चतरा के ऑटो चालक का अपहरण, 23 लाख फिरौती मांगने वाले गिरोह से जंगल से सकुशल बरामद
23 लाख फिरौती के लिए अगवा ऑटो चालक जंगल से सकुशल बरामद | Prabhat Khabar Network
चतरा के ऑटो चालक तिलक यादव का अपहरण कर 23 लाख की फिरौती मांगने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. पुलिस ने बिहार के जंगल से तिलक को सकुशल बरामद कर लिया है और दो आरोपियों को हिरासत में लिया है.
चतरा के सदर थाना क्षेत्र के नगवां मोहल्ला निवासी ऑटो चालक तिलक यादव के अपहरण मामले में चतरा पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए उसे सकुशल बरामद कर लिया है. पुलिस टीम ने बिहार के गया जिले के बाराचट्टी प्रखंड अंतर्गत धनगाई थाना क्षेत्र के इटवा गांव के समीप चैलीखार नदी किनारे घने जंगल में स्थित एक वीरान घर से तिलक को बरामद किया. साथ ही दो लोगो को हिरासत में लिया है. जिसमें पतलुका गांव निवासी मनोज कुमार व एक अन्य शामिल है. साथ ही एक वाहन (जेएच-13के-8511) को भी जब्त किया है. गिरफ्तार दोनों से पूछताछ की जा रही है. पूछताछ एवं अनुसंधान के आधार पर अपहरण कांड में शामिल अन्य आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है. कार्रवाई एसपी अनिमेष नैथानी के निर्देश पर एसडीपीओ सन्नी वर्धन के नेतृत्व में की गयी. अभियान में बाराचट्टी थाना पुलिस व एसएसबी के जवानों ने भी सहयोग किया. पुलिस के अनुसार तिलक के अपहर्ताओं ने परिजनों से 23 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी. तिलक ने अपनी जान बचाने के लिए एक लाख रुपये देने की बात कही थी और परिजनों को पैसे देने के लिए तैयार रहने को कहा था, लेकिन अपहरणकर्ता कम रकम लेने को तैयार नहीं हुए. हालांकि इस मामले में पुलिस पदाधिकारी कुछ भी बताने से बच रहे हैं, प्रेस कांफ्रेंस कर ही पूरी जानकारी देंगे.
यात्री बनकर ऑटो किया बुक, फिर जंगल में ले जाकर बनाया बंधक
बरामदगी के बाद तिलक ने पुलिस को बताया कि वह 13 सितंबर को रोज की तरह विनय भारती पार्क के समीप स्थित घर से ऑटो लेकर निकला था. इसी दौरान डीसी कार्यालय के समीप एक व्यक्ति ने राजपुर जाने की बात कहकर उसका ऑटो बुक किया. राजपुर पहुंचने के बाद उक्त व्यक्ति ने उसे मुख्य सड़क छोड़कर जंगल के रास्ते चलने को कहा. कुछ दूर आगे जाने पर तीन मोटरसाइकिलों से छह लोग वहां पहुंचे. तिलक के अनुसार सभी ने उसे पकड़ लिया और आंखों पर कपड़ा बांधकर पैदल जंगल की ओर ले गये. काफी दूर ले जाने के बाद उसे एक स्थान पर बंधक बनाकर रखा गया. अपहरणकर्ताओं ने उसके मोबाइल से ही परिजनों को फोन करवाकर 23 लाख रुपये की फिरौती मांगी. जान बचाने के लिए उसने एक लाख रुपये देने की बात कही, लेकिन अपहरणकर्ता इसके लिए तैयार नहीं हुए, जंगल ले जाते समय उसकी चप्पल भी टूट गयी थी.
मोबाइल लोकेशन से मिला सुराग, बिहार में कैंप करती रही पुलिस
घटना की जानकारी मिलने के बाद एसपी अनिमेष नैथानी के निर्देश पर पुलिस ने वैज्ञानिक एवं मानवीय आसूचना के आधार पर जांच शुरू की. मोबाइल लोकेशन के जरिए पुलिस को पहले बाराचट्टी के धनगांई थाना क्षेत्र के रेवदा इलाके में सुराग मिला. इसके बाद एसडीपीओ सन्नी वर्धन के नेतृत्व में चतरा पुलिस की कई टीमों ने बिहार के बाराचट्टी क्षेत्र में लगातार कैंप कर निगरानी शुरू की. पुलिस टीमों की मॉनिटरिंग एसपी अनिमेष नैथानी स्वयं कर रहे थे. इसी दौरान गुरुवार को तिलक की लोकेशन इटवा गांव के समीप चैलीखार नदी किनारे घने जंगल में मिली. लोकेशन मिलने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर वीरान घर से तिलक को सकुशल बरामद कर लिया.
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टेंपो धमनिया में मिला था लावारिस
घटना के बाद तिलक का टेंपो सदर थाना क्षेत्र के धमनिया इलाके से लावारिस हालत में बरामद किया गया था. तिलक ने पुलिस को बताया कि उसका टेंपो धमनिया तक कैसे पहुंचा, इसकी उसे जानकारी नहीं है. तिलक की बरामदगी की मांग को लेकर ऑटो चालक यूनियन ने परिजनों के साथ चतरा में सड़क जाम भी किया था. आंदोलन के दौरान एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें भरोसा दिलाया था. इसके बाद पुलिस ने अभियान और तेज किया और तिलक को सकुशल बरामद कर लिया. तिलक की बरामदगी के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली और चतरा पुलिस की टीम के प्रति आभार जताया. मामले में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी जारी है.
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