन के माध्यम से सीधे बाबा पर अर्पित होगा. - बाह्य अरघा से जलार्पण करने वाले श्रद्धालु एलइडी स्क्रीन पर जलार्पण का सीधा दृश्य देख सकेंगे. प्रवेश केवल सिंह द्वार और वीआइपी गेट से मिलेगा. निकासी पूरब और पश्चिम द्वार से होगी. - पार्वती मंदिर जाने के लिए बड़ा बाजार-नाथबाड़ी मार्ग से कतार में शामिल होना होगा.


विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola