शिबू सोरेन राजनेता नहीं, बल्कि एक जीवित आंदोलन थे : कांग्रेस

Author Deepak
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शिबू सोरेन राजनेता नहीं, बल्कि एक जीवित आंदोलन थे : कांग्रेस

झारखंड आंदोलन के महानायक दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर बुधवार को जिला कांग्रेस कार्यालय में शोक सभा का आयोजन किया गया.

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चतरा. झारखंड आंदोलन के महानायक दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर बुधवार को जिला कांग्रेस कार्यालय में शोक सभा का आयोजन किया गया. जिसकी अध्यक्षता जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार दुबे ने किया. इस मौके पर कांग्रेसियों ने उनके तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया. साथ ही दो मिनट का मौन रख कर उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना किया. जिलाध्यक्ष ने कहा कि शिबू सोरेन न केवल एक राजनेता बल्कि एक जीवित आंदोलन थे. वे झारखंड के आदिवासी समाज के हक, सम्मान व अस्तित्व की लड़ाई के सच्चे प्रहरी भी थे. गरीब, वंचित, शोषित वर्ग के अधिकारो की लड़ाई लगातार लड़ते रहे. मौके पर महासचिव राजवीर, नसरूद्दीन अंसारी, एनएसयूआइ के जिलाध्यक्ष हर्षित चित्रांश, संतोष केशरी, दिनेश यादव, गुलाम रसूल, सत्येंद्र दास, मो जावेद के अलावा कई उपस्थित थे.

प्रतापपुर. झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन पर प्रखंड अध्यक्ष रकीबुल इमाम के आवास पर शोक सभा का आयोजन किया गया. दो मिनट का मौन रख कर उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गयी. साथ ही उनके तस्वीर पर श्रद्धांजलि अर्पित किया. मौके पर प्रखंड अध्यक्ष रकीबुल इमाम, संजय प्रसाद, नंदकिशोर साव, ताबिश पठान, उपेंद्र भारती, प्रमोद पासवान, सुल्तान मियां, मो अफताब, सचिन यादव, सरताज अली समेत कई उपस्थित थे.

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