देवपहरी की झाड़ियों में मिली जिसकी लाश, छह जिलों की पुलिस को थी उसकी तलाश : ‘उमा’ टैटू ने खोला वांटेड अनिल की मौत का राज
घटनास्थल पर मृतक का शव, मौजूद लोग और मृतक की बाइक | Prabhat Khabar Network
देवपहरी की पहाड़ी में झाड़ियों में मिली सड़ी-गली लाश ने पुलिस को लंबे समय से वांटेड अनिल कुमार सिंह के मौत का राज खोल दिया है. उसके हाथ पर बने 'उमा' टैटू से उसकी बहन ने शव की पहचान की. पुलिस गोली मारकर हत्या की आशंका जता रही है.
देवघर : देवपहरी की पहाड़ी के पास झाड़ियों में मिली सड़ी-गली लाश ने देवघर समेत झारखंड और बिहार की पुलिस को लंबे समय से वांटेड एक नाम का राज खोल दिया है. सारवां थाना क्षेत्र के देवपहरी गांव स्थित पहाड़ी के समीप बरामद शव की पहचान मोहनपुर थाना क्षेत्र के चितरपोका के बगल बांक पंचायत के सरसा गांव निवासी अनिल कुमार सिंह (32) के रूप में हुई है. चेहरा पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण शव की पहचान मुश्किल थी, लेकिन दाएं हाथ पर बने ‘उमा’ टैटू ने उसकी पहचान करा दी. ‘उमा’ अनिल की मां का नाम है. उसकी बहन मधु कुमारी ने सदर अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर हाथ पर बने इसी टैटू के आधार पर शव की पहचान अपने भाई के रूप में की.

पोस्टमार्टम के लिए दुमका भेजा गया शव
देवपहरी से बरामद शव को सारवां थाना पुलिस पोस्टमार्टम के लिए देवघर सदर अस्पताल लेकर पहुंची थी. यहां पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल बोर्ड भी बनाया गया था. बोर्ड में डॉ प्रभात रंजन, डॉ रवि कुमार व डॉ संजय कुमार यादव शामिल थे. हालांकि शव सड़ा-गला होने के कारण डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम करने से इंकार कर दिया. फोरेंसिक टीम द्वारा पोस्टमार्टम किये जाने के लिए शव को उच्च संस्थान रेफर कर दिया गया. इसके बाद पुलिस अनिल के शव को पोस्टमार्टम के लिए फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल, दुमका ले गयी. पुलिस द्वारा किये गये पंचनामा में शव के सीने पर एक छोटा गोल जख्म और पीठ पर तीन छोटे गोल जख्म मिलने का उल्लेख है. इन जख्मों के आधार पर गोली मारकर हत्या किये जाने की आशंका जतायी जा रही है. हालांकि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी. घटना की सूचना के बाद देवघर एसडीपीओ कुलदीप कुमार, सारवां थाना प्रभारी संदीप कुमार, कुंडा थाना प्रभारी प्रशांत कुमार व मोहनपुर थाना प्रभारी सदर अस्पताल में मौजूद थे. अनिल के शव के पास से एक अपाची बाइक भी बरामद हुई है. बाइक उसकी मां उमा सिंह के नाम से है. परिवार के अनुसार अनिल करीब डेढ़ माह पूर्व घर आया था. इसके बाद वह दोबारा घर नहीं लौटा. अब देवपहरी की झाड़ियों में उसका शव मिलने से उसकी गुमशुदगी का भी राज खुल गया है.
हाथ पर बने ‘उमा’ टैटू से बहन ने की पहचान
देवपहरी से बरामद शव की पहचान में सबसे अहम कड़ी अनिल के हाथ पर बना टैटू बना. पुलिस पंचनामा के अनुसार शव का चेहरा पूरी तरह क्षतिग्रस्त था. दाएं हाथ पर ‘उमा’ नाम का टैटू बना था. उमा अनिल की मां का नाम है. इसी टैटू को देखकर उसकी बहन मधु कुमारी ने शव की पहचान अपने भाई अनिल के रूप में की. शव के सीने पर एक छोटा गोल जख्म और पीठ पर तीन छोटे गोल जख्म मिले हैं. इससे पुलिस को आशंका है कि अनिल की गोली मारकर हत्या की गयी है. शव के पास से अपाची बाइक भी बरामद हुई है, जो उसकी मां उमा सिंह के नाम पर है. मधु दो अन्य परिजनों के साथ सदर अस्पताल पहुंची थी. उसने बताया कि करीब डेढ़ माह पूर्व अनिल घर आया था. उसके बाद वह दोबारा घर नहीं लौटा.
दो दिन पूर्व साथी की गिरफ्तारी, जंगली इलाके में चला था सर्च ऑपरेशन
अनिल की मौत के मामले में उसके आपराधिक संपर्कों की कड़ी भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. उसके एक साथी प्रवीण कुमार उर्फ पारो को दो दिन पूर्व पाकुड़ पुलिस ने आमड़ापाड़ा आभूषण लूटकांड में गिरफ्तार कर जेल भेजा है. सूत्रों के मुताबिक, प्रवीण की गिरफ्तारी से दो दिन पूर्व देवघर के चार थाना की पुलिस ने मोहनपुर थाना क्षेत्र के जंगली इलाके में अनिल के छिपे होने की सूचना पर सर्च ऑपरेशन चलाया था. पुलिस को सूचना थी कि अनिल रात होने पर रास्ते में कहीं भी जंगली इलाके अथवा खंडहर मकान में सोकर रात बिताता था. आभूषण दुकानों में लूटकांड के बाद उसके पास काफी सोना रहने की भी सूचना थी, जिसे वह अपने साथ लेकर चलता था. इसी कारण पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी थी.
साथियों द्वारा घेरकर हत्या किये जाने की चर्चा
अनिल की मौत को लेकर इलाके में कई तरह की चर्चाएं हैं. चर्चा है कि आमड़ापाड़ा आभूषण दुकान लूटकांड के बाद सदस्यों के बीच हुए बंटवारे को लेकर विवाद हुआ होगा. इसी विवाद में साथियों द्वारा घेरकर उसकी गोली मारकर हत्या किये जाने की भी चर्चा है. हालांकि, यह केवल चर्चा है. मौत के वास्तविक कारण और घटना की पूरी स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी. दो दिन पूर्व पाकुड़ पुलिस ने अनिल के साथी मोहनपुर थाना क्षेत्र के चितरपोका गांव निवासी प्रवीण कुमार उर्फ पारो को गिरफ्तार कर जेल भेजा है. पुलिस अनिल हत्याकांड में सुराग खोजने के लिए प्रवीण से पूछताछ का सहारा ले सकती है.
माली हालत है अनिल के परिवार की
सूत्रों की मानें तो अनिल का परिवार गरीबी में जी रहा है. इलाज के अभाव में उसके पिता इन्द्रदेव सिंह की वर्ष 2023 में मौत हो गयी थी. उसकी मां उमा सिंह भी बीमार हैं. इलाके में चर्चा है कि पैसे की खातिर ही अनिल अपराध के रास्ते में गया. आर्थिक तंगी के बीच अनिल का अपराध की दुनिया में जाना और फिर कई गंभीर मामलों में उसका नाम सामने आना उसके परिवार के लिए भी बड़ी त्रासदी बन गया. हालांकि, उसके अपराध में जाने की वजह को लेकर स्थानीय स्तर पर केवल चर्चाएं हैं.
झारखंड व बिहार के छह जिले की पुलिस को तलाश थी अनिल की
आभूषण दुकानों में लूटपाट समेत कई मामलों में अनिल की तलाश झारखंड और बिहार की पुलिस कर रही थी. इसी माह दो सितंबर को पाकुड़ जिले के आमड़ापाड़ा बाजार स्थित दुर्गा मंदिर के समीप किशुन वर्मा ज्वेलर्स दुकान में हुई लूटकांड में उसकी संलिप्तता सामने आयी थी. घटना के बाद पाकुड़ पुलिस की चेकिंग लगी थी. इसी दौरान खुलेआम हवाई फायरिंग करते हुए उसके भागने का वीडियो भी वायरल हुआ था. आठ जुलाई को गोड्डा के कारगिल चौक स्थित बंगाल ज्वेलर्स में हुई सरेशाम लूटकांड में भी अनिल की संलिप्तता सामने आयी थी. 24 दिसंबर 2025 की शाम जामताड़ा जिले के कायस्थपाड़ा चौक स्थित बालाजी ज्वेलर्स में हुई लूटपाट व फायरिंग में भी उसका नाम सामने आया था. बोकारो जिले के माराफारी थाना क्षेत्र के बांसगोडा जुआ अड्डे पर एक अगस्त 2025 की रात साढ़े 12 बजे हुई लूट व हत्याकांड में भी अनिल की संलिप्तता बतायी गयी थी. बोकारो के पेटरवार थाना क्षेत्र स्थित शराब दुकान में हुई फायरिंग व लूट में भी उसके शामिल होने की बात सामने आयी थी. वर्ष 2022 में पेटरवार थाना से आर्म्स एक्ट में गिरफ्तार होकर वह जेल भी गया था. 30 अगस्त 2025 को बिहार के बांका जिले के बौंसी बाजार स्टेशन रोड स्थित शिव ज्वेलर्स में लूट व दुकानदार नवीन भुवानियां की हत्या के मामले में भी पुलिस उसे खोज रही थी. झारखंड के देवघर, जामताड़ा, गोड्डा, बोकारो और पाकुड़ पुलिस को उसकी तलाश थी. वहीं बिहार के बांका जिले की पुलिस भी उसे खोज रही थी. इसके अलावा देवघर जिले के चितरा, सारवां, सोनारायठाढ़ी, पालोजोरी व मोहनपुर थाने में भी अनिल के खिलाफ केस दर्ज है. वर्ष 2023 में मोहनपुर पुलिस ने उसे हथियार और गोली के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था.
दो बार पुलिस पर फायरिंग कर भागा था
सूत्रों के मुताबिक, कुछ दिन पूर्व अनिल दुमका जिले के सरैयाहाट में किराये का कमरा लेकर रह रहा था. गोड्डा आभूषण दुकान लूटकांड में नाम सामने आने के बाद वहां की पुलिस और बोकारो जिले की पुलिस गुप्त सूचना के आधार पर संयुक्त छापेमारी करने सरैयाहाट पहुंची थी. पुलिस टीम को देखते ही अनिल ने फायरिंग की और भाग निकला. इसी तरह पाकुड़ पुलिस की चेकिंग के दौरान भी उसके सामने से हवाई फायरिंग करते हुए तेज गति से बाइक से भाग निकलने की बात सामने आयी है. लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहे अनिल की अब देवपहरी में लाश मिलने के बाद उसके साथियों, आपराधिक गतिविधियों और मौत की परिस्थितियों को लेकर पुलिस की जांच आगे बढ़ेगी. एसपी का कोट
प्रवीण पुष्कर, एसपी देवघर के अनुसार शव की अनिल के तौर पर स्पष्ट पहचान नहीं कही जा सकती है, क्योंकि चेहरा पूरी तरह से कुचला हुआ है. उसकी बहन पहचानने का दावा कर रही है. पुष्टि के लिए पुलिस मृतक के शव से कलेक्ट सैंपल और परिजनों के सैंपल की डीएनए प्रोफाइलिंग करायेगी. इससे मृतक की पहचान की पुष्टि हो सकेगी.
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