आम केवल फल नहीं, अब बनेगा कमाई का जरिया; ODOP योजना को लेकर बोकारो प्रशासन का बड़ा प्लान
दिशा-निर्देश देते डीसी अजय नाथ झा | Prabhat Khabar Network
बोकारो में 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट' योजना के तहत आम से बने उत्पादों पर विशेष फोकस किया जा रहा है. उपायुक्त ने आम के प्रसंस्करण, पैकेजिंग और बाजार तक पहुंच सुनिश्चित कर ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने का निर्देश दिया.
बोकारो. समाहरणालय कार्यालय कक्ष में सोमवार को उपायुक्त अजय नाथ झा ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) को लेकर बैठक की. बैठक में उत्पाद चयन, कैटलॉग, नमूना और उत्पादों की बाजार संभावनाओं समेत अन्य बिंदुओं पर चर्चा की गयी. उपायुक्त ने आम आधारित उत्पादों की संभावनाओं पर विशेष रूप से काम करने का निर्देश दिया.
उन्होंने कहा कि आम को केवल फल के रूप में नहीं, बल्कि इसके प्रसंस्करण और मूल्यवर्धित उत्पादों के जरिये ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के अवसर के रूप में विकसित किया जाना चाहिए. इसके लिए कार्यशाला आयोजित कर उत्पादकों और संबंधित समूहों को प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया.
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आम से जुड़े मूल्यवर्धित उत्पादों पर फोकस
उपायुक्त ने कहा कि स्थानीय संसाधनों को उत्पाद के रूप में विकसित कर ग्रामीण परिवारों के लिए आय के अतिरिक्त स्रोत तैयार किये जा सकते हैं. उन्होंने आम के प्रसंस्करण, उससे बनने वाले मूल्यवर्धित उत्पादों और उनके बाजार की संभावनाओं पर व्यवस्थित तरीके से काम करने को कहा.
उन्होंने उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर करने के साथ आकर्षक पैकेजिंग और ब्रांडिंग पर भी ध्यान देने का निर्देश दिया. साथ ही स्थानीय स्तर से लेकर राज्य और राष्ट्रीय बाजार तक उत्पाद पहुंचाने की संभावनाओं का अध्ययन करने को कहा.
हर घर में आय का वैकल्पिक स्रोत विकसित करने पर जोर
उपायुक्त ने कहा कि हर घर में आय का एक वैकल्पिक स्रोत होना चाहिए. इसके लिए स्थानीय संसाधन, उपलब्ध कौशल और क्षेत्र की संभावनाओं के आधार पर ऑन-फार्म और ऑफ-फार्म गतिविधियों को बढ़ावा देने की जरूरत है. इससे ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त आय का स्थायी माध्यम उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.
स्थानीय उत्पादों को आजीविका से जोड़ने की पहल
बैठक में स्थानीय सांस्कृतिक पहचान से जुड़े उत्पादों को भी आजीविका गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया गया. उपायुक्त ने ऐसे उत्पादों के उत्पादन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन से जेएसएलपीएस की दीदियों और स्वयं सहायता समूहों को जोड़ने का निर्देश दिया.
उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को नई पहचान और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के साथ ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने की दिशा में ठोस पहल की जानी चाहिए.
कैटलॉग और नमूना तैयार करने का निर्देश
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को उत्पादों का कैटलॉग और नमूना तैयार करने का निर्देश दिया. उन्होंने गुणवत्ता, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार उपलब्ध कराने को लेकर समेकित कार्ययोजना तैयार करने को कहा. साथ ही उत्पादों को स्थानीय बाजार से राज्य और राष्ट्रीय स्तर के बाजार तक पहुंचाने की संभावनाओं का अध्ययन करने का निर्देश दिया.

बैठक में उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, जिला खेल पदाधिकारी हेमलता बून, जिला कल्याण पदाधिकारी सुचिता किरण, जेएसएलपीएस के डीपीएम अनिल डुंगडुंग, एपीआरओ अविनाश कुमार समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद थे.
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