पेट्रोल पंप कर्मियों की हत्या में दो साल बाद शूटर गुरुजी हजारीबाग से हुआ गिरफ्तार
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :04 Aug 2018 7:45 AM
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मधुपुर : एसआर डालमिया रोड में 28 मार्च 2016 को दिनदहाड़े दो पेट्रोल पंप कर्मियों की हत्या कर 10.50 लाख की लूट मामले में फरार चल रहे जिस शूटर गुरुजी की तलाश पुलिस को थी, उसकी आखिरकार पहचान हो गयी. हजारीबाग पुलिस ने मंगलवार को ही उसे हाइवा चालक की हत्या के मामले में गिरफ्तार […]
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मधुपुर : एसआर डालमिया रोड में 28 मार्च 2016 को दिनदहाड़े दो पेट्रोल पंप कर्मियों की हत्या कर 10.50 लाख की लूट मामले में फरार चल रहे जिस शूटर गुरुजी की तलाश पुलिस को थी, उसकी आखिरकार पहचान हो गयी. हजारीबाग पुलिस ने मंगलवार को ही उसे हाइवा चालक की हत्या के मामले में गिरफ्तार कर लिया था. पूछताछ व छानबीन में शूटर की शिनाख्त बिहार के गया जिले के कोठी थाना अंतर्गत बोदिया गांव निवासी चंदन यादव का बेटा पंकज यादव निकला. मधुपुर में लूट व डबल मर्डर मामले में भी उसने अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है. उस घटना में नौ अभियुक्त बनाये गये थे.
लेकिन, जिस गुरुजी का नाम सामने आ रहा था उसकी पहचान नहीं हो पा रही थी. अब गुरुजी के पकड़े जाने के बाद मधुपुर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. यह महज संयोग था कि एक हाइवा चालक की हत्या के बाद हजारीबाग पुलिस की छानबीन में गुरुजी का पता चला व पकड़ा गया.
ऐसे पुलिस के हत्थे चढ़ा गुरुजी उर्फ पंकज यादव
15 जुलाई को हजारीबाग के कठकमदाग थाना क्षेत्र के फतहा जंगल के निकट बडका गांव हजारीबाग मार्ग पर हाइवा चालक अजय कुमार यादव की गोली मार कर हत्या कर दी गयी थी. हत्याकांड के उद्भेदन में लगी पुलिस टीम को पंकज उर्फ गुरुजी की संलिप्तता मिली थी. जांच में पता चला कि चालक की हत्या गुरुजी ने ही की थी. पुलिस ने जाल बिछाकर उसे मंगलवार 31 जुलाई को पकड़ा था. इसके पास से पुलिस ने 13 सिम कार्ड, एक पिस्टल व दो मोबाइल भी बरामद किया गया था.
अपराध की दुनिया में पंकज के कई नाम
गया जिला का रहने वाला पंकज यादव उर्फ गुरुजी कई नामों से जाना जाता है. कहीं इसे निर्भय तो कई विनय, संजय, करण व पंकज कहकर पुकारा जाता है. जांच में ही उसकी पहचान जेपीसी सुप्रीमो के रूप में हुई. जेपीसी के पूर्व सुप्रीमो दशरथ यादव के पकड़े जाने के बाद संगठन की कमान पंकज उर्फ गुरुजी ने संभाल रखी थी. पूछताछ में पंकज उर्फ गुरुजी की नौ आपराधिक घटनाओं में संलिप्तता उजागर हुई. जिसमें मधुपुर पेट्रोल पंप कर्मियों से 10.50 लाख की लूट व हत्या भी शामिल है.
28 मार्च 2016 को हुई थी घटना
28 मार्च 2016 को कन्नीराम हरनंद राय पेट्रोल पंप के कर्मी चिहुंटिया निवासी अनूप कुमार दे (40) व साप्तर निवासी चंद्रशेखर पांडेय (25) बाइक पर सवार होकर पेट्रोल पंप के 10.50 लाख रुपये बैंक में जमा करने ले जा रहे थे. इसी दौरान बाइक पर सवार दो अपराधियों ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी व सारे रुपये लूट लिये थे. रांची से एसआइटी समेत अलग-अलग कई टीम मामले की जांच में जुटी. घटना के चार दिन बाद मामले का उद्भेदन पुलिस ने किया. पूरे कांड का मास्टरमाइंड मारगोमुंडा थाना क्षेत्र का एंकर दास, थाना क्षेत्र के किशनपुर निवासी अवैध गन फैक्टरी संचालक उस्मान मियां, जामताड़ा जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र के शहरपुर निवासी अब्दुल रउफ के अलावे गिरिडीह जिले के अहिल्यापुर के मिस्टर अंसारी पहचान की गयी थी.
इन्हीं लोगों ने पूरी योजना तैयार कर बिहार से दो शूटर मंगाये थे. जिसकी पहचान पंकज सिंह व गुरुजी के रूप में हुई थी. लेकिन गुरुजी की पहचान अब तक पुलिस नहीं कर पायी थी. इस मामले में घटना के बाद सभी को भगाने में सहयोग व वाहन देने के मामले में टिटहियाबांक निवासी चालक गणेश यादव समेत हथियार व घटना में प्रयुक्त बाइक आदि छिपाने के मामले में महुआडाबर के दो व्यक्ति की पहचान हुई थी.
पुलिस ने इन आठों को गिरफ्तार कर जेल भेजने के बाद आरोप पत्र दाखिल कर दिया था. फरार चल रहे गुरुजी का सत्यापन नहीं हुआ था. मामले में 31 जनवरी 2018 को गिरफ्तार सभी आठों को देवघर जिला सत्र न्यायाधीश ने दोषी करार दिया व 6 फरवरी को सभी को 10-10 साल सजा सुनाई गयी. फिलहाल गणेश यादव व पंकज सिंह जमानत पर है.
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