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पश्चिमी सिंहभूम में कोरोना को मात देने में लगे कर्मियों को नहीं मिली प्राेत्साहन राशि, नहीं मिला सर्टिफिकेट

कोरोना संक्रमण के दौरान पश्चिमी सिंहभूम में जिला स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत संचालित कोविड-19 कंट्रोल रूम में वायरस के रोकथाम में दिन-रात लगे आउटसोर्सिंग व दैनिक मजदूरों को प्रोत्साहन के तौर पर एक माह का अल्पतम वेतन/मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है. जिस कारण उक्त कर्मियों में असंतोष व्याप्त है. हालांकि, मंगलवार को झारखंड कैबिनेट ने आउटसोर्सिंग कर्मियों के लिए प्रोत्साहन राशि देने की स्वीकृति दी है.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
Jharkhand News : जिला IDSP के कोविड-19 कंट्रोल रूम में कार्यरत आउटसोर्स कर्मी.
Jharkhand News : जिला IDSP के कोविड-19 कंट्रोल रूम में कार्यरत आउटसोर्स कर्मी.
प्रभात खबर.

Jharkhand News (अभिषेक पीयूष, चाईबासा, पश्चिमी सिंहभूम) : कोरोना संक्रमण के दौरान पश्चिमी सिंहभूम में जिला स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत संचालित कोविड-19 कंट्रोल रूम में वायरस के रोकथाम में दिन-रात लगे आउटसोर्सिंग व दैनिक मजदूरों को प्रोत्साहन के तौर पर एक माह का अल्पतम वेतन/मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है. जिस कारण उक्त कर्मियों में असंतोष व्याप्त है. हालांकि, मंगलवार को झारखंड कैबिनेट ने आउटसोर्सिंग कर्मियों के लिए प्रोत्साहन राशि देने की स्वीकृति दी है.

दरअसल, वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के परिपेक्ष्य में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड के अंतर्गत कोविड-19 रिलेटेड कॉन्ट्रेक्ट ट्रेसिंग, टेस्टिंग, सुपरविजन, कोविड अस्पताल, वार्ड में कार्यरत कर्मी के साथ-साथ कार्यालय तथा कंट्रोल रूम में कोविड से संबंधित कार्यों के लिए प्रतिनियुक्त राज्य सरकार के चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मियों (संविदा सहित) तथा एनएचएम के अधीन कार्यरत चिकित्सकों एवं अन्य कर्मियों को एक माह (अप्रैल, 2021) के मूल वेतन/मानदेय के समतुल्य प्रोत्साहन राशि दिया जाना था.

लेकिन, विडंबना है कि पश्चिमी सिंहभूम जिले के इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलेंस प्रोग्राम (IDSP) शाखा अंतर्गत अल्पतम मानदेय पर आउटसोर्सिंग एवं दैनिक मजदूरी के तहत कोरोना की पहली व दूसरी लहर में रोकथाम के लिए दिन-रात कार्यरत कर्मियों को एक भी आना प्रोत्साहन राशि का भुगतान जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा नहीं किया गया है.

प्रोत्साहन राशि तो दूर, मनोबल बढ़ाने को सर्टिफिकेट तक नहीं दिया

जिला स्वास्थ्य विभाग के IDSP शाखा अंतर्गत संचालित कोविड-19 कंट्रोल रूम में आउटसोर्सिंग एवं दैनिक मजदूरी के तहत कार्यरत उक्त कर्मियों को प्रोत्साहन राशि तो छोड़ दीजिए, इन्हें प्रोत्साहित करने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा सर्टिफिकेट तक प्रदान नहीं किया गया है. पहले सर्टिफिकेट के लिए सीएस कार्यालय ने IDSP शाखा से कंट्रोल रूम में कार्यरत कर्मियों की सूची मांगी थी. सूची मिलने के बाद विभाग के प्रभारी के द्वारा आउटसोर्सिंग एवं दैनिक मजदूरी का हवाला देते हुए सभी कर्मियों के नामों को गायब कर दिया गया. वहीं, IDSP में पदस्थापित एक डाटा ऑपरेटर व एक माइक्रोबायोलॉजिस्ट को प्रोत्साहन राशि का ससमय भुगतान कर दिया गया है. इतना ही नहीं, पूरे सदर अस्पताल के 43 कर्मियों को कुल 12 लाख 40 हजार 670 रुपये प्रोत्साहन राशि के तौर पर भुगतान किया गया है.

अभियान निदेशक की बैठक में लिया गया था निर्णय

17 मार्च 2021, को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के अभियान निदेशक की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में कोविड-19 वायरस के रोकथाम में लगे स्वास्थ्य कर्मियों एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मियों, जिन्होंने कोरोना संक्रमण की रोकथाम में अपने कर्तव्यों का निर्वाहन किया है. उन्हें एक माह (अप्रैल, 2021) के मूल वेतन मानदेय के समतुल्य प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया था. इसके आलोक में कोविड-19 के रोकथाम के कार्यों में लगे चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मियों (संविदा सहित) तथा एनएचएम के अधीन कार्यरत चिकित्सकों एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के मनोबल को बढ़ाने के उद्देश्य से उन्हें एक माह (अप्रैल, 2021) के मूल वेतन के समतुल्य प्रोत्साहन राशि प्रदान किया जाना था. इसे लेकर पूरे राज्य के 24 जिलों के लिए 103 करोड़ रुपये आवंटित किये गये थे.

विभाग के प्रभारी की थी प्रोत्साहन राशि देने की पूरी जवाबदेही

राज्य सरकार के चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मियों (संविदा सहित) तथा एनएचएम के अधीन कार्यरत चिकित्सकों एवं अन्य कर्मियों, जिनके द्वारा कोविड-19 रिलेटेड कॉन्ट्रेक्ट ट्रेसिंग, टेस्टिंग, सुपरविजन, कोविड अस्पताल सहित कोविड वार्ड में कार्यरत, कार्यालय तथा कंट्रोल रूम में कोविड से संबंधित कार्यों एवं कोरोना वायरस के रोकथाम एवं चिकित्सा में अपने कर्तव्यों का सम्यक निर्वाहन किया गया हो, वे सभी प्रोत्साहन राशि पाने के लिए पात्र होगा.

इस निमित विभाग द्वारा चिह्नित नियमित एवं संविदा सहित अन्य कर्मी सभी पात्र माने जायेंगे. वैसे चिकित्सक, स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मी, जिनके द्वारा कोविड-19 में अपने कर्तव्यों का निर्वाहन नहीं किया गया है, उन्हें भी यह प्रोत्साहन राशि अमान्य नहीं होगा. प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने के लिए कर्मी की प्रात्रता सनुश्चित करने की पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित कार्यालय प्रधान की थी.

8 सदस्यीय समिति की बैठक में नामों को कर दिया गया दरकिनार

जिले के प्रभारी सिविल सर्जन ओमप्रकाश गुप्ता के पत्रांक 564, 31 मई 2021 के एवज में 2 जुलाई को सर्वप्रथम IDSP कार्यालय से तीन कर्मियों का नाम प्रोत्साहन राशि के लिए समर्पित किया गया था. वहीं 7 जुलाई 2021, को दोबारा IDSP कार्यालय से पांच दैनिक कर्मियों का नाम प्रोत्साहन राशि के लिए सिविल सर्जन को भेजा गया. जिसमें से 10 जुलाई 2021, को सदर अस्पताल में प्रभारी सिविल सर्जन के अध्यक्षता में आहूत 8 सदस्यीय समिति की बैठक में आठ में से दो के नाम पर प्रोत्साहन राशि के भुगतान के लिए मुहर लगायी गयी. IDSP के कोविड-19 कंट्रोल रूम में कार्यरत बाकि के 6 नामों को प्रोत्साहन राशि के भुगतान से साफ तौर पर दरकिनार कर दिया गया.

पर्व त्योहार में भी नहीं मिली छुट्टी, पॉजिटिव होने के बावजूद करते रहे कार्य

जिले के कोविड-19 कंट्रोल रूम में कोरोना के रोकथाम को लेकर कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर पहली व दूसरी लहर के दौरान दिन-रात अपने कर्तव्यों का निर्वाहन करने में लगे रहे है. इन्हें, पर्व-त्योहार के दौरान भी एक भी छुट्टी नहीं मिली है. इतना ही नहीं, कंट्रोल रूम में कार्यरत एक कंप्यूटर ऑपरेटर (शाने आलम) पहली लहर में पॉजिटिव होने के बावजूद क्वॉरेंटिन सेंटर में रहते हुए लैपटॉप के जरिये जिला का कोविड डाटा दुरुस्त करने का कार्य करते रहे है.

जिले के आइडीएसपी कार्यालय से सिविल सर्जन को प्रेसित पत्र में जिक्र किया गया है कि कोरोना काल के समय कोविड से संबंधित सभी दिये गये कार्यों के साथ-साथ कोरोना के रोकथाम में कोविड-19 कंट्रोल रूम में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर (दैनिक मजदूर) ने दिन-रात अर्थात रात 12 बजे तक निष्ठापूर्वक कार्य किया है.

सभी आउटसोर्सिंग कर्मियों को प्रोत्साहन राशि मिलेगी : डीसी

इस संबंध में डीसी अनन्य मित्तल ने कहा कि जिले के कोविड-19 कंट्रोल रूम में कार्य करने वाले कर्मियों को प्रोत्साहन राशि नहीं प्राप्त होने की जानकारी संज्ञान में आयी है. इसे लेकर संबंधित पदाधिकारी पर कार्रवाई की जायेगी. जिन्होंने कोरोना की रोकथाम को लेकर कार्य किया है. सभी को प्रोत्साहन राशि नियमत: दी जायेगी.

मेरे संज्ञान में नहीं आया मामला : कोविड नोडल प्रभारी

वहीं, सदर अनुमंडल पदाधिकारी सह नोडल प्रभारी कोविड शशिंद्र कुमार बड़ाईक ने कहा कि कोविड कंट्रोल रूम में कार्यरत कर्मियों को प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया गया है. यह मेरे संज्ञान में नहीं है. कोविड के रोकथाम को लेकर जिन्होंने ने भी कार्य किया है. सभी को प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जायेगा. मैं मामले को देखता हूं.

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