अंधविश्वास की पराकाष्ठा...सांप काटने पर अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक ही कराते रहे

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महिला का इलाज करते डॉक्टर और पहुंचे बीडीओ व सीओ.

मझगांव में सांप काटने के बाद अस्पताल के बजाय झाड़-फूंक कराने से वृद्धा की हालत गंभीर, सदर अस्पताल चाईबासा रेफर किया गया। अंधविश्वास के कारण जान पर बनी।

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मझगांव | ग्रामीण इलाकों में सर्पदंश के बाद अंधविश्वास और झाड़-फूंक के चक्कर में समय गंवाने से जान पर बनने का सिलसिला थम नहीं रहा है. शनिवार की अहले सुबह मझगांव के गढ़केशना गांव में एक ऐसा ही मामला सामने आया, जहां जहरीले चित्ती सांप के काटने के बाद परिजनों ने रातभर झाड़-फूंक कराया. समय पर इलाज नहीं मिलने से वृद्धा की हालत नाजुक हो गई. इसके बाद उन्हें सदर अस्पताल चाईबासा रेफर किया गया है.

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जमीन पर सोते समय सांप ने काटा

जानकारी के अनुसार, गढ़केशना गांव निवासी 60 वर्षीय पानी पिंगुवा रात में घर के बरामदे में भोजन करने के बाद जमीन पर सो रही थीं. इसी दौरान उन्हें जहरीले चित्ती सांप ने डस लिया. परिजनों ने मौके पर ही सांप को तो मार दिया, लेकिन पीड़िता को तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय रातभर ओझा से झाड़-फूंक कराते रहे. इससे शरीर में जहर फैलने के कारण वृद्धा की स्थिति लगातार बिगड़ती गयी.

प्राथमिक उपचार के बाद रेफर

स्थिति गंभीर होने पर वृद्धा की भतीजे की बहू हीरा पिंगुवा उन्हें शनिवार सुबह मझगांव रेफरल अस्पताल लेकर पहुंचीं. प्रभारी चिकित्सक डॉ. सनातन चातार ने त्वरित प्राथमिक उपचार शुरू किया. सूचना पर मझगांव बीडीओ विजय रंजन तिर्की व सीओ हेमराज खलखो अस्पताल पहुंचे. मरीज के स्वास्थ्य का जायजा लिया. चिकित्सकों ने वृद्धा की नाजुक स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल चाईबासा रेफर कर दिया.


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