1. home Hindi News
  2. state
  3. jharkhand
  4. bokaro
  5. there is no confusion about date of holi astrologer gave information about festival of colors smj

Holi 2022: होली की तारीख को लेकर नहीं कोई असमंजस, रंगों के त्योहार को लेकर ज्योतिषाचार्य ने दी यह जानकारी

होली को लेकर काउंटडाउन शुरू हो गया है. ज्योतिषाचार्य के अनुसार, 17 मार्च को होलिका दहन और 19 मार्च को होली है.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
Jharkhand news: होली को लेकर काउंटडाउन शुरू. बाजारों में सज गये आकर्षक मास्क और पिचकारियां.
Jharkhand news: होली को लेकर काउंटडाउन शुरू. बाजारों में सज गये आकर्षक मास्क और पिचकारियां.
प्रभात खबर.

Holi 2022: अवध मां होली खेलैं रघुवीरा...ओ केकरे हाथ ढोलक भल सोहै, केकरे हाथे मंजीरा...आज बिरज में होली रे रसिया, होली रे रसिया, बरजोरी रे रसिया...बाबू कुंवर सिंह तेगवा बहादुर, बंगला में उड़ेला अबीर... होली का काउंटडाउन शुरू हो गया है. होलिका दहन 17 मार्च को और होली 19 मार्च को है. होली पर्व का उल्लास चारों ओर छाया हुआ है. होली की तैयारी को लेकर बाजारों में चहल-पहल बढ़ गयी है. रंग, अबीर के साथ-साथ आकर्षक पिचकारी, कपड़ा सहित उपहार की खरीदारी हो रही है. मिठाई दुकानों में होली को लेकर ड्राईफूड वाले खास उपहार की बिक्री हो रही है.

फगुआ गीतों पर मचने लगा धमाल

ढोलक की थाप और मंजीरों की झंकार के बीच फाग और होली गीतों के बीच गुलाल उड़ रहा है. चारों ओर रंग-बिरंगी छटा बिखर गयी है. चारों ओर होली की मस्ती छायी हुई है. होली को देखते हुए बोकारो-चास के बाजार में काफी चहल-पहल रही. बाजार खुलते ही लोगों की भीड़ विभिन्न बाजारों में उमड़ पड़ी. सिटी सेंटर सेक्टर-4 और चास के मेन रोड और बाइपास में उमड़े भीड़ के कारण कई बार लोगों को जाम से जूझना पड़ा. ज्यादातर रेडीमेड कपड़ों की दुकानों, किराना, रंग-अबीर के साथ ही पिचकारियों के दुकान और मिठाई दुकान पर लोगों की भीड़ उमड़ी रही.

17 मार्च को रात एक बजे के बाद होलिका जलेगी : ज्योतिषाचार्य

श्रीराम मंदिर, सेक्टर-एक के ज्योतिषाचार्य पंडित शिव कुमार शास्त्री ने कहा कि शास्त्र के नियम के अनुसार, चैत्र कृष्ण प्रतिपदा को होली मनायी जाती है. इस वर्ष चैत्र कृष्ण प्रतिपदा 19 मार्च दिन शनिवार को होगी. इसलिए इस साल 19 मार्च को होली मनायी जायेगी. होलिका दहन 17 मार्च को है. 17 मार्च को रात एक बजे के बाद होलिका जलेगी. होलिका दहन के पूर्व रोली, अक्षत, चंदन से होलिका पर पूजन अर्चना करें. इस दौरान भक्त प्रह्लाद और नरसिंह भगवान की आराधना करते हुए होलिका के 5, 7 और 21 फेरे लगाकर होलिका में आग लगायें. इससे पूरे वर्ष सुख-समृद्वि और वैभव का वास होगा. भारतीय सनातन पद्धति में यह पर्व अपने आप में निराला है. इस दिन कोई अपना और पराया नहीं होता है. आपसी भाईचारा व सद्भाव के साथ सभी प्रकार की सामाजिक बंधनों को तोड़कर एक-दूसरे पर रंग-अबीर-गुलाल लगाते हैं. यही हमारी उदार संस्कृति की परिचायक है, जिसे शास्त्रों में 'वसुधैव कुटुम्बकम्' का मूल मंत्र बताया गया है.

रिपोर्ट : सुनील तिवारी, बोकारो.

Prabhat Khabar App :

देश-दुनिया, बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस अपडेट, मोबाइल, गैजेट, क्रिकेट की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

googleplayiosstore
Follow us on Social Media
  • Facebookicon
  • Twitter
  • Instgram
  • youtube

संबंधित खबरें

Share Via :
Published Date

अन्य खबरें