करम महोत्सव 2026: पांच लाख लोगों के जुटने का लक्ष्य, गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड पर नजर

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कार्यक्रम में शामिल गणमान्य लोग  | Prabhat Khabar Network

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बोकारो में करम महोत्सव की तैयारियाँ ज़ोरों पर हैं, जिसमें 5 लाख से अधिक लोगों को जुटाने का लक्ष्य है. यह आयोजन कुड़मी समाज की संस्कृति, पहचान और अधिकारों को बढ़ावा देगा. आयोजक इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने का भी प्रयास कर रहे हैं.

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बोकारो. पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के कोड़ाडीह में 20 सितंबर को प्रस्तावित करम परबतिया जड़ुआहि (करम महोत्सव) को लेकर कसमार प्रखंड के खैराचातर में शुक्रवार को विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. आदिवासी कुड़मी समाज, झारखंड, बंगाल एवं ओडिशा की ओर से आयोजित प्रशिक्षण में सैकड़ों महिलाओं और युवतियों ने बारिश के बीच देर शाम तक करम नृत्य का अभ्यास किया. इस दौरान महोत्सव को व्यापक और यादगार बनाने के साथ अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया गया. ​

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आयोजन की तैयारियों पर हुई चर्चा ​

प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य संरक्षक अजीत प्रसाद महतो, झारखंड प्रदेश संरक्षक दीपक पुनरिआर, प्रदेश उपाध्यक्ष सह जिला प्रभारी अनंत कंड़हरआर, कवि-शिल्पी लालजी महतो समेत समाज के कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे. इस दौरान 20 सितंबर को कोड़ाडीह में होने वाले महोत्सव की तैयारियों और समाज की भागीदारी को लेकर चर्चा की गयी. ​

संस्कृति, पहचान और अधिकार पर रहेगा जोर ​

मुख्य संरक्षक अजीत प्रसाद महतो ने समाज के लोगों से 20 सितंबर को अधिक से अधिक संख्या में कोड़ाडीह पहुंचने की अपील की. उन्होंने कहा कि करम महोत्सव के माध्यम से कुड़मी-कुड़मालि समाज की संस्कृति, पहचान और अधिकार से जुड़े मुद्दों को व्यापक मंच पर रखने की तैयारी है. ​

उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल, असम और ओडिशा के मुख्यमंत्रियों के कार्यक्रम में शामिल होने की सहमति मिलने की बात कही गयी है. उन्होंने कहा कि कुड़मी समाज के हक और पहचान से जुड़े आंदोलन को आगे भी जारी रखा जायेगा. ​

अगली पीढ़ी तक पहुंचेगी सांस्कृतिक विरासत ​

फोटो : करम नृत्य प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल महिलाएं एवं युवतियां  फोटो : कार्यक्रम को संबोधित करते अजीत प्रसाद महतो    | Prabhat Khabar Network
करम नृत्य प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल महिलाएं एवं युवतियां | Prabhat Khabar Network

झारखंड प्रदेश संरक्षक दीपक पुनरिआर ने कहा कि करम परब कुड़मी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और पहचान से जुड़ा पर्व है. ऐसे आयोजन संस्कृति और परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बनते हैं. उन्होंने बारिश के बावजूद प्रशिक्षण में महिलाओं और युवतियों की बड़ी भागीदारी को समाज की सांस्कृतिक एकजुटता का प्रमाण बताया. ​

पांच लाख से अधिक लोगों को जुटाने का लक्ष्य ​

प्रशिक्षण के दौरान करम नृत्य की विभिन्न गतिविधियों का अभ्यास कराया गया. आयोजकों के अनुसार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा से बड़ी संख्या में लोग महोत्सव में शामिल होंगे. इसके लिए गांव-गांव संपर्क अभियान चलाया जा रहा है. ​

आयोजकों ने कोड़ाडीह में पांच लाख से अधिक लोगों की भागीदारी का लक्ष्य रखा है. साथ ही आयोजन को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने का प्रयास करने की बात कही गयी है. हालांकि, यह लक्ष्य और रिकॉर्ड संबंधी दावा आयोजकों की ओर से किया गया है.

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