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Sawan 2020: सावन के 12 दिन में 16 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किये बाबा बैद्यनाथ के दर्शन, विनोद झा ने षोड्शोपचार विधि से की पूजा

Updated at : 18 Jul 2020 5:43 PM (IST)
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Sawan 2020: सावन के 12 दिन में 16 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किये बाबा बैद्यनाथ के दर्शन, विनोद झा ने षोड्शोपचार विधि से की पूजा

Sawan 2020, Online Puja, Baba Baidyanath, Deoghar News, Jharkhand News: देवघर : सावन (Sawan 2020) के महीने में अब तक 16 लाख से अधिक लोगों ने बाबा बैद्यनाथ के दर्शन किये हैं. भले बाबा के भक्त इस बार देवघर नहीं पहुंच पाये, अपने-अपने घरों से ही बाबाधाम के दर्शन कर रहे हैं. सुबह और शाम की पूजा सोशल मीडिया पर देखकर भक्त गद्गद् हैं. कोरोना संक्रमण की वजह से इस बार सिर्फ मंदिर पुजारी और तीर्थ पुरोहितों को ही गर्भगृह में पूजा करने की अनुमति दी है. मंदिर परिसर में सन्नाटा पसरा हुआ है.

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देवघर (दिनकर ज्योति) : सावन (Sawan 2020) के महीने में अब तक 16 लाख से अधिक लोगों ने बाबा बैद्यनाथ के दर्शन किये हैं. भले बाबा के भक्त इस बार देवघर नहीं पहुंच पाये, अपने-अपने घरों से ही बाबाधाम के दर्शन कर रहे हैं. सुबह और शाम की पूजा सोशल मीडिया पर देखकर भक्त गद्गद् हैं. कोरोना संक्रमण की वजह से इस बार सिर्फ मंदिर पुजारी और तीर्थ पुरोहितों को ही गर्भगृह में पूजा करने की अनुमति दी है. मंदिर परिसर में सन्नाटा पसरा हुआ है.

श्रावण मास कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि शनिवार (18 जुलाई, 2020) को सुबह करीब 4:30 बजे बाबा मंदिर का पट खुला. बाबा की दैनिक पूजा करने पुजारी विनोद झा एवं मंदिर कर्मी आदित्य ने फलाहारी मंदिर गर्भ गृह में प्रवेश किया. सर्वप्रथम मंदिर के गर्भ गृह की सफाई की गयी. द्वादश ज्योतिर्लिंग को मखमल के कपड़े से साफ किया गया. इसके बाद काचा जल पूजा शुरू हुई.

मंदिर के पुजारी विनोद झा ने मंत्रोच्चार के बीच एक लोटा काचा जल बाबा पर चढ़ाया. इसके साथ ही काचा जल पूजा शुरू हो गयी. कतार में खड़े सभी तीर्थ पुरोहितों ने बारी-बारी से बाबा पर काचा जल चढ़ाया. यह क्रम लगभग आधा घंटा तक चला. इसके समापन होते ही सरकारी पूजा शुरू हुई. यह भी लगभग आधा घंटा चला.

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इसमें मंदिर पुजारी विनोद झा ने बाबा बैद्यनाथ की षोडशोपचार विधि से पूजा की. इस दौरान वैदिक मंत्रोचार के साथ फूल, बिल्व पत्र, इत्र, चंदन, मधु, घी, दूध, शक्कर, धोती, साड़ी, जनेऊ आदि बाबा पर चढ़ाये. पूजा के समापन के बाद सभी तीर्थ पुरोहितों के लिए बाबा मंदिर का पट खोल दिया गया. सुबह 6:30 बजे मंदिर का पट बंद कर दिया गया.

कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण बाबा की बृहत पूजा का आयोजन नहीं किया जा रहा है. मंदिर में लॉकडाउन लगने से पूजा के नाम पर परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है. सीमित संख्या में तीर्थ पुरोहितों को छोड़कर सभी भक्तों के प्रवेश पर रोक लगा दी गयी है. यहां तक कि तीर्थ पुरोहित परिवार की महिलाओं एवं बच्चों के भी पूजा करने पर पाबंदी है.

इसलिए पूरा बाबा मंदिर परिसर खाली रहता है. गत वर्ष श्रावण मास कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि को स्थानीय भक्तों के साथ-साथ बड़ी संख्या में बाहरी भक्तों ने भी बाबा की पूजा की थी. मंदिर परिसर सहित आसपास के क्षेत्र में पैर रखने की जगह नहीं थी. शिवगंगा से लेकर मंदिर सिंहद्वार तक प्रवेश करने में भक्तों को एक घंटा से अधिक समय लगता था.

गेरुआ वस्त्रधारी शिव भक्तों से शिवगंगा गली भरी हुई थी. पूरी गली में स्थानीय भक्तों के अलावा बिहार एवं बंगाल के सर्वाधिक शिव भक्त आये थे. मंदिर से दुम्मा तक बोल बम का नारा है, बाबा एक सहारा है…, क्या बोलोगे बोल बम, क्या पढ़ोगे बोल बम.., आदि जयकारों से गुंजायमान था.

दुम्मा प्रवेश करते ही भक्तों की सेवा करने के लिए सेवार्थियों की कतार लगी रहती थी. भक्तों को फल, ड्राई फ्रूट्स, चाय, नींबू-पानी आदि देने वालों की भीड़ लगी रहती थी. भक्तों के सैलाब को नियंत्रित करने के लिए जगह-जगह पुलिस बल को तैनात किया गया था. इस बार पुलिस बल भक्तों को देवघर धाम में प्रवेश करने से रोक रही है. फलस्वरूप भक्त बाबाधाम तक नहीं पहुंच पा रहे हैं.

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सुल्तानगंज से जल लेकर आने वाले भक्तों को दुम्मा बॉर्डर पर ही रोक दिया जाता है. भक्तगण बाबाधाम के प्रवेश द्वार पर ही जल अर्पण कर लौट रहे हैं. बाबा मंदिर की ओर आने वाले सभी मार्गों पर पुलिस चेक पोस्ट बनाकर पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है. बाबाधाम की ओर आने-जाने वाले सभी वाहनों की चेकिंग की जा रही है. उनसे परमिट मांगा जा रहा है. परमिट दिखाने के बाद ही आगे जाने की अनुमति दी जा रही है.

भक्तों की आस्था को देखते हुए जिला प्रशासन ने बाबा की सुबह एवं शाम की पूजा का ऑनलाइन दर्शन की व्यवस्था की है. सुबह की पूजा का सीधा प्रसारण सुबह 4:45 बजे एवं शाम की पूजा का सीधा प्रसारण शाम 7:30 बजे किया जा रहा है. बाबा बैद्यनाथ की एक झलक पाने के लिए भक्त बेताब हो रहे हैं.

ऑनलाइन दर्शन कर गद्गद् हो रहे भक्त ऑनलाइन पूजा देखने के साथ-साथ ऑनलाइन प्रसारण को लाइक भी कर रहे हैं. कमेंट कर रहे हैं. ऑनलाइन पूजन को सोशल मीडिया पर शेयर करके बाबा के प्रति अपनी भक्ति दर्शा रहे हैं. अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं. छह जुलाई से शुरू श्रावणी मेला में अब तक 16 लाख से अधिक श्रद्धालु ऑनलाइन दर्शन पूजा कर चुके हैं.

Posted By : Mithilesh Jha

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Mithilesh Jha

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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