भारत ज्ञान साधना की भूमि है : डॉ आशीष

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भारत ज्ञान साधना की भूमि है : डॉ आशीष

छह दिवसीय कार्यक्रम शुरू

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छह दिवसीय कार्यक्रम शुरू चतरा. महिला कॉलेज में गुरुवार को भारतीय ज्ञान परंपरा और कृत्रिम बुद्धिमता समन्वय विषय पर छह दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम शुरू हुआ. विभावि हजारीबाग व बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. छह दिवसीय कार्यक्रम में जिले के विभिन्न कॉलेजों के शिक्षक भाग ले रहे हैं. कार्यक्रम का उद्देश्य उच्च शिक्षा में भारतीय ज्ञान परंपरा और कृत्रिम बुद्धिमता को जोड़ना है. साथ ही उच्च शिक्षा को अधिक समावेशी, गुणवत्तापूर्ण व प्रभावी बनाना है. मौके पर कार्यक्रम के समन्वयक सह प्रभारी प्राचार्य डॉ मनीष दयाल ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा केवल विचार नहीं, बल्कि जीवन जीने का एक समृद्ध पद्धति है. चतरा जैसे शैक्षणिक रूप से पिछड़े जिले में यह प्रयास आने वाले समय में निश्चित रूप से शिक्षा में एक ज्योतिकुंज का कार्य करेगा. मुख्य अतिथि बीएचयू के डॉ आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि भारत ज्ञान साधना की भूमि है. ज्ञान परंपरा पुरातन काल से अत्यंत समृद्ध रही है. आज के वर्तमान परिदृश्य में इसे जानना व सीखना और भी आवश्यक है, ताकि वर्तमान पीढ़ी नयी चुनौतियों का सामना अच्छे ढंग से कर पाये. इस दौरान बीएचयू के सहायक प्राध्यापक डॉ सुनील कुमार त्रिपाठी ने नयी शिक्षा नीति 2020, समावेशी शिक्षा, शिक्षण कौशल विकास व भारतीय ज्ञान परंपरा के समावेश पर विस्तार से बताया. कार्यक्रम में चतरा कॉलेज, मॉडल कॉलेज, महिला कॉलेज, वनांचल कॉलेज टंडवा, सिमरिया डिग्री कॉलेज, हंटरगंज कॉलेज, लाला प्रसाद बीएड कॉलेज, भद्रकाली कॉलेज इटखोरी के शिक्षक शामिल हुए. कार्यक्रम को सफल बनाने में महिला कॉलेज के कर्मचारी तीर्थनाथ रजक, तैय्यब अली, नीतीश कुमार, प्रिंस कुमार, प्रकाश साह, मॉडल कॉलेज के शशि मित्तल, अंकज सिन्हा ने अहम भूमिका निभायी.

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Deepesh Kumar

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